UK पुलिस की नई यूनिफॉर्म: मुस्लिम महिलाओं के लिए मैग्नेटिक हिजाब
July 15, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम विश्व

UK पुलिस की नई यूनिफॉर्म: मुस्लिम महिलाओं के लिए मैग्नेटिक हिजाब

लेस्टरशायर पुलिस और डी मॉन्टफोर्ट यूनिवर्सिटी के सहयोग से विकसित 'मैग्नेटिक हिजाब' अब उत्पादन में है। यह हिजाब खींचे जाने पर अलग हो जाता है, जिससे स्ट्रैंगुलेशन का खतरा कम होता है और मुस्लिम महिलाओं की भर्ती बढ़ाने का लक्ष्य है।

Written byसोनाली मिश्रासोनाली मिश्रा — edited by कुलदीप सिंह
Dec 23, 2025, 02:00 pm IST
in विश्व
UK Police Magnetic Hijab

प्रतीकात्मक तस्वीर

क्या किसी देश की पुलिस में किसी मजहब विशेष के अनुसार यूनिफ़ॉर्म को संशोधित किया जा सकता है? क्या ऐसा हो सकता है कि पुलिस में नियुक्ति का आधार मजहबी पोशाक हो? निष्पक्ष मानी जाने वाली पुलिस को लेकर आम लोग भी ऐसी किसी भी संभावना से इनकार करेंगे, क्योंकि जब व्यक्ति पुलिस जैसी सेवाओं में जाता है तो वह उस देश के मूल्यों के अनुसार बनी यूनिफ़ॉर्म को ही पहनता है और यही स्वीकार्य माना जाता है।

परंतु एक वर्ग ऐसा भी है, जिसे अपनी गरिमा को बनाए रखने के लिए अपनी पोशाक अलग चाहिए या फिर संशोधन चाहिए। मजे की बात यह है कि यूरोप में कथित मल्टीकल्चरिज्म के नाम पर मजहबी लोगों को विशेषाधिकार भी दिए जा रहे हैं और वह भी वहाँ के अपने लोगों की कीमत पर और इसे लेकर वहाँ के लोगों के दिल में गुस्सा भी बहुत है। अब जो निर्णय पुलिस को लेकर लिया जा रहा है, उसने एक बार फिर से यही बहस आरंभ कर दी है। दरअसल पुलिस में मुस्लिम महिलाओं की संख्या में वृद्धि करने के लिए ऐसा हो सकता है कि पुलिस की यूनिफ़ॉर्म के साथ हिजाब को ऐसा बनाया जाए कि वह आसानी से बांधा जा सके। अर्थात उसे पहनने में आसानी हो।

मुस्लिम महिला पुलिस के लिए मैग्नेटिक हिजाब

डेली मेल के अनुसार पुलिस बलों में “मैग्नेटिक हिजाब” को लाया जा सकता है और यह इसलिए कि जिससे ज्यादा से ज्यादा मुस्लिम महिलाएं पुलिस की नौकरी से जुड़ सकें। ये नई पोशाक इसलिए बनाई गई हैं कि जिससे महिलाओं का गला भी न घुटे और साथ ही उनकी गरिमा भी कायम रह सके।

गरिमा की रक्षा, परंतु किससे?

जब यह बात होती है कि मुस्लिम महिलाओं की गरिमा की रक्षा हो सके, तो एक बहुत बड़ा प्रश्न खड़ा होता है कि गरिमा की रक्षा किससे? क्या पुलिस बलों में हिजाब की बात करने वाले ये मानते हैं कि मुस्लिम लड़कियों पर श्वेत पुरुष गलत दृष्टि रखते हैं, इसलिए उन्हें पुलिस में रहते हुए भी अतिरिक्त सुरक्षा की आवश्यकता है? ब्रिटेन में लगातार ही यह बहस चल रही है कि पुलिस बल जैसी सेवाओं में अतिरिक्त मजहबी पोशाक की आवश्यकता क्या है?

और उसके बाद उस हिजाब को और भी अधिक सुविधाजनक बनाया जा रहा है? लोग प्रश्न कर रहे हैं कि आखिर इतना विशेषाधिकार क्यों? जो लोग अपनी पोशाक को लेकर इतने आग्रही हैं, क्या वे लोग निष्पक्ष रूप से कार्य कर सकेंगे?

क्या हैं ये मैग्नेटिक हिजाब?

अब प्रश्न यह उठता है कि ये मैग्नेटिक हिजाब हैं क्या? इन हिजाबो में ऐसी व्यवस्था है कि यदि किसी संदिग्ध के साथ किसी हिजाब पहनी हुई महिला अधिकारी की मुठभेड़ होती है और उसका हिजाब खींचा जाता है तो हिजाब का निचला हिस्सा इस तरह खुले कि अधिकारी के बाल न दिख सकें। और इस प्रकार मुस्लिम महिला अधिकारियों की गरिमा भी बनी रहेगी।

तीन साल के शोध और प्रयास के बाद यह हिजाब बना है

ब्रिटेन में हिजाब कई पुलिस बलों में काफी समय से यूनिफ़ॉर्म का हिस्सा बना हुआ है। सबसे पहले नॉर्थ यॉर्कशायर पुलिस ने एक दो पीस वाली डिजाइन का हिजाब अपनी मुस्लिम महिला पुलिस अधिकारियों को दिया था। न्यूजीलैंड पुलिस ने भी वर्ष 2021 में एक आपरैशनल हिजाब को प्रयोगात्मक रूप से आरंभ किया था। और मैग्नेटिक हिजाब को भी लीसेस्टरशायर पुलिस में पहले ही सभी योग्य अधिकारियों को दिया जा चुका है।

