देश की राजधानी दिल्ली में छह दिन की थोड़ी राहत के बाद हवा की क्वालिटी एक बार फिर बहुत खराब हो गई है। बुधवार को शाम 4 बजे दिल्ली का AQI 305 पहुंच गया, जो ‘बहुत खराब’ कैटेगरी में आता है। मंगलवार को इसी समय ये 271 था, यानी ‘खराब’ कैटेगरी में। इससे पहले 4 फरवरी को आखिरी बार बहुत खराब हवा देखी गई थी, तब AQI 339 तक गया था।
4 फरवरी के बाद से दिल्ली की हवा ज्यादातर ‘खराब’ या ‘मध्यम’ के बीच रह रही थी। पिछले हफ्ते ओजोन का लेवल भी अपेक्षाकृत कम रहा था। लेकिन अब धूल और बदलती हवा की दिशा की वजह से PM10 और PM2.5 के स्तर बढ़ गए हैं, जिससे हवा में धुंध जैसी स्थिति बन गई है।
तापमान और मौसम का हाल
बुधवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 27.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से चार डिग्री ज्यादा है। न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री रहा, जो सामान्य से तीन डिग्री ज्यादा था। एक दिन पहले अधिकतम 28.6 और न्यूनतम 9.2 डिग्री था। गुरुवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 25-27 और 11-13 डिग्री के आसपास रहने की उम्मीद है।
हवा की क्वालिटी हो रही खराब
IITM के अर्ली वॉर्निंग सिस्टम के मुताबिक, 12 से 14 फरवरी तक हवा ‘खराब’ कैटेगरी में ही रहने वाली है। अगले छह दिनों में भी लगभग ऐसी ही स्थिति बनी रह सकती है।
बारिश कब आएगी?
Skymet के मौसम विशेषज्ञ महेश पलावत के अनुसार 13 फरवरी को एक पश्चिमी विक्षोभ आएगा, जो ज्यादातर पहाड़ी इलाकों को प्रभावित करेगा। उसके बाद 16 फरवरी की रात से दूसरा विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके चलते पश्चिमी राजस्थान में साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनेगा और दिल्ली से गुजरात तक एक ट्रफ लाइन बनेगी। अरब सागर से नमी भी आएगी।
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इस वजह से हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में 16 फरवरी के बाद बिखरी हुई हल्की बारिश हो सकती है। बारिश ज्यादा तेज या लगातार नहीं होगी, बस गुजरने वाली हल्की बौछारें पड़ सकती हैं।
धूल कम करने के लिए नई गाइडलाइंस
CAQM (कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट) ने NCR में सड़कों की मैकेनाइज्ड सफाई के लिए एकसमान नियम बना दिए हैं। अब सभी रोड ओनिंग और मेंटेनेंस एजेंसियों को सड़क की चौड़ाई के हिसाब से मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग मशीनें लगानी होंगी। इसका मकसद हवा में उड़ने वाली धूल को कम करना है, क्योंकि धूल PM10 और PM2.5 बढ़ाने में काफी योगदान देती है।













