राज्य में गैंगस्टरों की ओर से रंगदारी मांगने की घटनाओं से पंजाब थर्रा गया है। चिंताजनक यह भी है कि रंगदारी न देने पर गैंगस्टर व्यापारी, कारोबारी, जनप्रतिनिधि की हत्या भी कर दे रहे हैं। ताजा मामला अमृतसर स्थित मैरिज पैलेस में शादी समारोह के दौरान तरनतारन के गांव वल्टोहा संधुआं के सरपंच जर्मन सिंह वल्टोहा की गोली मारकर हत्या का है।
विदेश बैठे गैंगस्टर प्रभदीप सिंह उर्फ प्रभ दासूवाल द्वारा छह महीने से सरपंच वल्टोहा से 30 लाख रुपये की रंगदारी मांगी जा रही थी। दो बार पहले भी उन पर हमला हो चुका था। रविवार को सरपंच वल्टोहा शादी समारोह में शामिल होने के लिए अमृतसर के मेरी गोल्ड पैलेस में गए थे, यहां पैलेस में दाखिल होकर हमलावरों ने गोलियां मारकर उनकी हत्या कर दी। कुछ माह पहले सरपंच से रंगदारी मांगी गई थी और उनको सुरक्षाकर्मी भी उपलब्ध करवाए गए थे। सवाल यह भी है कि घटना के समय दोनों सुरक्षा कर्मचारी आखिर कहां थे।
राज्य में अलग-अलग मुठभेड़ों के बाद गैंगस्टरों के कुछ साथियों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है, लेकिन इसके बाद भी वारदातें न रुकने से ऐसा लगता है कि अपराधियों के मन में पुलिस का डर नहीं है। अमृतसर में ही खलचियां के रहने वाले कपड़ा कारोबारी से भी पचास लाख रुपये रंगदारी मांगी गई। इस तरह के मामलों का रुकना बहुत आवश्यक है। पुलिस को अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाना चाहिए। यह इसलिए भी आवश्यक है क्योंकि हत्या, लूट की घटनाओं का असर व्यापार, कारोबार पर भी पड़ता है।
कानून व्यवस्था दुरुस्त रहने से उद्योग व्यापार प्रफुल्लित होता है जिससे राजस्व में वृद्धि होती है। आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही भी निर्धारित की जानी चाहिए। पुलिस इच्छाशक्ति दिखाए तो गैंग्स्टरों, लुटेरों पर नकेल कसी जा सकती है।











