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VB-G RAM G अधिनियम: भ्रष्टाचार के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक

महात्मा गांधी जी के ग्राम स्वराज, पं. दीनदयाल उपाध्याय जी के अंत्योदय दर्शन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत@2047 विज़न से प्रेरित यह अधिनियम सुनिश्चित करता है कि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे।

Written byसंजय सेठसंजय सेठ
Jan 10, 2026, 10:39 pm IST
inभारत
प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

भारत के ग्रामीण क्षेत्रों का विकास अब केवल योजनाओं और नामों तक सीमित नहीं रह गया है। विकसित भारत गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 (VB-G RAM G) ग्रामीण रोजगार और इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक परिवर्तन लाया है। यह अधिनियम केवल MGNREGA का नाम बदलने का साधारण प्रयास नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण रोजगार और अवसंरचना को आधुनिक, पारदर्शी और डेटा-आधारित बनाने वाला व्यापक सुधार है। इस कानून के तहत ग्रामीण भारत अब केवल आंकड़ों और कागजी रिपोर्टों में नहीं, बल्कि वास्तविक विकास और स्थायी बदलाव में बदलने जा रहा है।
यह अधिनियम महात्मा गांधी जी के ग्राम स्वराज, पं. दीनदयाल उपाध्याय जी के अंत्योदय दर्शन, और हमारे आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के Viksit Bharat@2047 विज़न को एक साथ जोड़ता है। अब ग्रामीण भारत केवल नामों में नहीं, बल्कि सतत, समग्र और सशक्त विकास के रूप में सामने आएगा।
स्थानीय योजना और राष्ट्रीय समन्वय का सामंजस्य
VB-G RAM G अधिनियम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है स्थानीय स्तर पर योजना निर्माण और राष्ट्रीय स्तर पर समन्वय। प्रत्येक ग्राम पंचायत अब अपने क्षेत्र की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुसार Viksit Gram Panchayat Plans तैयार करेगी। ये योजनाएँ PM Gati-Shakti, GIS मैपिंग, बायोमेट्रिक उपस्थिति, जियो-टैगिंग और AI आधारित ऑडिट के माध्यम से Viksit Bharat National Rural Infrastructure Stack से जुड़ेंगी।
इस कदम का उद्देश्य केवल योजना निर्माण तक सीमित नहीं है। यह ग्रामीण प्रशासन की सशक्तिकरण, योजना क्रियान्वयन में जवाबदेही और भ्रष्टाचार को कम करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है। राज्यों और पंचायतों को अब यह अधिकार है कि वे स्थानीय महत्व और विकास की प्राथमिकता के अनुसार योजनाओं को क्रियान्वित करें। इससे ग्रामीण परियोजनाओं की गुणवत्ता, समय पर क्रियान्वयन और लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित होगी।