ये हिजाब लीसेस्टरशायर पुलिस ने डी मोंटफोर्ट यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर बनाए और डिज़ाइन किए हैं। डेलीमेल के अनुसार फाइनल प्रोडक्ट अप्रूव होने से पहले डिज़ाइन टीम ने सेवारत मुस्लिम अधिकारियों के साथ काम किया था।

मुस्लिम महिला अधिकारियों के साथ प्रयोग

बीबीसी के अनुसार इस हिजाब को अनुमोदित करने से पहले कई बार मुस्लिम महिला अधिकारियों पर प्रयोग भी किया गया था। लेस्टरशायर पुलिस के एसोसिएशन ऑफ़ मुस्लिम पुलिस के फाउंडर डिटेक्टिव सार्जेंट यासीन देसाई ने कहा कि इस डिज़ाइन को बनाने में तीन साल लगे। तीन साल की कड़ी मशक्कत के बाद यह नया उत्पाद बना, जिसे “ब्लू लाइट हिजाब” कहा जाता है और यासीन के अनुसार हिजाब का “निचला हिस्सा अलग होने में सक्षम है और अधिकारी की अपनी गरिमा भी सुरक्षित रहेगी।“ यासीन के अनुसार तीन साल के शोध और विकास के बाद इस मैग्नेटिक हिजाब का आना शानदार है और इस डिजाइन को और आगे लेकर जाना है।

यह भी कहा जा रहा है कि अन्य पुलिस बल भी इस हिजाब को खरीदने और शामिल करने के इच्छुक हैं, जिससे कि मुस्लिम महिलाएं बिना किसी रुकावट के पुलिस बल में शामिल हो सकें। इन हिजाब को अन्य आवश्यक सेवाओं में कार्य करने वाली मुस्लिम महिलाओं के लिए भी प्रयोग किया जाएगा। यासीन देसाई का कहना है कि इस हिजाब के आने से ज्यादा से ज्यादा मुस्लिम महिलाएं पुलिस बल में शामिल होंगी।

ब्रिटेन में मजहबी एजेंडे का विरोध करने वाले लोग इस “मैग्नेटिक हिजाब” को लेकर आलोचना कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे और भी अधिक कट्टरता फैलेगी। basil the great नामक यूजर ने अपने एक्स प्रोफ़ाइल पर लिखा कि The UK is a mess। और उन्होंने यह भी लिखा कि इस मैग्नेटिक हिजाब की डिजाइन बनाने में जो “शोध” हुआ है, उसमें £500,000 तक की लागत आई है।

 

Topics: Blue light hijabmagnetic hijab for policeMuslim police officerUK police uniformhijab safety designब्लू लाइट हिजाबमैग्नेटिक हिजाब पुलिसमुस्लिम पुलिस अधिकारीUK पुलिस यूनिफॉर्महिजाब सुरक्षा डिज़ाइन
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

No Content Available
Load More

ताज़ा समाचार

Jagannath Rath Yatra Significance Darubrahma Puri Temple King Indradyumna

पुरी रथयात्रा विशेष: भारत की सनातन आस्था का महामहोत्सव है जगन्नाथ स्वामी का रथयात्रा उत्सव

India on PoJK Pakistan Human Rights Violations External Affairs Ministry New Delhi Global Community

पीओजेके को लेकर भारत सख्त, कहा- ‘PoJK में कुकृत्यों के लिए पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराए अंतरराष्ट्रीय समुदाय’

International Court Credibility ICJ ICC Bias Debate Global Justice System National Sovereignty Marco Rubio

क्या अंतरराष्ट्रीय न्यायालय भी जवाबदेही से ऊपर हैं? अंतरराष्ट्रीय न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता पर छिड़ी बड़ी बहस!

Afghan Makeup Trend Viral Video Reels Instagram Women Burqa Protest Social Media

क्या है अफ़गान मेकअप ट्रेंड? और क्यों हो रहा है वायरल? बुर्के के पीछे छिपा है ये हैरान करने वाला सच!

CM Pushkar Singh Dhami Swami Ramdev Acharya Balkrishna Harela Parva Malagram Dhanwantari Dham Herbal World

Uttarakhand Harela Parva 2026: मालाग्राम में सीएम पुष्कर सिंह धामी, स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने किया पौधारोपण

Teejan Bai Passes Away Pandavani Singer Lokmanthan Parivar J Nandakumar Tribute Bhopal 2016

लोकसंस्कृति की अमर साधिका तीजन बाई का महाप्रयाण: लोकमंथन परिवार ने दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

Fatwa Against Aamir Khan Third Marriage Gauri Spratt Darul Ifta Chief Mufti Islamic Shariat

“आमिर खान की तीसरी शादी नाजायज और हराम” : मुस्लिम पर्सनल के शाही मौलाना ने जारी किया फतवा

BRICS Trade Union Forum Conference Hyderabad Bhartiya Mazdoor Sangh BMS Labor Policy Global Representatives

BRICS Trade Union Forum: हैदराबाद में भारतीय मजदूर संघ की अगुवाई में जुटें वैश्विक प्रतिनिधि, श्रमिकों पर होगी महाचर्चा

केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू

“जो खून बहा, वह पंजाब का था…” रवनीत सिंह बिट्टू की अकाल तख्त के जत्थेदार से बड़ी अपील!

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी

डॉ. श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती : स्वतंत्र भारत के औद्योगिक पुनर्जागरण के शिल्पी

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies