सरकार ने नेशनल हाईवे पर टोल टैक्स के नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जिससे यात्रियों को काफी राहत मिलने वाली है। खासकर उन रास्तों पर जहां सड़क को चौड़ा करने या अपग्रेड करने का काम चल रहा है, वहां टोल में भारी छूट दी गई है। यह फैसला सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) और एनएचएआई (NHAI) की तरफ से लिया गया है। नए नियम नए साल से लागू हो चुके हैं और सरकार ने इसके लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है।
मुख्य बदलाव क्या हैं?
दो लेन वाली नेशनल हाईवे को चार लेन या उससे ज्यादा में अपग्रेड करने के दौरान, जहां काम चल रहा होता है, वहां यात्रियों को सिर्फ 30% टोल ही देना होगा। यानी 70% तक की छूट मिलेगी। मतलब, पहले जितना टोल लगता था, उसका सिर्फ एक तिहाई हिस्सा ही चुकाना पड़ेगा। यह छूट काम शुरू होने की तारीख से लेकर प्रोजेक्ट पूरा होने तक लागू रहेगी।
अगर चार लेन वाली सड़क को छह या आठ लेन में बदला जा रहा है, तो वहां 25% की छूट मिलेगी। यानी 75% टोल देना होगा। काम पूरा होने के बाद टोल सामान्य नियम के मुताबिक सिर्फ 40% तक सीमित रहेगा, जैसा पहले से चल रहा है।
किन सड़कों पर मिलेगी ये छूट?
यह नियम खासतौर पर उन दो लेन वाली नेशनल हाईवे पर लागू होता है, जिन्हें चार लेन या उससे ज्यादा में बदला जा रहा है। देशभर में ऐसे करीब 25,000 से 30,000 किलोमीटर सड़कें हैं, जहां यह काम चल रहा है या होने वाला है। इन अपग्रेड प्रोजेक्ट्स पर लगभग 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश हो रहा है।
किसको फायदा होगा?
सबसे ज्यादा फायदा उन लोगों को होगा जो रोज या बार-बार इन हाईवे से गुजरते हैं। चाहे वो आम यात्री हों या कमर्शियल वाहन चलाने वाले ड्राइवर। खासकर ट्रक और ट्रांसपोर्ट वाले लोगों को राहत मिलेगी, क्योंकि चार लेन होने से उनकी औसत स्पीड 30-35 किलोमीटर प्रति घंटा से बढ़कर 50 किलोमीटर प्रति घंटा से ज्यादा हो जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि फ्रेट ट्रांसपोर्ट का हिस्सा नेशनल हाईवे पर 40% से बढ़ाकर 80% तक किया जाए।
हर साल 7-10% बढ़ता है टोल रेट
एनएचएआई हर साल टोल रेट्स में 7-10% की बढ़ोतरी करती है, लेकिन निर्माण के दौरान ये नए नियम उस बढ़ोतरी को ओवरराइड कर देंगे और छूट वाली दर ही लागू रहेगी। यह बदलाव नेशनल हाईवे फीस रूल्स, 2008 में संशोधन करके किया गया है।











