हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो और रिपोर्ट वायरल हुई, जिसमें दावा किया गया कि बाजार में बिकने वाले कुछ अंडों, खासकर एक पॉपुलर ब्रांड Eggoz के अंडों में नाइट्रोफ्यूरान नाम के प्रतिबंधित एंटीबायोटिक के अवशेष मिले हैं। इस दावे के बाद भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने तुरंत एक्शन लिया। दिसंबर 2025 में FSSAI ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ब्रांडेड और अनब्रांडेड दोनों तरह के अंडों के सैंपल इकट्ठा करें और उन्हें मान्यता प्राप्त लैब में टेस्ट करवाएं।
नाइट्रोफ्यूरान क्या है और क्यों बैन है
नाइट्रोफ्यूरान एक तरह का एंटीबायोटिक है, जो मुर्गियों और दूसरे खाद्य पशुओं में इस्तेमाल करने के लिए भारत समेत कई देशों में पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसका कारण यह है कि इसके अवशेष अंडों और मीट में लंबे समय तक रह सकते हैं। ज्यादा मात्रा में या लंबे समय तक संपर्क में आने से यह कैंसर का खतरा बढ़ा सकता है। इसके अलावा एलर्जी, सांस की तकलीफ, उल्टी-दस्त, लीवर और किडनी को नुकसान, साथ ही नर्व्स संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं। FSSAI ने इसे फूड प्रोड्यूसिंग एनिमल्स में इस्तेमाल करने पर पूरी तरह बैन कर रखा है, लेकिन कभी-कभी पर्यावरण से थोड़ी मात्रा आ सकती है, जिसके लिए 1 माइक्रोग्राम प्रति किलोग्राम तक की लिमिट रखी गई है।
वायरल वीडियो में क्या दावा हुआ
वीडियो एक यूट्यूब चैनल Trustified का था, जिसमें Eggoz ब्रांड के अंडों के सैंपल टेस्ट करवाए गए। रिपोर्ट में AOZ नाम का मेटाबोलाइट मिला, जो नाइट्रोफ्यूरान का संकेत है। मात्रा 0.73 माइक्रोग्राम प्रति किलोग्राम बताई गई। चैनल ने इसे खतरनाक बताया और कहा कि दूसरे देशों में जीरो टॉलरेंस है। इस वीडियो से काफी हंगामा हुआ और लोग अंडे खाने को लेकर चिंतित हो गए।
ब्रांड और FSSAI का पक्ष
Eggoz कंपनी ने तुरंत जवाब दिया कि उनके अंडे पूरी तरह सुरक्षित हैं और FSSAI के मानकों पर खरे उतरते हैं। उन्होंने अपनी तरफ से NABL मान्यता प्राप्त लैब के टेस्ट रिपोर्ट शेयर किए, जिनमें कोई प्रतिबंधित पदार्थ नहीं मिला। कंपनी का कहना है कि अगर कोई ट्रेस मात्रा मिली भी तो वह पर्यावरणीय कारणों से हो सकती है, न कि जानबूझकर एंटीबायोटिक इस्तेमाल से। FSSAI ने अभी कोई आधिकारिक रिपोर्ट जारी नहीं की है, लेकिन सैंपल कलेक्शन और टेस्टिंग का काम चल रहा है। देशभर के 10 लैब में ये टेस्ट हो रहे हैं। दिल्ली सहित कई जगहों से सैंपल लिए जा रहे हैं।
जांच की मौजूदा स्थिति
अभी तक कोई फाइनल रिजल्ट नहीं आया है। FSSAI ने सभी राज्यों को कहा है कि ब्रांडेड और लोकल दोनों अंडों के सैंपल लें। यह जांच पूरे देश में हो रही है, न कि सिर्फ दिल्ली में। अधिकारियों को मान्यता प्राप्त लैब में टेस्ट करवाने के निर्देश हैं। जैसे ही रिपोर्ट आएगी, आगे की कार्रवाई होगी।











