ईरान से सुरक्षित वापसी: स्वदेश वापस लौटे लोगों ने कहा-'मोदी हैं तो मुमकिन है'
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ईरान से सुरक्षित वापसी: स्वदेश वापस लौटे लोगों ने कहा-‘मोदी हैं तो मुमकिन है’

ईरान में हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच 17 जनवरी 2026 को दिल्ली लौटे भारतीय नागरिकों ने कहा- "मोदी हैं तो मुमकिन है"। महंगाई, इंटरनेट बंदी और तनावपूर्ण हालात में MEA की मदद से छात्र, व्यापारी और तीर्थयात्री सुरक्षित स्वदेश पहुंचे।

Written byकुलदीप सिंहकुलदीप सिंह
Jan 17, 2026, 07:30 am IST
in विश्व
People return to India says Modi hain toh mumkin hai

‘मोदी हैं तो मुमकिन है’, ये वो खुशी है उन भारतीयों की, जो संकटग्रस्त ईरान से वापस स्वदेश लाए गए हैं। इन लोगों को 17 जनवरी 2026 की रात वापस दिल्ली लाया गया। इन नागरिकों ने ईरान में बने हालात के बारे में अपनी बातें बताईं। वे लोग छात्र, व्यापारी और तीर्थयात्री थे, जो वहां से सुरक्षित वापस आ गए। ईरान में पिछले कुछ हफ्तों से विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं, जिसकी वजह से स्थिति बहुत तनावपूर्ण हो गई है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने वहां के हालात पर नजर रखी हुई है और अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठा रहा है।

ईरान में क्या हो रहा है

ईरान में आर्थिक और सामाजिक समस्याएं बहुत गहरी हैं। ईरानी रियाल की कीमत बहुत गिर गई है – एक डॉलर अब करीब 14.6 लाख रियाल तक पहुंच गया है। खाने-पीने की चीजों पर महंगाई 80 फीसदी तक हो गई है, बेरोजगारी चरम पर है, पानी की भारी किल्लत है और बिजली कटौतियां आम बात हो गई हैं। विरोध प्रदर्शन 28 दिसंबर 2025 को तेहरान के ग्रैंड बाजार से शुरू हुए थे। अब ये पूरे 31 प्रांतों में फैल चुके हैं। पिछले एक-दो हफ्तों में हालात बेकाबू हो गए हैं। इंटरनेट पूरी तरह बंद कर दिया गया है, जिससे लोग अपने परिवारों को अपनी सेफ्टी के बारे में बता भी नहीं पा रहे।

वापस लौटे लोगों के अनुभव

लौटे हुए भारतीयों ने बताया कि वहां के हालात युद्ध जैसे लग रहे थे। एक छात्र ने कहा कि इंटरनेट बिल्कुल बंद था और प्रदर्शनकारी कारों के सामने आकर रुक जाते थे, इसलिए बाहर जाना सुरक्षित नहीं था। जम्मू-कश्मीर के एक व्यक्ति ने बताया कि प्रदर्शन बहुत खतरनाक स्तर पर थे। एक रिश्तेदार ने अपनी मौसी का जिक्र किया, जो जियारत (तीर्थयात्रा) के लिए गई थीं। तीन दिन तक उनसे कोई संपर्क नहीं हुआ, लेकिन सरकार की मदद से वे सुरक्षित लौट आईं। एक लौटे व्यक्ति ने कहा, “वहां स्थिति बहुत खराब है। भारतीय सरकार ने बहुत सहयोग किया, दूतावास ने जल्दी निकलने की सलाह दी। मोदी जी हैं तो सब मुमकिन है।” कई लोगों ने बताया कि सड़कों पर प्रदर्शन, आगजनी और गाड़ियां जलाने की घटनाएं हो रही थीं।

सरकार ने क्या किया

भारत सरकार ने जनवरी की शुरुआत से ही सावधानी बरतनी शुरू कर दी। 5 जनवरी 2026 को अनावश्यक यात्रा न करने की एडवाइजरी जारी की गई। 14 से 16 जनवरी के बीच दूतावास ने छात्रों, व्यापारियों और तीर्थयात्रियों को तुरंत कमर्शियल फ्लाइट्स या आर्मेनिया के रास्ते सड़क मार्ग से निकलने को कहा। तेहरान में भारतीय दूतावास ने 24 घंटे हेल्पलाइन नंबर जारी किए। ईरान में करीब 10,000 से 15,000 भारतीय फंसे हुए थे। विदेश मंत्रालय ने ईरान जाने से मना किया और वहां मौजूद लोगों से प्रदर्शन वाली जगहों से दूर रहने को कहा।

Topics: MEA एडवाइजरीतेहरान प्रदर्शनईरान विरोध प्रदर्शनIndian citizens return from IranIran protestsModi makes it possibleIndians Return from Iraninternet shut down in IranTehran protestsMEA Advisoryभारतीय नागरिक ईरान वापसीमोदी हैं तो मुमकिन हैईरान से भारतीय लौटेईरान में इंटरनेट बंद
कुलदीप सिंह
कुलदीप सिंह
नागपुर स्थित राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज विद्यापीठ (नागपुर यूनिवर्सिटी) से मॉस कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट। बीते एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विशेष रुचि। पत्रकारिता की इस यात्रा की शुरुआत नागपुर नवभारत में इंटर्नशिप से शुरू होती है, तदोपरांत GTPL न्यूज चैनल, लोकमत समाचार, ग्रामसभा मेल, मोबाइल न्यूज 24 और Way2News हैदराबाद के बाद अब पाञ्चजन्य के साथ सफर जारी है। [Read more]
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