ईरान में इन दिनों हालात काफी तनावपूर्ण हैं। देशभर में आर्थिक मुश्किलों, महंगाई और सरकार की नीतियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। लोग सड़कों पर उतर आए हैं और सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ नारे लगा रहे हैं। इसी बीच अमेरिका की तरफ से ईरान के सर्वोच्च नेता को सीधी धमकी मिली है। रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा कि हम आपके साथ हैं।
अमेरिकी सीनेटर की धमकी
रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ईरान के लोगों से कहा कि वो उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने ईरान के लोगों को संबोधित करते हुए बोला, “हम आपके साथ हैं ताकि आप अयातुल्ला से अपना देश वापस ले सकें। वो अयातुल्ला जिसने आपको मारा और दुनिया को आतंकित किया। हम आपके लिए प्रार्थना कर रहे हैं और आपका पूरा समर्थन है। डोनाल्ड जे ट्रंप बराक ओबामा नहीं हैं।”
फिर उन्होंने सीधे अयातुल्ला खामेनेई को टारगेट करते हुए कहा, “अयातुल्ला के लिए ये समझ लो कि अगर तुम अपने लोगों को बेहतर जिंदगी की मांग करने पर मारते रहोगे, तो डोनाल्ड जे ट्रंप तुम्हें मार डालेंगे।” ग्राहम ने आगे कहा, “अयातुल्ला और उनके गुंडों के लिए – अगर तुम ट्रंप की बात को अनसुना करके लोगों को मारना जारी रखोगे, तो तुम मौत की नींद सो जाओगे।”
ट्रंप का अपना बयान
ट्रंप ने खुद ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया कि अगर ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाता है – जो उनका पुराना तरीका है – तो अमेरिका उन्हें बचाने आएगा। उन्होंने लिखा, “हम तैयार हैं।” ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी कि अगर प्रदर्शनकारियों पर हमला जारी रहा तो अमेरिका सख्त कार्रवाई करेगा।
ईरान में प्रदर्शन
ये विरोध प्रदर्शन दिसंबर 2025 के अंत से शुरू हुए और अब 11वें दिन पर पहुंच चुके हैं। ये 20 से ज्यादा शहरों में फैल चुके हैं। लोग मुद्रा के गिरते मूल्य, महंगाई और आर्थिक संकट से तंग आ चुके हैं। प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर “खामेनेई मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाए। ईरानी सुरक्षा बलों ने इन प्रदर्शनों को दबाने की कोशिश की, जिससे हिंसा बढ़ गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदर्शन शुरू होने के बाद अब तक करीब 30 से 35 लोग मारे जा चुके हैं। बुधवार को हुई झड़पों में दो पुलिस अधिकारी मारे गए और 30 से ज्यादा घायल हुए। ईरानी अधिकारियों ने आर्थिक समस्याओं को ठीक करने का वादा किया है, लेकिन हिंसा और तोड़फोड़ पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। कुछ जगहों पर इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद कर दी गई हैं।
क्या है पूरा मामला
ये धमकी ऐसे समय में आई है जब ईरान में प्रदर्शनकारियों पर दमन तेज हो गया है। अमेरिका पहले से ही ईरान के साथ तनाव में है और ट्रंप प्रशासन ने पहले भी सख्त रुख अपनाया है। ग्राहम ट्रंप के करीबी माने जाते हैं और उनकी ये बातें अमेरिका की ओर से ईरान को साफ संदेश देती हैं कि प्रदर्शनकारियों की हत्या बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ईरान की तरफ से अभी तक इस धमकी पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन स्थिति काफी गर्म है।
















