आज के डिजिटल दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI हमारी ज़िंदगी का हिस्सा बन चुका है। पढ़ाई, नौकरी, खाना बनाने की रेसिपी, यात्रा की योजना और यहां तक कि सेहत से जुड़े सवालों के लिए भी लोग AI से सलाह लेने लगे हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि AI से पूछकर दवा लेना कितना खतरनाक हो सकता है?
आजकल कई लोग डॉक्टर के पास जाने की बजाय इंटरनेट या AI से अपने लक्षण बताकर दवा के नाम पूछ लेते हैं। उन्हें लगता है कि इससे समय और पैसे दोनों की बचत हो जाएगी। लेकिन यह आदत गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। AI एक मशीन है, वह इंसान की तरह पूरी स्थिति को समझ नहीं सकता। वह केवल उपलब्ध जानकारी के आधार पर जवाब देता है, जो हर व्यक्ति के लिए सही हो, यह जरूरी नहीं। हर इंसान का शरीर अलग होता है। किसी दवा का असर उम्र, वजन, पहले से मौजूद बीमारियों और अन्य दवाओं पर निर्भर करता है। AI इन सभी बातों का सही आकलन नहीं कर सकता। गलत दवा लेने से एलर्जी, उल्टी, चक्कर, पेट खराब होना, ब्लड प्रेशर बिगड़ना और कई बार जान का खतरा भी हो सकता है।
इसके अलावा, कई बीमारियों के लक्षण एक जैसे होते हैं। जैसे बुखार साधारण वायरल का भी हो सकता है और डेंगू या टाइफाइड जैसी गंभीर बीमारी का भी। अगर AI से पूछकर सामान्य दवा ले ली जाए और बीमारी गंभीर हो, तो इलाज में देरी जानलेवा साबित हो सकती है। क और बड़ी समस्या यह है कि AI डॉक्टर नहीं है। वह जांच, टेस्ट और मरीज की सही स्थिति देखकर निर्णय नहीं ले सकता। डॉक्टर मरीज की पूरी हिस्ट्री, जांच रिपोर्ट और शारीरिक परीक्षण के बाद ही दवा लिखते हैं। यही सही और सुरक्षित तरीका है। AI का उपयोग केवल जानकारी लेने के लिए करना चाहिए, न कि इलाज के लिए। अगर आपको किसी बीमारी के लक्षण दिखें, तो तुरंत योग्य डॉक्टर से संपर्क करें। खुद से या AI की सलाह पर दवा लेना समझदारी नहीं है।

















