न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन डायोसीस ने अब करीब 1,100 चाइल्ड सेक्सुअल अब्यूज के केस सेटल करने का फैसला किया है। ये केस ज्यादातर 1960 और 1970 के दशक के हैं, जहां रोमन कैथोलिक पादरी और चर्च के स्टाफ पर बच्चों के साथ सेक्सुअल अब्यूज के आरोप लगे हैं।
बिशप का लेटर और प्लान
बिशप रॉबर्ट ब्रेनन ने गुरुवार को एक लेटर में यह बात कही। उन्होंने लिखा कि डायोसीस अब इन बाकी केस को “ग्लोबल रेजोल्यूशन” यानी एक साथ सेटल करने की कोशिश करेगा, कोर्ट के बाहर। इसका मतलब है कि अलग-अलग ट्रायल की बजाय मीडिएशन के जरिए सबके साथ समझौता होगा। बिशप ने कहा, “हमारे लिए ये मुश्किल फाइनेंशियल फैसले लेने पड़ेंगे, लेकिन डायोसीस सभी वैध क्लेम को फेयर तरीके से कंपेंसेट करने के लिए कमिटेड है।” उन्होंने ये भी बताया कि विक्टिम्स के वकीलों से बात हुई है और वे मानते हैं कि कोर्ट ट्रायल से बचना सबके लिए बेहतर होगा – क्योंकि ट्रायल में समय, पैसा और इमोशनल स्ट्रेस बहुत ज्यादा होता है।
पहले से क्या हुआ है
2017 में डायोसीस ने इंडिपेंडेंट रिकॉन्सिलिएशन एंड कंपेंसेशन प्रोग्राम (IRCP) शुरू किया था। इसके तहत अब तक 500 से ज्यादा सर्वाइवर्स को 100 मिलियन डॉलर से ज्यादा की रकम दी जा चुकी है। ये पैसे पैरिशनर्स के डोनेशन से नहीं आए हैं। अब बाकी 1,100 केस के लिए भी इसी तरह का रास्ता अपनाया जा रहा है।
पैसे कहां से आएंगे
सेटलमेंट के लिए बहुत बड़ी रकम चाहिए होगी – सैकड़ों मिलियन डॉलर। इसके लिए डायोसीस रियल एस्टेट बेचेगी, खर्चे काटेगी और फंड्स साइड में रखेगी। ये सब मिलाकर सेटलमेंट को फंड करेगा।पड़ोस का उदाहरण
पड़ोसी आर्कडायोसीस ऑफ न्यूयॉर्क ने दिसंबर में 1,300 लोगों के क्लेम के लिए 300 मिलियन डॉलर का सेटलमेंट प्लान किया था। ब्रुकलिन का ये कदम भी उसी दिशा में है।
मीडिएटर कौन
मीडिएशन के लिए रिटायर्ड जज डैनियल बकले को चुना गया है। वे पहले लॉस एंजिल्स में 1,000 से ज्यादा केस के 880 मिलियन डॉलर सेटलमेंट में मीडिएटर थे। ये कदम डायोसीस की तरफ से उन लोगों को क्लोजर देने की कोशिश है जो सालों पहले अब्यूज के शिकार हुए थे। अब फोकस इन क्लेम को जल्द और फेयर तरीके से सॉल्व करने पर है।











