Zoho कंपनी के फाउंडर और सीईओ श्रीधर वेम्बू को कैलिफोर्निया की एक अदालत ने अपने चल रहे तलाक के मामले में 1.7 अरब डॉलर यानी करीब 14 हजार करोड़ रुपये का बॉन्ड जमा करने का आदेश दिया है। यह आदेश जनवरी 2025 में दिया गया, जो उनकी अलग हो रही पत्नी प्रमिला श्रीनिवासन के हितों की रक्षा के लिए है। खास बात ये है कि ये भारत का अब तक का सबसे महंगा तलाक बताया जा रहा है।
क्या है पूरा मामला
रिपोर्ट्स के अनुसार, श्रीधर वेम्बू और प्रमिला श्रीनिवासन की शादी करीब तीन दशक पुरानी थी। दोनों अमेरिका के कैलिफोर्निया में रहते थे और एक बेटा भी है। 2019 के अंत में श्रीधर भारत लौट आए और तमिलनाडु के एक गांव में बस गए। इसके बाद 2021 में उन्होंने तलाक की अर्जी दी। विवाद मुख्य रूप से शादी के दौरान कमाई गई संपत्तियों के बंटवारे पर है।
संपत्ति का ट्रांसफर
प्रमिला ने नवंबर 2024 में अदालत में शिकायत की कि श्रीधर उनकी जानकारी के बिना Zoho की अमेरिकी इकाई की संपत्तियों को री-स्ट्रक्चर कर रहे हैं। इसमें Zoho US का बिजनेस एक नई कंपनी में शिफ्ट करने की योजना थी, जो श्रीधर के पुराने साथी टोनी थॉमस के कंट्रोल में जाती। अदालत का मानना है कि तलाक की प्रक्रिया शुरू होने के बाद ऐसी संपत्ति इधर-उधर करना नियमों का उल्लंघन है। अगर संपत्तियां बाहर चली गईं तो प्रमिला का हिस्सा सुरक्षित करना मुश्किल हो जाता।
क्या कहता है कानून
वहीं अगर नियमों की बात करें तोकैलिफोर्निया में शादी के दौरान रहते हुए कमाई गई कोई भी संपत्ति दोनों की संयुक्त मानी जाती है, चाहे वह अमेरिका में हो या बाहर। यह नियम सभी तरह की संपत्तियों पर लागू होता है। अदालत ने कहा कि श्रीधर ने कुछ लेनदेन में पारदर्शिता नहीं दिखाई और कानून का ध्यान नहीं रखा। उन्होंने टैक्स बचाने की दलील दी, लेकिन अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया।
1.7 अरब डॉलर के बॉन्ड का आदेश
अदालत ने 1.7 अरब डॉलर का बॉन्ड इसलिए तय किया क्योंकि प्रमिला ने इसके पक्ष में ठोस सबूत दिए, जबकि श्रीधर कम राशि की वजह नहीं बता पाए। बॉन्ड 15 जनवरी 2025 से 45 दिनों के अंदर जमा करना था। साथ ही, Zoho की कई अमेरिकी इकाइयों और श्रीधर की निजी संपत्तियों पर रिसीवर नियुक्त किया गया। श्रीधर के वकील ने कहा कि यह आदेश अमान्य है, अपील पर है और रिसीवरशिप को रोक दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि श्रीधर ने प्रमिला को अपनी हिस्सेदारी ऑफर की थी, लेकिन उन्होंने लेने से मना कर दिया।
कंपनी में हिस्सेदारी की स्थिति
श्रीधर का कहना है कि Zoho में उनकी हिस्सेदारी हमेशा सिर्फ 5 प्रतिशत रही। अब ज्यादातर शेयर उनके भाई-बहनों के पास हैं, जो 80 प्रतिशत से ज्यादा कंट्रोल करते हैं। फोर्ब्स 2025 लिस्ट के मुताबिक, श्रीधर और उनके परिवार की कुल नेटवर्थ करीब 6 अरब डॉलर है।











