बांग्लादेश में मुहम्मद यूनुस की अगुवाई वाली अंतरिम सरकार के नेतृत्व में कट्टरपंथियों के हौसले बुलंद हैं। वे न केवल अल्पसंख्यकों को निशाना बना रहे हैं, बल्कि वे हर उस उत्सव को भी बिगाड़ने में लगे हैं, जो उन्हें अच्छा नहीं लगता। ताजा मामला फरीदपुर जिला स्कूल का है। जहां 26 दिसंबर 2025 की रात को स्कूल एनिवर्सरी कार्यक्रम में पत्थरबाजी की गई। इसमें 20 लोग बुरी तरह से घायल भी हो गए।
फरीदपुर जिला स्कूल का 185वां सालगिरह समारोह
फरीदपुर जिला स्कूल बांग्लादेश के पुराने सरकारी स्कूलों में से एक है। ये 1840 में ब्रिटिश काल में बना था। इस बार 185वीं सालगिरह मनाने के लिए दो दिन का प्रोग्राम रखा गया था। पहला दिन 25 दिसंबर को था – जिसमें झंडा फहराना, राष्ट्रगान, शपथ ग्रहण और जुलूस निकाला गया। दूसरा दिन यानी 26 दिसंबर को कल्चरल परफॉर्मेंस, रैफल ड्रॉ और आखिर में रॉक स्टार जेम्स (नागर बाउल के नाम से मशहूर) का कॉन्सर्ट था। पूरा प्रोग्राम स्कूल कैंपस में ही हो रहा था।
शाम करीब 9:30 बजे कॉन्सर्ट शुरू होना था। स्टेज, लाइट, साउंड – सब सेट था। स्टूडेंट्स, पूर्व छात्र और लोकल लोग इंतजार कर रहे थे। आयोजक कमिटी के कन्वीनर डॉ. मुस्तफिजुर रहमान शमीम और पब्लिसिटी सब-कमिटी के राजिबुल हसन खान ने बताया कि सब कुछ प्लान के मुताबिक चल रहा था। करीब 9-10 बजे के आसपास कुछ बाहर के लोग स्कूल कैंपस में घुसने की कोशिश करने लगे। सुरक्षा गार्डों और आयोजकों ने उन्हें रोका। तब वो लोग गुस्सा हो गए। उन्होंने ईंट-पत्थर स्टेज और दर्शकों की तरफ फेंकने शुरू कर दिए। भीड़ में अफरा-तफरी मच गई। छात्रों ने भी पलटवार कर हमलावरों को कैंपस से बाहर धकेल दिया। लेकिन तब तक कई लोग जख्मी हो चुके थे। ज्यादातर चोटें सिर और हाथ-पैरों में आईं।
आयोजकों के मुताबिक 15 से 20 स्टूडेंट्स घायल हुए, कुछ रिपोर्ट्स में 25 तक का आंकड़ा आया। जेम्स और उनकी टीम को किसी तरह सुरक्षित निकाला गया। उनमें से किसी को चोट नहीं आई।
कॉन्सर्ट कैंसिल
रात करीब 10 बजे फरीदपुर के डिप्टी कमिश्नर ने स्थिति देखते हुए लॉ एंड ऑर्डर की वजह से पूरा प्रोग्राम रोकने का आदेश दिया। स्टेज पर खड़े होकर डॉ. मुस्तफिजुर रहमान शमीम ने ऐलान किया कि कॉन्सर्ट कैंसिल है। राजिबुल हसन खान ने बाद में मीडिया से कहा, “हम नहीं समझ पा रहे कि ये हमला किसने किया, क्यों किया। आगे और हिंसा न हो, इसलिए रोकना पड़ा।”
हमलावर कौन थे
रिपोर्ट्स में इन्हें “आउटसाइडर्स” और “इस्लामिस्ट भीड़” बताया गया है। कुछ जगहों पर कहा गया कि वो म्यूजिक और कल्चरल इवेंट्स के खिलाफ थे। लेकिन अभी तक किसी की पकड़ नहीं हुई है और न ही कोई ऑफिशियल ग्रुप का नाम कन्फर्म हुआ है। पुलिस ने बाद में भारी संख्या में पहुंचकर स्थिति कंट्रोल की।













