भुवनेश्वर। भद्रक शहर में फिर से मुसलमानों द्वारा किये गये हमले में एक दुकानदार के गंभीर रुप से घायल होने के बाद तनाव देखा गया । शहर में इस तरह की घटनाएं बार बार होने के कारण विश्व हिन्दू परिषद समेत अन्य हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं ने इसके खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया तथा सडक को अवरोध किया। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कडी कार्रवाई की मांग की ताकि भविष्य मे इस तरह की घटना न हो । तनाव के बीच भद्रक के विधायक व प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच कर आंदोलन कर रहे लोगों को समझाया- बुझाया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके बाद ही स्थिति सामान्य हो सकी।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार, भद्रक शहर के कचहरी बाजार के पास स्थित अपर्तिबंधा चौक एक प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र है, जहां बड़ी संख्या में रेहड़ी-पटरी पर दुकानें लगती हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस क्षेत्र में कुछ दुकानदारों द्वारा आए दिन दबंगई और विवाद की घटनाएं सामने आती रही हैं।
बुधवार शाम को हुई हिंसक घटना बुधवार की शाम उस समय स्थिति बिगड़ गई, जब एक फल विक्रेता पर मिर्ज़ासाही निवासी शेख़ क़ईम और उसके कुछ असामाजिक सहयोगियों द्वारा हमला किया गया। इसी दौरान पुराने बाजार थाना क्षेत्र के अंतर्गत शंकरपुर निवासी नारियल विक्रेता सपन दे ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया। इससे नाराज़ होकर हमलावरों ने धारदार हथियार से सपन दे पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में सपन दे के गाल और कान के पास चाकू लगने से गंभीर चोटें आईं।
उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और एक आरोपी को पकड़कर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस की पीसीआर वैन घटनास्थल पर पहुंची और आरोपी को चाकू सहित गिरफ्तार कर लिया। घायल सपन दे को तत्काल भद्रक जिला मुख्य चिकित्सालय ले जाया गया, जहां उनके आठ टांके लगे हैं और वे फिलहाल उपचाराधीन हैं।
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अगले दिन फिर बढ़ा तनाव
घटना के अगले दिन वृहस्पतिवार को तनाव उस समय फिर बढ़ गया, जब शेख़ क़ईम से जुड़े कुछ अन्य लोग और रिश्तेदार दोबारा मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल सपन दे के भाई तपन दे को जान से मारने की धमकी दी। अपने भाई के अस्पताल में भर्ती होने के कारण तपन दे उस समय नारियल बेच रहा था। इस दौरान आरोपियों ने एक बुजुर्ग महिला नारियल विक्रेता सस्मिता साहू का सारा सामान फेंक दिया और तपन दे को अश्लील भाषा में गालियां देते हुए धमकाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपियों ने यह कहते हुए चेतावनी दी कि “यह हमारी जगह है, यहां से नहीं गए तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।” इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
हिंदू संगठनों का विरोध और सड़क जाम
घटनाओं की जानकारी मिलते ही विश्व हिंदू परिषद सहित अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंच गए। मानस महांती, बसंत राउत और प्रेमानंद साहू के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और सड़क जाम कर दिया।प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं के बावजूद प्रशासन द्वारा ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। उन्होंने न केवल आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की, बल्कि घटना के समय ड्यूटी में कथित लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की मांग की।
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विश्व हिन्दू परिषद के वरिष्ठ कार्यकर्ता मानस महांति ने पांचजन्य से बातचीत में कहा कि यहां के कुछ लोगों ने भद्रक शहर को पाकिस्तान या बांग्लादेश समझ लिया है। लेकिन उन्हें भूलना नहीं चाहिए कि यह भारत है, किसी इसलामी देश नहीं है। गुरुवार की शाम को इन लोगों ने एक दुकानदार पर जानलेवा हमला कर दिया । दुकानदार अभी अस्पताल में मौत के साथ संघर्ष कर रहा है । वहीं उसके अगले दिन ही इन लोगों ने फिर से आकर लोगों को धमका रहे हैं और कह रहे हैं कि यह जमीन उनकी है । इसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा । उन्होंने कहा कि शुक्रवार की घटना पुलिस के सामने हुई है । इस कारण इस मामले में शामिल लोगों के साथ साथ जो पुलिसकर्मी यह होते हुए बिना कुछ कार्रवाई किये इस घटना को देख रहे थे, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए ।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का हस्तक्षेप
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भद्रक के विधायक सीतांशु शेखर महापात्र, उप-जिलाधिकारी सौरभ चक्रवर्ती, तहसीलदार संग्राम प्रियदर्शी खुंटिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंशुमान द्विवेदी तथा शहरी थाना प्रभारी प्रभांशु मिश्रा मौके पर पहुंचे। अधिकारियों और विधायक ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें शांत किया और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।प्रशासन के आश्वासन के बाद सड़क जाम समाप्त किया गया और स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो सकी। पुलिस ने क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात कर निगरानी बढ़ा दी है।
जनता में चिंता, स्थायी समाधान की मांग
लगातार हो रही हिंसक घटनाओं से भद्रक शहर के नागरिकों में भय और असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। स्थानीय बुद्धिजीवियों और व्यापारियों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। कई लोगों ने अवैध और अस्थायी दुकानों के नियमन तथा संवेदनशील इलाकों में स्थायी पुलिस व्यवस्था की मांग की है।

















