दिल्ली और आसपास के इलाकों में एक बार फिर हवा की गुणवत्ता बहुत खराब हो गई है। रविवार सुबह घने स्मॉग और कोहरे की वजह से विजिबिलिटी काफी कम हो गई। सड़कों पर गाड़ियां धीरे चल रही हैं, लोग हेडलाइट जलाकर ड्राइव कर रहे हैं। एयरपोर्ट पर भी विजिबिलिटी कम होने से असर पड़ा है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के डेटा के अनुसार, दिल्ली के कई हिस्सों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 500 के करीब पहुंच गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है। सुबह सात बजे दिल्ली का औसत AQI 462 रहा, जो ‘गंभीर’ कैटेगरी में है। सभी 40 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI ‘गंभीर’ लेवल पर है।
इलाकों में AQI की स्थिति
दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में AQI इस तरह दर्ज किया गया:
आनंद विहार: 491
आईटीओ: 484
पहाड़गंज: 488
रोहिणी: 499
जहांगीरपुरी: 495
विवेक विहार: 495
बवाना: 497
बुराड़ी: 474
चांदनी चौक: 466
आरके पुरम: 471
एनसीआर के कुछ इलाकों में भी स्थिति खराब है, जैसे गाजियाबाद की वसुंधरा में 481, इंदिरापुरम में 476, नोएडा सेक्टर-62 में 433 और गुरुग्राम के विकास सदन में 293।
AQI की श्रेणियां
0-50 अच्छा, 51-100 संतोषजनक, 101-200 मध्यम, 201-300 खराब, 301-400 बहुत खराब और 401-500 गंभीर माना जाता है। गंभीर लेवल पर स्वस्थ लोग भी प्रभावित हो सकते हैं।
GRAP-4 के तहत क्या पाबंदियां लगीं
प्रदूषण बढ़ने पर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने पहले GRAP-3 लगाया, लेकिन शाम तक GRAP-4 लागू करना पड़ा। अब दिल्ली-NCR में GRAP के सभी चार चरणों की पाबंदियां चल रही हैं। इसके तहत दिल्ली में सिर्फ BS-6 डीजल, CNG या इलेक्ट्रिक वाहनों को एंट्री मिलेगी। BS-3 पेट्रोल और BS-4 डीजल वाली चार पहिया गाड़ियों पर पूरी रोक, हालांकि दिव्यांग लोग अपनी गाड़ी चला सकते हैं। स्वच्छ ईंधन न चलाने वाले ईंट भट्ठे, हॉट मिक्स प्लांट और स्टोन क्रशर बंद रहेंगे। ज्यादातर निर्माण कार्य बंद, सिर्फ सड़क, बिजली और जरूरी सेवाओं वाली परियोजनाओं को छूट। ट्रकों की एंट्री पर रोक, सिर्फ जरूरी सामान लाने वाले CNG, इलेक्ट्रिक या BS-6 ट्रक आ सकेंगे। दिल्ली के बाहर से गैर-जरूरी हल्की कमर्शियल गाड़ियों की एंट्री बंद। दिल्ली में रजिस्टर्ड BS-6 से पुराने डीजल वाले भारी मालवाहक वाहनों पर पाबंदी लगी रहेगी।
ऑफिस और स्कूलों पर असर
प्रदूषण के इस स्तर को देखते हुए सरकारी और प्राइवेट ऑफिसों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने का आदेश है। शिक्षा विभाग ने स्कूलों के लिए निर्देश जारी किया है कि नौवीं क्लास तक और 11वीं क्लास की पढ़ाई हाइब्रिड मोड में होगी, यानी बच्चे घर से ऑनलाइन या स्कूल आकर पढ़ सकते हैं।
















