अदीस अबाबा, (हि.स.)। इथोपिया की राजधानी अदीस अबाबा में इथोपियाई गायकों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्वागत वंदे मातरम् से किया। इस दौरान प्रधानमंत्री के स्वागत में बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय जुटे और तिरंगा लहराते हुए ‘मोदी-मोदी’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए। प्रधानमंत्री मोदी ने उनका अभिवादन किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने इसका वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री अबी अहमद अली द्वारा आयोजित रात्रिभोज में इथियोपियाई कलाकारों की ओर से ‘वंदे मातरम’ की मधुर प्रस्तुति सुनना एक अत्यंत भावपूर्ण क्षण था, खासकर ऐसे समय में जब भारत ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ मना रहा है।
शानदार प्रस्तुति की सराहना
वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी वंदे मातरम का गीत सुनने के बाद हाथ उठाकर तालियां बजाते हुए नजर आए। उनके साथ इथोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली और भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल भी मौजूद थे और उन्होंने भी तालियां बजाकर प्रस्तुति की सराहना की। इथोपिया के राष्ट्रगीत में भी भारतीय राष्ट्रगीत वंदे मातरम की तरह मातृभूमि को मां के रूप में संबोधित किया गया है, जो भारतीय राष्ट्रीय गीत से भावनात्मक समानता को दर्शाता है।
At yesterday’s banquet dinner hosted by Prime Minister Abiy Ahmed Ali, a wonderful rendition of Vande Mataram was sung by Ethiopian singers. It was a deeply moving moment, that too at a time when we are marking 150 years of Vande Mataram. @AbiyAhmedAli pic.twitter.com/TeHbPzBBLb
— Narendra Modi (@narendramodi) December 17, 2025
भारत का इथोपिया से दो हजार साल पुराना रिश्ता
प्रधानमंत्री मोदी अपनी तीन देशों की यात्रा के दूसरे चरण में इथोपिया में हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इथोपिया की संसद के संयुक्त सत्र को बुधवार को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और इथियोपिया की जलवायु और भावना दोनों में गर्मजोशी है। भारत का इथियोपिया से दो हजार साल पुराना रिश्ता है। दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी तक ले जाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा, ”भारतीय कंपनियां इथोपिया में सबसे बड़े निवेशकों में से हैं। उन्होंने अलग-अलग सेक्टरों में पांच बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश किया है। 75000 से अधिक नौकरी पैदा की हैं। हमने भारत-इथियोपिया द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी तक ले जाने का फैसला किया है।”
पीएम मोदी ने वैश्विक दक्षिण के उभार का उल्लेख करते हुए विश्व को संदेश दिया कि अतीत में अटकी व्यवस्थाओं से आगे बढ़ना संभव नहीं है। उन्होंने इथोपिया को क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और संपर्क के क्षेत्र में स्वाभाविक मित्र बताया। उन्होंने भारत और इथोपिया को क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और संपर्क के क्षेत्र में स्वाभाविक मित्र बताया। कहा कि इथोपिया में अफ्रीका जाने का मार्ग है और वहीं भारत हिंद महासागर के बीच में बसा है।
इथोपिया के राष्ट्रगीत में भी मां का रूप
उन्होंने अपने भाषण में इस बात का विशेष उल्लेख किया कि भारत और इथोपिया के राष्ट्रगीत में भूमि को मां के रूप में देखा गया है। उन्होंने इथोपिया का ‘ग्रेट ओनर निशान ऑफ़ इथियोपिया’ प्राप्त करने पर आभार प्रकट किया। प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि पिछले 11 वर्षों में भारत और अफ्रीका के बीच संबंधों में कई गुना प्रगति हुई है। भारत के डिजिटल सार्वजनिक ढांचे ने सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने के तरीके को पूरी तरह से बदल दिया है। भारत ने 150 से ज्यादा देशों को दवायें और वैक्सीन पहुंचाई है यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि हमने इथोपिया को भी 40 लाख वैक्सीन खुराक के मुहैया कराई।
दोनों देशों ने साथ लड़ी आजादी की लड़ाई
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अदीस और धोलेरा जैसे बंदरगाह सिर्फ व्यापार केंद्र नहीं थे, बल्कि सभ्यताओं के बीच पुल थे। आधुनिक समय में, हमारे रिश्ते एक नए युग में प्रवेश करते हैं, जब 1941 में भारतीय सैनिकों ने इथोपिया की आजादी के लिए इथोपियाई लोगों के साथ मिलकर लड़ाई लड़ी।”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस शानदार बिल्डिंग में आपके कानून बनते हैं। यहीं लोगों की सहमति राज्य की मर्जी बनती है और जब राज्य की मर्जी लोगों की सहमति से मिलती है, तो परियोजनाओं का पहिया आगे बढ़ता है। मोदी ने अपना भाषण पूरा करने के बाद इथोपियाई सांसदों से मुलाकात की।











