पश्चिम बंगाल के कोलकाता में हिन्दुओं के धार्मिक कार्यक्रम में कुछ लोग चिकन पेटी बेचने पहुंच गए। इस पर आपसी बहस के बाद हुई झड़प और फिर पुलिस ने तीनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया। अब ये युवक जमानत पर छूटे तो राज्य विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने सम्मानित कर दिया। भाजपा के इस दिग्गज नेता ने साफ कहा कि उनका पहला फर्ज है अपने धर्म और हिंदू भाई-बहनों की रक्षा करना। उन्होंने दावा किया कि उनके वकीलों की टीम ने इन युवकों की रिहाई में अहम भूमिका निभाई। ये घटना तब की है जब एक गीता पाठ कार्यक्रम में नॉन-वेज खाना बेचने पर विवाद भड़क गया था।
घटना का पूरा विवरण
सब कुछ एक शांतिपूर्ण गीता पाठ कार्यक्रम से शुरू हुआ, जो कोलकाता के मैदान इलाके में आयोजित था। यहां दो चिकन पेटी वाले दुकानदार नॉन-वेज फूड बेच रहे थे, जो आयोजकों को नागवार गुजरा। युवकों का एक ग्रुप उन्हें समझाने के लिए गया तो बात बढ़ी और फिर मारपीट शुरू हो गई। ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई। इस मामले में धार्मिक भावनाओं को आहत करने वालों पर कार्रवाई करने की जगह मैदान पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने युवकों को गिरफ्तार कर लिया। ये युवक स्थानीय थे और कार्यक्रम की व्यवस्था से जुड़े माने जा रहे थे।
https://Twitter.com/Sourav_3294/status/1999164908190261578?s=20
गिरफ्तारी से जमानत तक
गिरफ्तारी के बाद केस बैंकशाल कोर्ट में पहुंचा। वहां तीनों को 1,000 रुपये के पर्सनल बॉन्ड पर जमानत मिल गई। सुवेंदु अधिकारी ने इसे अपनी जीत बताया। उन्होंने कहा कि उनके लीगल टीम ने मैदान पुलिस स्टेशन पर कई वकीलों के साथ मिलकर रणनीति बनाई और जल्दी रिहाई सुनिश्चित की। जमानत पर बाहर आए इन युवकों को अधिकारी फूलमाला पहनाकर सम्मानित किया। फोटोज फेसबुक पर पोस्ट कर उन्होंने लिखा कि ये उनके हिंदुत्व के समर्थकों की ताकत दिखाता है।
हिंदू एकता का नारा
सुवेंदु ने ममता बनर्जी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, “ममता दीदी, तुम्हारी वफादार पुलिस से सनातनियों को दबा नहीं सकतीं। धर्म की रक्षा का संघर्ष जारी रहेगा, और इसमें मैं हर हिंदू के साथ खड़ा हूं।” रिपोर्टर्स से बातचीत में उन्होंने जोड़ा, “भारत में न्याय की आवाज अभी भी गूंज रही है।” उन्होंने ममता के उस बयान पर तंज कसा, जिसमें उन्होंने हमले को ‘ये बंगाल है, यूपी नहीं’ कहकर निशाना बनाया था। सुवेंदु ने सवाल उठाया कि गिरफ्तारी का फैसला कौन लेता है? उन्होंने गीता का हवाला देकर कहा कि अगर हिंदू भाई-बहन मुश्किल में हैं, तो धर्म रक्षा मेरा फर्ज है।

















