अमेरिका ने ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व के तहत वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार कर लिया। यह पूरी कार्रवाई 2 जनवरी 2026 की रात में हुई और कुल मिलाकर पांच घंटे से भी कम समय में पूरी हो गई। इस अभियान में अमेरिका ने 150 एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल किया गया था।
ऑपरेशन की तैयारी
यह ऑपरेशन कई महीनों से प्लान किया जा रहा था। अमेरिकी मिलिट्री ने मादुरो के कंपाउंड की फुल-स्केल नकल बनाई थी, जहां रिहर्सल किए गए। इसमें सीआईए, एनएसए, एनजीए जैसी इंटेलिजेंस एजेंसियां, मिलिट्री के अलग-अलग ब्रांच (आर्मी, नेवी, एयर फोर्स, मरीन्स, स्पेस फोर्स) और लॉ एनफोर्समेंट पार्टनर्स शामिल थे। ट्रंप प्रशासन ने इसे नारको-टेररिज्म से जुड़े आरोपों के आधार पर जस्टिफाई किया, क्योंकि मादुरो पर अमेरिका में पहले से ही ड्रग्स से जुड़े केस चल रहे हैं।
ट्रंप का ग्रीन सिग्नल
2 जनवरी 2026 को रात 10:46 बजे ईस्टर्न टाइम (ET) पर प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ऑपरेशन को फाइनल अप्रूवल दिया। मौसम ठीक होने का इंतजार किया गया था, इसलिए चार दिन पहले अप्रूवल मिला था लेकिन एक्जीक्यूशन बाद में हुआ।
ऑपरेशन कैसे चला
रात के सबसे अंधेरे घंटों में शुरू हुआ। वेस्टर्न हेमिस्फियर में फैले 20 से ज्यादा बेस से 150 से अधिक एयरक्राफ्ट लॉन्च हुए। इनमें F-22, F-35, F-18, EA-18, E-2, B-1 बॉम्बर, सपोर्ट प्लेन और ढेर सारे ड्रोन शामिल। पहले वेनेजुएला की एयर डिफेंस को निशाना बनाया गया ताकि हेलिकॉप्टर सुरक्षित पहुंच सकें। 1:01 बजे ET (काराकास में 2:01 बजे लोकल टाइम) पर अमेरिकी फोर्सेज मादुरो के कंपाउंड पर पहुंची। ग्राउंड फोर्स (जिसमें डेल्टा फोर्स के जवान शामिल थे) ने तेजी से कंपाउंड में एंट्री की, इलाके को आइसोलेट किया और टारगेट तक पहुंची। असॉल्ट 30 मिनट से कम समय में पूरा हुआ। कम से कम सात विस्फोट काराकास में सुने गए। मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ लिया गया। ट्रंप ने कहा कि मादुरो सिक्योर रूम तक नहीं पहुंच पाए, हालांकि उनका कंपाउंड फोर्ट्रेस जैसा था और ब्रेक करने के लिए बड़े ब्लोटॉर्च तैयार थे।
गिरफ्तारी के बाद
मादुरो को हैंडकफ किया गया और ब्लाइंडफोल्ड कर USS Iwo Jima नाम के अमेरिकी नेवी शिप पर ले जाया गया। बाद में उन्हें न्यूयॉर्क भेजा गया, जहां नारको-टेररिज्म के चार्ज में ट्रायल होगा। अमेरिकी साइड से कोई मौत या बड़ा नुकसान नहीं हुआ, बस कुछ लोग घायल हुए और एक हेलिकॉप्टर को मामूली नुकसान पहुंचा लेकिन वो उड़ता रहा। वेनेजुएला की तरफ से बताया गया कि सिविलियंस और मिलिट्री के लोग मारे गए हैं।
अमेरिका का अगला कदम
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अब वेनेजुएला को चलाएगा जब तक सुरक्षित और सही तरीके से पावर ट्रांसफर नहीं हो जाता। कोई टाइमलाइन नहीं दी गई। उन्होंने अमेरिकी कंपनियों को वेनेजुएला के ऑयल सेक्टर में आने के लिए भी कहा।












