नई दिल्ली, (हि.स.)। दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े जनकपुरी हिंसा मामले में आरोपित सज्जन कुमार के खिलाफ दर्ज मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया है। स्पेशल जज दिग्विनय सिंह ने 22 जनवरी को फैसला सुनाने का आदेश दिया।
इस मामले में 23 सितंबर को कोर्ट ने ट्रायल पूरी कर ली थी। साेमवार काे सुनवाई के दौरान केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कहा कि वो एक हफ्ते के अंदर लिखित दलीलें दाखिल करेगा। कोर्ट ने सीबीआई की दलीलें दाखिल करने के बाद सज्जन कुमार को अगले एक हफ्ते में लिखित दलीलें दाखिल करने का निर्देश दिया।
सज्जन कुमार की दलील और पीड़ित का जवाब
सज्जन कुमार ने 7 जुलाई को खुद को निर्दोष बताया था। पीड़ित मंजीत कौर ने 9 नवंबर, 2023 को अपने बयान दर्ज कराए थे। अपने बयान में मंजीत कौर ने कहा था कि मैंने भीड़ के लोगों से सुना था कि सज्जन कुमार भीड़ में शामिल थे, लेकिन सज्जन कुमार को आंखों से नहीं देखा था।
कोर्ट ने दिया आरोप तय करने का आदेश
कोर्ट ने 23 अगस्त, 2023 को सज्जन कुमार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 148, 153A, 295, 149, 307, 308, 323, 325, 395, 436 के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया था। हालांकि, कोर्ट ने एसआईटी को सज्जन कुमार के खिलाफ लगाई गई हत्या की धारा 302 को हटाने का आदेश दिया था।

