ग्रामीण रोजगार की गारंटी और वित्तीय अनुशासन
VB-G RAM G अधिनियम के तहत ग्रामीण मजदूरों को वार्षिक 125 दिनों का रोजगार गारंटीकृत किया गया है। MGNREGA के तहत औसत रोजगार केवल 40-100 दिनों का था, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय अस्थिर रहती थी। अब मजदूरों को समय पर भुगतान और बकाया वेतन की गारंटी मिलेगी।
साथ ही, वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए केंद्र द्वारा जारी निधियों का उपयोग केवल लाभार्थी केंद्रित उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। इससे फर्जी लाभार्थियों की संभावना न्यूनतम होगी और ग्रामीण गरीबों की आय में स्थिरता आएगी।
डिजिटल क्रांति और तकनीकी निगरानी
VB-G RAM G अधिनियम में डिजिटल निगरानी और तकनीकी उपायों का व्यापक उपयोग किया गया है। बायोमेट्रिक सत्यापन, डिजिटल उपस्थिति, Geo-Referencing, NeFMS और AI आधारित ऑडिट जैसी प्रणालियाँ ग्रामीण रोजगार और निधि प्रबंधन को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाती हैं।
इसी संदर्भ में रोजगार कार्ड धारकों का पुनः सत्यापन और पुनः पंजीकरण एक आवश्यक सुधार है। अनेक पंचायतों में, जहाँ एक भी अल्पसंख्यक परिवार निवास नहीं करता, वहाँ सैकड़ों जॉब कार्ड पाए गए जिन्हें स्थानीय लोग तक नहीं पहचानते। इस प्रकार के फर्जी और अप्रमाणिक कार्डों ने अतीत में व्यवस्था को नुकसान पहुँचाया। VB-G RAM G अधिनियम के तहत यह सुनिश्चित किया गया है कि लाभ केवल वास्तविक, पात्र और स्थानीय श्रमिकों तक ही पहुँचे।
डिजिटल निगरानी से योजना क्रियान्वयन में तेजी आती है, धन का दुरुपयोग न्यूनतम होता है और ग्रामीण जनता सशक्त और जवाबदेह बनती है।
महात्मा गांधी का ग्राम स्वराज
VB-G RAM G अधिनियम महात्मा गांधी जी के ग्राम स्वराज के आदर्श को प्रत्यक्ष रूप से साकार करता है। ग्राम पंचायतों को अपने गांव की योजनाओं का निर्माण करने और उन्हें राष्ट्रीय अवसंरचना नेटवर्क के साथ जोड़ने का अधिकार दिया गया है। इसका मतलब है कि स्थानीय स्वशासन और आत्मनिर्भर गांव की दिशा में वास्तविक कदम उठाया जा रहा है।
यह केवल नामों में बदलाव नहीं है; बल्कि यह ग्रामीण भारत को निर्माण और निर्णय लेने की वास्तविक शक्ति प्रदान करता है। अब ग्राम पंचायतें अपने गांव की प्राथमिकताओं और समस्याओं के अनुसार योजना बनाकर उन्हें क्रियान्वित कर सकती हैं, और उनके कार्य का मूल्यांकन डेटा आधारित और पारदर्शी तरीके से होगा।
अंत्योदय दर्शन और समाज के अंतिम व्यक्ति पर ध्यान
VB-G RAM G अधिनियम में पं. दीनदयाल उपाध्याय जी के अंत्योदय दर्शन की स्पष्ट झलक है। उन्होंने कहा था कि विकास की सफलता का मूल्यांकन सबसे अंतिम व्यक्ति की स्थिति से होना चाहिए, न कि शीर्ष के अमीरों से। अधिनियम के तहत ग्रामीण विकास की प्राथमिकता अब सबसे कमजोर और अंतिम व्यक्ति को देने की होगी।
इस दृष्टिकोण से गरीब, पिछड़े और हाशिए पर रह रहे लोगों को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिलेगा। यह सामाजिक न्याय, गरीबी उन्मूलन और असमानता कम करने की दिशा में एक सशक्त कदम है।
राष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर और विकसित भारत@2047
VB-G RAM G अधिनियम केवल रोजगार या अवसंरचना तक सीमित नहीं है। यह राष्ट्रीय स्तर पर समन्वित योजना, अवसंरचना और वित्तीय अनुशासन का एक मजबूत ढांचा प्रस्तुत करता है। PM Gati-Shakti और Viksit Bharat National Rural Infrastructure Stack के माध्यम से ग्रामीण भारत में स्थायी, दीर्घकालिक और रणनीतिक विकास को सुनिश्चित किया गया है।
इस अधिनियम के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण कार्य, जल संरक्षण, सड़क, जल टंकी और अन्य प्राथमिक आवश्यकताओं के लिए योजनाएँ स्थानीय, ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर समन्वित होंगी। इससे न केवल रोजगार बढ़ेंगे, बल्कि ग्रामीण अवसंरचना का स्थायी विकास भी सुनिश्चित होगा। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी बार-बार स्पष्ट कर चुके हैं कि ग्रामीण भारत की प्रगति ही समग्र भारत की प्रगति है। VB-G RAM G उसी दृष्टि को व्यवहार में उतारने वाला मिशन है।
सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण
VB-G RAM G अधिनियम ग्रामीण जनता को केवल रोजगार तक सीमित नहीं रखता। यह ग्रामीण परिवारों को आर्थिक, सामाजिक और डिजिटल सशक्तिकरण प्रदान करता है। रोजगार की गारंटी और समय पर भुगतान से ग्रामीण परिवारों का जीवन स्तर बेहतर होगा, बच्चों की शिक्षा में सुधार आएगा और महिला सशक्तिकरण को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
डिजिटल क्रांति और पारदर्शी निधि प्रबंधन ग्रामीण गरीबों और हाशिए पर रहने वाले लोगों को सीधे सरकारी योजनाओं का लाभ प्रदान करेगी। इससे ग्रामीण समुदाय का आत्मसम्मान, सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय सुनिश्चित होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी वर्षों से ग्रामीण सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं, और VB-G RAM G उसी प्रयास का स्वाभाविक विस्तार है।
