जामिया मिल्लिया इस्लामिया ( जामिया विश्वविद्यालय) ने सोशल वर्क विभाग के प्रोफेसर वीरेंद्र बालाजी शहारे को निलंबित कर दिया है। प्रोफेसर पर यह कार्रवाई बीए (ऑनर्स) परीक्षा में विवादास्पद प्रश्न ‘भारत में मुस्लिम अल्पसंख्यकों पर अत्याचार’ पूछने के बाद की गई है। यह परीक्षा 2025–26 शैक्षणिक सत्र के लिए आयोजित की गई थी और पेपर का विषय ‘भारत में सामाजिक समस्याएं’ था। प्रोफेसर के खिलाफ इस मामले में एफआईआर भी दर्ज की जाएगी। वहीं, विवादित प्रश्न को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स ने भी आपत्ति जताई है। उन्होंने इसे सांप्रदायिक रूप से ध्रुवीकरण करने वाला और भड़काऊ करार दिया।
अगले आदेश तक सस्पेंशन रहेगा जारी
यूनिवर्सिटी के अनुसार, प्रोफेसर वीरेंद्र बालाजी शहारे के खिलाफ शिकायत मिलने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच समिति बनाई और उनकी लापरवाही व असावधानी को देखते हुए उन्हें तुरंत निलंबित कर दिया। प्रोफेसर वीरेंद्र बालाजी शहारे ने बीए (ऑनर्स) के पहले सेमेस्टर सेशन 2025-26 के पेपर ‘भारत में सामाजिक समस्याएं’ में छात्रों से सवाल पूछा, ‘भारत में मुस्लिम अल्पसंख्यकों पर होने वाले अत्याचारों पर चर्चा करें, उदाहरण सहित।’ जांच कमेटी के अगले आदेश तक उनका सस्पेंशन जारी रहेगा। सस्पेंशन ऑर्डर में कार्यवाहक रजिस्ट्रार सीए शेख सफीउल्लाह के हस्ताक्षर हैं।
प्रोफेसर पर एफआईआर भी दर्ज होगी
यूनिवर्सिटी की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है, “जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने प्रोफेसर वीरेंद्र बालाजी शहरे की ओर से बरती गई लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैये को गंभीरता से लिया है। प्रोफेसर पर विवादास्पद प्रश्न पत्र बनाने को लेकर एफआईआर भी दर्ज की जाएगी। शहारे की ओर से की गई लापरवाही अशोभनीय कृत्य है। निलंबन अवधि के दौरान, प्रोफेसर वीरेंद्र बालाजी शहारे का मुख्यालय नई दिल्ली होगा और वह सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे।”

















