मणिपुर की राजनीति में बड़ा बदलाव हुआ है। युमनाम खेमचंद सिंह को राज्य का नया मुख्यमंत्री चुना गया है। उन्हें बीजेपी विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद यह जिम्मेदारी सौंपी गई। पार्टी के भीतर लंबे समय से सक्रिय और भरोसेमंद चेहरे के रूप में पहचाने जाने वाले खेमचंद सिंह अब राज्य की कमान संभालेंगे।
मेतई समुदाय से आते हैं खेमचंद सिंह
युमनाम खेमचंद सिंह मेतई समुदाय से ताल्लुक रखते हैं, जो मणिपुर की राजनीति में अहम भूमिका निभाता है। वे सिंगजामेई विधानसभा सीट से विधायक हैं। उनकी सामाजिक और राजनीतिक पकड़ को देखते हुए पार्टी ने उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है, जिससे क्षेत्रीय संतुलन साधने का भी संदेश गया है।
इंजीनियर से राजनीति तक का सफर
राजनीति में आने से पहले खेमचंद सिंह एक इंजीनियर रह चुके हैं। तकनीकी पृष्ठभूमि से आने के कारण उन्हें प्रशासनिक मामलों की अच्छी समझ रखने वाला नेता माना जाता है। यही वजह है कि संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर उनकी छवि एक कार्यकुशल और योजनाबद्ध नेता की रही है।
बीरेन सरकार में निभा चुके हैं अहम भूमिका
62 वर्षीय खेमचंद सिंह इससे पहले एन बीरेन सिंह सरकार में नगर प्रशासन और आवास विभाग के मंत्री रह चुके हैं। इन विभागों में रहते हुए उन्होंने शहरी विकास और आवास से जुड़े कई अहम फैसलों में भूमिका निभाई, जिससे सरकार के भीतर उनका कद और मजबूत हुआ।
2022 में भी सीएम पद के दावेदार थे
खेमचंद सिंह का सियासी रसूख इस बात से समझा जा सकता है कि 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद वे मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदारों में शामिल थे। हालांकि उस समय पार्टी ने बीरेन सिंह पर भरोसा जताया, लेकिन खेमचंद सिंह की दावेदारी ने उन्हें राज्य की राजनीति में एक मजबूत चेहरे के रूप में स्थापित कर दिया।
संगठनात्मक सोच और अनुशासन के कारण वे बीजेपी नेतृत्व की पसंद बने हुए हैं। अब मुख्यमंत्री बनने के बाद उनसे मणिपुर में स्थिरता, विकास और राजनीतिक संतुलन साधने की उम्मीद की जा रही है।