परियोजनाओं की गुणवत्ता और टिकाऊ विकास
VB-G RAM G अधिनियम परियोजनाओं की गुणवत्ता पर भी जोर देता है। ब्लॉक और जिला स्तर पर विकास योजनाओं की निगरानी और AI आधारित ऑडिट सुनिश्चित करेंगे कि निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के हों और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप हों। इससे न केवल रोजगार बढ़ेगा, बल्कि स्थायी और टिकाऊ अवसंरचना का निर्माण भी होगा।
MGNREGA के आंकड़े बताते हैं कि 2011-12 में ग्रामीण गरीबी दर लगभग 25.7% थी, जो 2023-24 में घटकर 4.86% रह गई। यह सुधार बेहतर सामाजिक सुरक्षा, वित्तीय समावेशन, डिजिटल पहुँच और ग्रामीण रोजगार की योजनाओं के कारण संभव हुआ। VB-G RAM G अधिनियम इसे और मजबूत करेगा, क्योंकि अब ग्रामीण रोजगार 125 दिनों का गारंटीकृत होगा, और प्रत्येक योजना का क्रियान्वयन डेटा आधारित, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त होगा।
सामाजिक न्याय और अंत्योदय
इस अधिनियम को लेकर कुछ राजनीतिक दलों की आपत्ति का मूल कारण न तो रोजगार है और न ही ग्रामीण कल्याण, बल्कि नाम और पारदर्शिता है। VB-G RAM G अधिनियम भ्रष्टाचार समाप्त करने और फर्जी लाभार्थियों को बाहर करने का प्रयास है, जो उन शक्तियों को असहज करता है जिन्होंने अतीत में योजनाओं को राजनीतिक स्वार्थ का साधन बनाया।
यह भी स्पष्ट है कि कुछ विपक्षी दल किसी भी सरकारी प्रयास को स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं, जिसमें प्रभु श्री राम के नाम या सनातन मूल्यों का उल्लेख हो, जबकि वही दल दशकों तक योजनाओं को एक ही राजनीतिक परिवार के नाम पर केंद्रित करते रहे।
इस अधिनियम की विशेषता यह है कि यह केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है। यह सामाजिक न्याय, अवसर समानता और अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने के लक्ष्य को ध्यान में रखता है। पं. दीनदयाल उपाध्याय जी का अंत्योदय दर्शन इस अधिनियम में स्पष्ट रूप से लागू होता है। इसका उद्देश्य है कि देश के सबसे कमजोर और पिछड़े वर्ग को सबसे पहले लाभ पहुंचे, ताकि गरीबी और सामाजिक असमानता में कमी आए।
प्रधानमंत्री मोदी जी का विज़न और राष्ट्रीय महत्व
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का विज़न विकसित भारत@2047 इस अधिनियम के माध्यम से साकार हो रहा है। उन्होंने बार-बार कहा है कि ग्रामीण भारत की प्रगति ही समग्र भारत की प्रगति है। VB-G RAM G अधिनियम ग्रामीण रोजगार, अवसंरचना और डिजिटल निगरानी को जोड़कर राष्ट्रीय विकास की दिशा में रणनीतिक और स्थायी परिवर्तन ला रहा है।
सामाजिक न्याय बनाम राजनीतिक विरोध
इस अधिनियम को लेकर उठाया गया विरोध मूलतः नीति या जनकल्याण से कम और नाम को लेकर अधिक प्रतीत होता है। अधिनियम के शीर्षक में प्रभु श्री राम शब्द के प्रयोग पर आपत्ति ने यह संकेत दिया है कि कुछ राजनीतिक दल आज भी देश की सांस्कृतिक चेतना और जनआस्था से जुड़े प्रतीकों को सहज रूप से स्वीकार करने में असहज हैं।
इस संदर्भ में वर्ष 2007 में यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान माननीय सर्वोच्च न्यायालय में दायर उस शपथपत्र का उल्लेख बार-बार होता है, जिसमें भगवान श्रीराम को काल्पनिक बताया गया था। उस घटनाक्रम ने यह धारणा मजबूत की कि कांग्रेस नेतृत्व का एक वर्ग आस्था और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े विषयों पर संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने में विफल रहा है।
आज जब ग्रामीण गरीबों और अंतिम व्यक्ति के कल्याण से जुड़ी एक व्यापक योजना सामने आई है, तो उसका विरोध उद्देश्य के बजाय नाम पर केंद्रित दिखता है। यही कारण है कि हमें इस विरोध को नीतिगत असहमति नहीं, बल्कि वैचारिक असहजता के रूप में देखती है।
ग्राम स्वराज, अंत्योदय और विकसित भारत
VB-G RAM G अधिनियम, 2025 ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही स्थापित करने की ठोस पहल है। बायोमेट्रिक सत्यापन, डिजिटल उपस्थिति, जियो-टैगिंग और प्रत्यक्ष भुगतान जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से यह फर्जी लाभार्थियों और भ्रष्टाचार पर सीधा प्रहार करता है, इसलिए यह अधिनियम मोदी सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक है।
महात्मा गांधी जी के ग्राम स्वराज, पं. दीनदयाल उपाध्याय जी के अंत्योदय दर्शन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत@2047 विज़न से प्रेरित यह अधिनियम सुनिश्चित करता है कि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। इसके माध्यम से ग्रामीण भारत अब अधिक आत्मनिर्भर, सशक्त और राष्ट्रीय विकास का वास्तविक भागीदार बनेगा।

Topics: VB-G RAM G Act 2025Rural Development Reforms 2025125 Days Rural Employment GuaranteeModi Guarantee for Rural IndiaRural Infrastructure Revolution.ग्रामीण विकास सुधारग्राम स्वराज 2025अंत्योदय दर्शनमोदी की गारंटीविकसित भारत 2047Viksit Bharat 2047
संजय सेठ
संजय सेठ
रक्षा राज्य मंत्री, भारत सरकार [Read more]
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