न्यूयॉर्क की मैनहट्टन फेडरल कोर्ट में वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मदुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस ने ड्रग्स, हथियार और नार्को-टेररिज्म से जुड़े आरोपों पर दोषी नहीं की बात कही है। उन्होंने अमेरिकी कोर्ट में कहा कि मैं अभी भी अपने देश का राष्ट्रपति हूं। मुझे गैरकानूनी तरीके से पकड़ा गया है। उन्होंने खुद को निरपराध करार दिया।
द गॉर्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, यह सुनवाई करीब 30 मिनट चली, जिसमें जज अल्विन हेलरस्टीन ने केस की सुनवाई की। मदुरो की उम्र 63 साल है और वे अमेरिकी स्पेशल फोर्सेस द्वारा 3 जनवरी को कैराकास से जबरन पकड़े गए थे। यह ऑपरेशन डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर हुआ था, जिसके बाद वेनेजुएला में काफी हलचल मची।
कोर्ट में पेशी
मादुरो को जब कोर्ट लाया गया तो उनके पैरों में बेड़ियां लगाई गई थीं। उन्होंने नारंगी रंग के कैदियों वाले कपड़े पहने थे – नीला शर्ट, नीचे ब्राइट ऑरेंज टी-शर्ट और बेज पैंट। हाथ खुले थे। कोर्ट में घुसते ही उन्होंने इंग्लिश में “हैप्पी न्यू ईयर!” कहा और गैलरी की तरफ देखकर मुस्कुराए। उन्होंने कहा कि वे अभी भी “अपने देश के राष्ट्रपति” हैं और “कैराकास के घर से गैरकानूनी तरीके से पकड़े गए”। स्पेनिश में बोले, “मैं मासूम हूं। मैं दोषी नहीं हूं। मैं एक अच्छा इंसान हूं।” जज ने उन्हें बीच में रोका, लेकिन वे बार-बार बोलते रहे।
उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस भी कोर्ट में थीं। उनके माथे और कनपटी पर बड़े बैंडेज लगे थे। उन्होंने कहा, “मैं पूरी तरह बेकसूर हूं” और “दोषी नहीं”। उनकी वकील ने बताया कि कैद के दौरान उन्हें गंभीर चोटें आईं – पसलियों पर नीले निशान और मेडिकल जांच की जरूरत है। दोनों ने अभी बेल नहीं मांगी। अगली सुनवाई मार्च में तय हुई। कोर्ट के बाहर मदुरो के समर्थक और विरोधी दोनों ग्रुप जमा थे, जहां झड़पें भी हुईं।
क्या हैं आरोप
मादुरो पर चार गंभीर आरोप अमेरिका की तरफ से लगाए गए हैं। ड्रग्स आतंकवाद की साजिश, कोकेन इम्पोर्टेशन कांस्पिरेसी, मशीन गन और डिस्ट्रक्टिव डिवाइसेस रखना और अमेरिका के खिलाफ मशीन गन और विनाशकारी हथियार रखने की साजिश करने का आरोप मादुरो पर लगाया गया है। खास बात ये है कि हर आरोप में उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी ने कहा कि मादुरो ने ड्रग तस्करों और नार्को-आतंकियों के साथ मिलकर अमेरिका में टनों कोकेन भेजा। आरोप है कि वेनेजुएला की सेना और अधिकारी ड्रग्स की सुरक्षा करते थे। यह केस 2020 से चल रहा है, जब मादुरो और उनके 14 साथियों पर पहली बार चार्ज लगे थे। अब नया मामला सामने आया है।
क्या है पूरा मामला
मामला ये है कि 3 जनवरी की सुबह अमेरिकी मिलिट्री ने वेनेजुएला में हमला करके कैराकास में उनके घर से उनका अपहरण कर लिया। इस हमले में कम से कम 40 लोग मारे गए, जिसमें नागरिक, वेनेजुएला और क्यूबा के सुरक्षा वाले बताए जा रहे हैं। ट्रंप ने इसे “शानदार ऑपरेशन” कहा और कहा कि इससे ड्रग्स का फ्लो रुकेगा और वेनेजुएला का “चोरी किया हुआ” तेल अमेरिकी कंपनियों को मिलेगा।
वेनेजुएला में अब डेलसी रोड्रिगेज को अंतरिम राष्ट्रपति बनाया गया है। मादुरो के बेटे ने इसे “अपहरण” कहा। UN सिक्योरिटी काउंसिल में इमरजेंसी मीटिंग हुई, जहां कई देशों ने अमेरिका की कार्रवाई को “आक्रमण का अपराध” बताया। सेक्रेटरी जनरल एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन नहीं हुआ और इससे इलाके में अस्थिरता बढ़ सकती है।
















