बांग्लादेश इस्लामिक कट्टरपंथ की आग में जल रहा है। वहां कट्टरपंथी लगातार हिन्दुओं पर हमले कर रहे हैं। ताजा मामला नरसिंगदी जिले का है, जहां 23 साल के हिंदू युवक चंचल चंद्र भौमिक को जिंदा जला दिया गया। ये वारदात 23 जनवरी की आधी रात की है, जब एक ऑटोमोबाइल गैरेज में काम करने वाला चंचल काम के बाद वहीं सो रहा था। लेकिन उसकी सुबह नहीं हो सकी। हमलावरों ने गैरेज को आग लगा दी और वह जिंदा जल गया।
कौन था चंचल?
चंचल चंद्र भौमिक मूल रूप से कुमिल्ला जिले के बारुरा उपजिला के लक्ष्मीपुर गांव का रहने वाला था। उसके पिता का नाम खोकोन चंद्र भौमिक है। पिछले कुछ सालों से वह नरसिंगदी में एक गैरेज में गाड़ियों का मिस्त्री (मैकेनिक) बनकर काम कर रहा था। वहां ही वह सोता भी था, क्योंकि काम की वजह से रात को दुकान पर ही रहना पड़ता था।
क्या है पूरा घटनाक्रम
रिपोर्ट्स के अनुसार, शुक्रवार की आधी रात के आसपास अज्ञात हमलावरों ने गैरेज में आग लगा दी। चंचल उस वक्त सो रहा था। आग इतनी तेज लगी कि वह बचकर भाग नहीं सका और जिंदा जल गया। सुबह उसके जले हुए शव मिले। पुलिस और स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह घटना गैरेज के अंदर हुई और शरीर बुरी तरह झुलस गया था। परिवार वाले और आसपास के लोग इसे सुनियोजित हत्या मान रहे हैं। उनका कहना है कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि जानबूझकर किया गया हमला था। हालांकि अभी तक ठीक-ठीक वजह या मकसद के बारे में कोई पक्की जानकारी नहीं आई है। कुछ रिपोर्ट्स में इसे अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
पुलिस की कार्रवाई
नरसिंगदी सदर मॉडल थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी है। अभी तक किसी की गिरफ्तारी की खबर नहीं है। पुलिस का कहना है कि वे सभी एंगल से जांच कर रहे हैं, जैसे कि आग कैसे लगी, कोई पुरानी रंजिश तो नहीं थी, या कोई और वजह। पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक जांच भी हो रही है। यह घटना बांग्लादेश में हाल के समय में अल्पसंख्यक समुदाय, खासकर हिंदुओं पर हो रही घटनाओं के बीच आई है, जिससे वहां के लोग डरे हुए हैं।
















