‘मोदी हैं तो मुमकिन है’, ये वो खुशी है उन भारतीयों की, जो संकटग्रस्त ईरान से वापस स्वदेश लाए गए हैं। इन लोगों को 17 जनवरी 2026 की रात वापस दिल्ली लाया गया। इन नागरिकों ने ईरान में बने हालात के बारे में अपनी बातें बताईं। वे लोग छात्र, व्यापारी और तीर्थयात्री थे, जो वहां से सुरक्षित वापस आ गए। ईरान में पिछले कुछ हफ्तों से विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं, जिसकी वजह से स्थिति बहुत तनावपूर्ण हो गई है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने वहां के हालात पर नजर रखी हुई है और अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठा रहा है।
ईरान में क्या हो रहा है
ईरान में आर्थिक और सामाजिक समस्याएं बहुत गहरी हैं। ईरानी रियाल की कीमत बहुत गिर गई है – एक डॉलर अब करीब 14.6 लाख रियाल तक पहुंच गया है। खाने-पीने की चीजों पर महंगाई 80 फीसदी तक हो गई है, बेरोजगारी चरम पर है, पानी की भारी किल्लत है और बिजली कटौतियां आम बात हो गई हैं। विरोध प्रदर्शन 28 दिसंबर 2025 को तेहरान के ग्रैंड बाजार से शुरू हुए थे। अब ये पूरे 31 प्रांतों में फैल चुके हैं। पिछले एक-दो हफ्तों में हालात बेकाबू हो गए हैं। इंटरनेट पूरी तरह बंद कर दिया गया है, जिससे लोग अपने परिवारों को अपनी सेफ्टी के बारे में बता भी नहीं पा रहे।
वापस लौटे लोगों के अनुभव
लौटे हुए भारतीयों ने बताया कि वहां के हालात युद्ध जैसे लग रहे थे। एक छात्र ने कहा कि इंटरनेट बिल्कुल बंद था और प्रदर्शनकारी कारों के सामने आकर रुक जाते थे, इसलिए बाहर जाना सुरक्षित नहीं था। जम्मू-कश्मीर के एक व्यक्ति ने बताया कि प्रदर्शन बहुत खतरनाक स्तर पर थे। एक रिश्तेदार ने अपनी मौसी का जिक्र किया, जो जियारत (तीर्थयात्रा) के लिए गई थीं। तीन दिन तक उनसे कोई संपर्क नहीं हुआ, लेकिन सरकार की मदद से वे सुरक्षित लौट आईं। एक लौटे व्यक्ति ने कहा, “वहां स्थिति बहुत खराब है। भारतीय सरकार ने बहुत सहयोग किया, दूतावास ने जल्दी निकलने की सलाह दी। मोदी जी हैं तो सब मुमकिन है।” कई लोगों ने बताया कि सड़कों पर प्रदर्शन, आगजनी और गाड़ियां जलाने की घटनाएं हो रही थीं।
सरकार ने क्या किया
भारत सरकार ने जनवरी की शुरुआत से ही सावधानी बरतनी शुरू कर दी। 5 जनवरी 2026 को अनावश्यक यात्रा न करने की एडवाइजरी जारी की गई। 14 से 16 जनवरी के बीच दूतावास ने छात्रों, व्यापारियों और तीर्थयात्रियों को तुरंत कमर्शियल फ्लाइट्स या आर्मेनिया के रास्ते सड़क मार्ग से निकलने को कहा। तेहरान में भारतीय दूतावास ने 24 घंटे हेल्पलाइन नंबर जारी किए। ईरान में करीब 10,000 से 15,000 भारतीय फंसे हुए थे। विदेश मंत्रालय ने ईरान जाने से मना किया और वहां मौजूद लोगों से प्रदर्शन वाली जगहों से दूर रहने को कहा।

















