झारखंड के औद्योगिक शहर जमशेदपुर में आतंकी संगठनों के स्लीपर सेल सक्रिय होने की वजह से यह राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के रडार पर है। शहर को आतंकी साजिशों का एक बड़ा केंद्र माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां यहां लगातार छापेमारी, पूछताछ और निगरानी बढ़ा रही हैं। हाल के महीनों में अलकायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से जुड़े कुछ संदिग्धों की गिरफ्तारी हुई है, जिसके बाद झारखंड ATS और NIA की टीमें सक्रिय हो गई हैं।
हालिया गिरफ्तारियां
पिछले कुछ सालों में जमशेदपुर से कई लोग आतंकी कनेक्शन के आरोप में पकड़े गए हैं। दिसंबर 2023 में NIA ने जुगसलाई इलाके से शाहबाज नाम के एक मोबाइल टावर कर्मी को गिरफ्तार किया था। इससे पहले अगस्त 2024 में रांची से डॉ. इश्तियाक अहमद (जाकिर नगर निवासी) को पकड़ा गया। उस पर भारत को इस्लामिक स्टेट बनाने की साजिश रचने और आतंकी मॉड्यूल चलाने का आरोप है। हाल ही में कपाली इलाके के कुछ युवकों से भी पूछताछ हुई।
2016 में धतकीडीह के अब्दुल समी और ओडिशा के अब्दुल रहमान कटकी को अलकायदा से जुड़े होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। कुछ मामलों में सबूतों की कमी से लोग बरी भी हुए, लेकिन एजेंसियों का मानना है कि स्लीपर सेल अभी भी सक्रिय हैं।
29 संदिग्धों की लिस्ट और फरार सरगना
जांच में कुल 29 संदिग्धों के नाम सामने आए हैं। इनमें सबसे प्रमुख नाम सैयद मोहम्मद अर्शियान (मानगो के आजाद नगर, जाकिर नगर रोड नंबर-14 निवासी) का है। वह लंबे समय से फरार है और उसके खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया हुआ है। आरोप है कि अर्शियान भारत और विदेशों में आतंकी हमलों की साजिश रच रहा है। वह अलकायदा का कथित प्रदेश संचालक अबु सुफियान से भी जुड़ा बताया जाता है।
अर्शियान के भाई जीशान अली को सऊदी अरब से प्रत्यर्पित कर दिल्ली में गिरफ्तार किया गया था। NIA और ATS पुरानी लिस्ट को फिर से जांच रही हैं। निगरानी वाले मुख्य इलाके हैं – मानगो, आजाद नगर, जाकिर नगर।
कुछ अनसुलझी घटनाएं
शहर में कुछ पुरानी घटनाएं अभी तक पूरी तरह सुलझी नहीं हैं। 17 अगस्त 2015 को बिष्टुपुर कालीबाड़ी मंदिर के पीछे डस्टबिन में धमाका हुआ था, जिसकी NIA जांच के बावजूद वजह साफ नहीं हुई। जून 2005 में जुगसलाई के एक होटल से टाइम बम बरामद हुआ था, आरोपी शहनवाज आज भी फरार है। इसके अलावा 2013 में पटना ब्लास्ट मामले में जमशेदपुर से एक संदिग्ध को NIA ने उठाया था। 2014 में पश्चिम बंगाल के वर्द्धमान विस्फोट कांड में आजाद नगर के शीश महमूद को पकड़ा गया। 2015 में दिल्ली से गिरफ्तार अलकायदा के भारत प्रमुख मोहम्मद आसिफ के तार भी जमशेदपुर से जुड़े मिले थे।















