उत्तराखंड के गढ़वाल के लगभग सभी सैनिक देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार और कुमाऊं के हल्द्वानी और खटीमा में बस गए हैं, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जो नदी में धारा के विपरीत तैरने का साहस रखते हैं, उनमें से एक पूर्व सैनिक नारायण सिंह भी हैं। उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के रुनीखेत गांव के रहने वाले नारायण सिंह ने 2017 में सेना में सूबेदार मेजर के पद से रिटायर होने के बाद जो संकल्प लिया, वह आज उत्तराखंड के हजारों युवाओं का भविष्य बना रहा है।
पहाड़ी युवाओं के सपनों को वर्दी तक पहुँचाने का निःस्वार्थ संकल्प
रिटायरमेंट के बाद जब नारायण सिंह अपने गांव लौटे तो उन्होंने देखा कि पहाड़ों के होनहार युवा सही गाइडेंस और तैयारी की कमी के कारण आर्मी और पुलिस की भर्ती से चूक रहे थे। इस तकलीफ को उन्होंने अपना मिशन बना लिया और इस तरह “यूथ इंडिया एकेडमी” की शुरुआत हुई। तब से बागेश्वर के निकट रवाईखाल में नारायण सिंह भारतीय सेना के लम्बे अनुभव के दम पर क्षेत्र के युवाओं को पूरी तरह नि:शुल्क ट्रेनिंग देने लगे। आज भी यूथ इंडिया एकेडमी से फिजिकल की ट्रेनिंग के लेने के लिए ना कोई फीस लगती है और ना कोई शर्त है। सिर्फ मेहनत, अनुशासन और देशभक्ति का जुनून चाहिए।
नारायण सिंह की ट्रेनिंग से सैकड़ों युवाओं को वर्दी
अपने इस प्रयास से पिछले कुछ सालों में ही इनकी ट्रेनिंग की मदद से 300 से अधिक युवा सेना, पुलिस और अन्य सेवाओं में चयनित हो चुके हैं। आज अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, पौड़ी, नैनीताल जैसे कई जिलों से युवा यहां ट्रेनिंग के लिए आते हैं मैदान के आस पास ही कमरे लेकर रहते हैं। फौजी नारायण सिंह अपने काम के लिए इतने जूनूनी हैं कि युवाओं को ये खुद मैदान में सुबह-शाम दौड़ भाग करते हैं। जहां भी सेना अर्धसैनिक बलों में भर्ती होती है वे अपने बैच को जोश और हौंसले के साथ रवाना करते है, पिछले दिनों रानीखेत में अग्निवीर भर्ती के लिए भी अपनी टीम को रवाना किया।
युवाओं का सर्वांगीण विकास और राष्ट्रनिर्माण
यूथ इंडिया एकेडमी के बारे में बात करते हुए नारायण सिंह बताते हैं कि “हमारा उद्देश्य केवल युवा को सेना आदि संस्थाओं तक पहुँचाना नहीं है, बल्कि जो भी युवा हमारे पास आता है उसे जीवन जीने का तरीका सीखाना, नशे से दूर रखना और एक अच्छा नागरिक तैयार करना मुख्य उद्देश्य है। क्योंकि यह तो सम्भव नहीं कि जो भी यहां आए वो भर्ती होगा मगर जो भी यहाँ आए यहाँ से ऐसा अनुशासन और पाठ लेकर जाए कि वो जिस भी क्षेत्र में कार्य करे अच्छा ही करे। देश की तरक्की में हिस्सेदार बने।”

















