दुनिया के मशहूर फुटबॉलर लियोनेल मेसी भारत दौरे पर आए हैं। उनका ‘GOAT टूर 2025’ कोलकाता से शुरू हुआ, जहां साल्ट लेक स्टेडियम में हजारों फैंस उन्हें देखने पहुंचे। लोग हजारों रुपये के टिकट खरीदकर आए थे, लेकिन सिर्फ 20-22 मिनट की विजिट में मेसी को ठीक से देख भी नहीं पाए। वजह थी VIP कल्चर – मेसी के चारों तरफ नेता, अधिकारी और सेलिब्रिटी घेरा बनाकर खड़े थे। जैसे ही मेसी चले गए, फैंस का गुस्सा फूट पड़ा। मेसी को भी पत्थर लगे। इस पर अब असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को गिरफ्तार करने की मांग की है।
स्टेडियम में क्या हुआ बवाल
कार्यक्रम के दौरान फैंस ने गुस्से में प्लास्टिक की बोतलें और कुर्सियां मैदान पर फेंक दीं। कुछ ने टेंट और गोलपोस्ट भी तोड़ दिए। कुछ लोग सिक्योरिटी तोड़कर अंदर घुस आए। पुलिस ने भीड़ को काबू करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। कुछ फैंस और पुलिसवाले घायल हुए, लेकिन कोई मौत नहीं हुई। हंगामा करीब डेढ़ घंटे चला। मेसी को सुबह करीब 11:52 बजे स्टेडियम से निकाला गया। उस वक्त ममता बनर्जी, शाहरुख खान और सौरव गांगुली अभी पहुंचे भी नहीं थे। पूरा प्रोग्राम जल्दी खत्म हो गया।
आयोजक की गिरफ्तारी और ममता की माफी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना पर गहरा अफसोस जताया। उन्होंने मेसी और सभी फुटबॉल प्रेमियों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। कहा कि वो खुद स्टेडियम जा रही थीं, लेकिन रास्ते में ही ये सब देखकर स्तब्ध रह गईं। ममता ने हाई-लेवल जांच कमेटी बनाने का ऐलान किया, जिसमें रिटायर्ड जस्टिस शामिल हैं। पुलिस ने मुख्य आयोजक सतद्रु दत्ता को कुप्रबंधन के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। वो मेसी को एयरपोर्ट छोड़ने जा रहे थे, तभी पकड़े गए। पुलिस ने कहा कि टिकटों का रिफंड भी कराया जाएगा। राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने इसे ‘काला दिन’ बताया और आयोजक पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
हिमंता बिस्वा सरमा का तीखा हमला
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इस पूरे मामले पर पश्चिम बंगाल सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि बंगाल में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। VIP कल्चर की वजह से आम फैंस को मेसी की झलक तक नहीं मिली। सरमा ने सीधे ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य की गृह मंत्री होने के नाते (जो खुद ममता हैं) और कोलकाता पुलिस कमिश्नर को गिरफ्तार कर लेना चाहिए। पूरी जिम्मेदारी उनकी है। सरमा ने आगे कहा कि मेसी दुनिया भर के लिए प्रेरणा हैं, ममता को आत्ममंथन करना चाहिए। बंगाल में हर रोज निर्दोष लोगों पर अत्याचार होते हैं।
दूसरे राज्यों से सरमा की तुलना
हिमंता ने अपनी बात मजबूत करने के लिए दूसरे उदाहरण दिए। कहा कि असम में जुबीन गर्ग की मौत के बाद गुवाहाटी में तीन दिन तक लाखों लोग सड़कों पर थे, लेकिन कोई हादसा नहीं हुआ। पोस्ट मालोन का प्रोग्राम भी शांतिपूर्वक हुआ। मुंबई में महिला विश्व कप फाइनल भी बिना किसी गड़बड़ी के संपन्न हुआ। लेकिन बंगाल में VIP कल्चर इतना ज्यादा है कि कुछ कहा नहीं जा सकता।

















