पिछले दिनों लंदन में एक पार्टी का वीडियो वायरल हो गया, जिसमें फरार व्यवसायी ललित मोदी और विजय माल्या साथ में नज़र आए। इस वीडियो में ललित मोदी ने मजाक में खुद को और माल्या को “भारत के दो सबसे बड़े फरार” बताया। ये बात 16 दिसंबर को हुई, जब ललित मोदी ने अपने लंदन वाले घर (बेलग्रेव स्क्वायर) पर माल्या के लिए बर्थडे पार्टी रखी थी। माल्या 70 साल के हो गए थे। पार्टी में किरण मजूमदार-शॉ जैसी बड़ी हस्तियां भी शामिल थीं।
वीडियो में ललित मोदी ने फोटो खिंचवाते हुए कहा, “हम भारत के दो सबसे बड़े फ्यूजिटिव हैं।” ये कमेंट सीधे-सीधे भारतीय जांच एजेंसियों पर ताना था, क्योंकि सालों से सरकार इन दोनों को भारत वापस लाने की कोशिश कर रही है। ललित मोदी ने इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर डाला और कैप्शन में लिखा, “फिर से भारत में इंटरनेट तोड़ने का मौका।” सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे सरकार का अपमान बताया और काफी आलोचना हुई।
इसके दो दिन बाद, 18 दिसंबर को ED ने एक अच्छी खबर दी। उसने विजय माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस की बिक्री से मिले पैसे में से 312 करोड़ रुपये पूर्व कर्मचारियों को लौटा दिए। ये पैसे SBI को पहले सौंपे गए थे, जो माल्या की कंपनी के शेयर बेचने से आए थे। कर्मचारियों के लंबे समय से बकाया थे।
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MEA का बयान: पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं, वापस लाएंगे
26 दिसंबर को विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने प्रेस ब्रीफिंग में इस पूरे मामले पर बात की। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि भारत उन सभी लोगों को वापस लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, जो कानून के खिलाफ हैं और यहां मुकदमा चलने के लिए बाकी हैं। उन्होंने कहा, “हम पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं कि जो लोग फरार हैं और भारत में कानून के खिलाफ हैं, वे वापस आएं। इनके लिए हम कई सरकारों से बात कर रहे हैं और प्रक्रिया चल रही है।”
जायसवाल ने ये भी बताया कि इन मामलों में देरी इसलिए हो रही है क्योंकि “कई लेयर्स ऑफ लीगलिटीज” शामिल हैं। यानी कानूनी प्रक्रियाएं जटिल हैं। लेकिन उन्होंने दोहराया कि सरकार का इरादा साफ है – इन लोगों को वापस लाकर यहां अदालत में मुकदमा चलवाना है।
कौन हैं ये फरार?
ललित मोदी IPL के संस्थापक चेयरमैन था। 2010 में मनी लॉन्ड्रिंग और टैक्स चोरी जैसे आरोप लगने के बाद वो भारत छोड़कर लंदन चला गया था। तब से भारत सरकार उसके प्रत्यर्पण की कोशिशों में लगी हुई है। विजय माल्या भी मनी लॉन्ड्रिंग के कई केस में फंसे हैं। 2016 में वो भारत छोड़कर लंदन चले गए। माल्या की एक्स्ट्राडिशन अपील लंदन हाई कोर्ट में हार चुकी है, यानी उनके बचने की गुंजाइश बहुत कम है।
हाल ही में माल्या ने फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स एक्ट को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका डाली थी। कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया और कहा कि ऐसी याचिका उनकी गैर-मौजूदगी में नहीं सुनी जा सकती। साथ ही कोर्ट ने उनसे वापस लौटने का टाइमलाइन मांगा।

















