अमेरिका ने एक बार फिर से सीरिया में आईएसआईएस के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। इस ऑपरेशन का नाम है ‘ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक’। इस हमले में अमेरिका ने एक साथ कई सारे आतंकी ठिकानों पर ताबड़तोड़ एयरस्ट्राइक की।
दरअसल, अमेरिका का ये ताजा हमला दिसंबर 2025 में हुए एक हमले से जुड़ा है। 13 दिसंबर को सीरिया के पलमायरा इलाके में आईएसआईएस से जुड़े एक आतंकवादी ने घात लगाकर हमला किया था। इसमें दो अमेरिकी सैनिक (जो आयोवा नेशनल गार्ड से थे) और एक अमेरिकी नागरिक इंटरप्रेटर मारे गए थे। तीन अन्य अमेरिकी सैनिक घायल भी हुए थे। अमेरिकी सेना का कहना है कि ये हमला सीधे आईएसआईएस का था।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि शनिवार को दोपहर करीब 12:30 बजे (ईस्टर्न टाइम) अमेरिकी और उनके सहयोगी बलों ने मिलकर सीरिया भर में कई आईएसआईएस के ठिकानों पर हमले किए। ये हमले ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक का हिस्सा थे, जो ठीक उसी दिसंबर के हमले का बदला लेने के लिए शुरू किया गया था।
CENTCOM ने अपने बयान में लिखा – “आज के हमलों में पूरे सीरिया में आईएसआईएस को निशाना बनाया गया।” उन्होंने ये भी कहा कि ये कार्रवाई “पलमायरा में अमेरिकी और सीरियाई बलों पर हुए घातक आईएसआईएस हमले का सीधा जवाब” है।
क्या है पूरा मामला
ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक की शुरुआत 19 दिसंबर 2025 को हुई थी। उस वक्त अमेरिका और जॉर्डन ने मिलकर सीरिया में 70 से ज्यादा आईएसआईएस ठिकानों पर 100 से अधिक सटीक हथियारों से हमला किया था। इसमें F-15 फाइटर जेट, A-10 अटैक एयरक्राफ्ट, AH-64 अपाचे हेलीकॉप्टर और HIMARS रॉकेट सिस्टम का इस्तेमाल हुआ था।
शनिवार के हमले इस ऑपरेशन की अगली बड़ी कड़ी हैं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इन हमलों में दर्जनों आईएसआईएस के ठिकानों को निशाना बनाया गया। कुछ रिपोर्ट्स में बताया गया कि 35 से ज्यादा जगहों पर हमले हुए और 90 से ज्यादा सटीक हथियार इस्तेमाल किए गए। इसमें 20 से ज्यादा विमान शामिल थे।
निशाने पर क्या-क्या थे?
हमलों में आईएसआईएस के कमांड सेंटर, हथियारों के गोदाम, ट्रेनिंग कैंप, ड्रोन साइट्स और लॉजिस्टिक हब को टारगेट किया गया। ये ज्यादातर सीरिया के मध्य और पूर्वी इलाकों में थे – जैसे पलमायरा के पास जबल अल-अमूर, रक्का के मादान रेगिस्तान और देइर एज-जोर के अल-हम्माद रेगिस्तान। सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स (SOHR) ने बताया कि इन हमलों में कम से कम 5 आईएसआईएस के सदस्य मारे गए, जिनमें एक ऐसा सेल लीडर भी शामिल था जो ग्रुप के ड्रोन ऑपरेशंस चलाता था।
क्या कहता है अमेरिका
CENTCOM की तरफ से दो टूक कहा गया, “हमारा मैसेज बिल्कुल क्लियर है: अगर तुम हमारे सैनिकों को नुकसान पहुंचाओगे, तो हम तुम्हें दुनिया में कहीं भी ढूंढकर मार डालेंगे, चाहे तुम कितना भी छिपने की कोशिश करो।”












