लातूर (महाराष्ट्र)। पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री और कांग्रेस नेता शिवराज पाटिल का शुक्रवार सुबह लातूर में निधन हो गया। 90 वर्षीय पाटिल ने अपने आवास पर आखिरी सांस ली। वह कुछ समय से अस्वस्थ थे। शिवराज पाटिल के निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी शोक संवेदना व्यक्त की।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि पाटिल एक प्रमुख सार्वजनिक हस्ती थे, जिन्होंने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में लोकसभा अध्यक्ष, केंद्रीयमंत्री, राज्यपाल और सांसद जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। उन्होंने उनके परिवार और शुभचिंतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पाटिल ने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में समाज और राष्ट्र सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनका जाना राजनीति और समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने पाटिल के साथ अपने वर्षों पुराने अनेक संवादों को याद किया और बताया कि कुछ महीने पहले पाटिल ने उनके आवास पर मुलाकात भी की थी।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि भारत के पूर्व गृह मंत्री एवं लोकसभा अध्यक्ष श्री शिवराज पाटिल जी के निधन पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अतीव दु:ख के साथ उनके परिवार एवं मित्रों को अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता है। शिवराज पाटिल जी राजनीतिक क्षेत्र में अपने व्यक्तित्व के कारण विशिष्ट स्थान रखते थे। दिवंगत आत्मा की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना।
मुंबई हमले के बाद दिया था इस्तीफा
पाटिल ने 1980 में राष्ट्रीय राजनीति में प्रवेश किया। वह इस साल पहली बार सातवीं लोकसभा के लिए चुने गए और 2004 तक लगातार सात कार्यकाल तक सदस्य बने रहे। 1980-1990 की अवधि के दौरान उन्होंने संसद सदस्यों के वेतन और भत्तों पर संयुक्त समिति में कार्य किया। बाद में इसके अध्यक्ष बने। संसद में उनका कार्यकाल विभिन्न मंत्रालयों में व्यापक कार्य के लिए जाना जाता है। वह 2004 से 2008 देश के गृहमंत्री रहे। 26/11 मुंबई आतंकवादी हमलों के बाद उन्होंने सुरक्षा चूक की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए 30 नवंबर, 2008 को इस्तीफा दे दिया। 2010 और 2015 के बीच पाटिल ने पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ केंद्रशासित प्रदेश के प्रशासक के तौर पर काम किया।
शिवराज पाटिल का जन्म 12 अक्टूबर, 1935 को महाराष्ट्र के लातूर जिले के चाकुर गांव में हुआ था।











