नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में हुए हालिया शिलान्यास कार्यक्रम को देश में “नफरत का माहौल बनाने का साधन” बताते हुए, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने राज्य सरकार से “कड़ी कार्रवाई” करने की मांग की। मसूद ने कहा कि मस्जिद के नाम पर “राजनैतिक खेल खेलना गलत है।”
“मस्जिद बन सकती है, लेकिन राजनीति नहीं होनी चाहिए” — इमरान मसूद
मसूद ने एक समाचार एजेंसी से बात करते हुए कहा, “यह पूरे देश में नफरत का माहौल बनाने का एक तरीका है… पश्चिम बंगाल सरकार को इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। मस्जिद बनाई जा सकती है, लेकिन मस्जिद के नाम पर राजनीतिक खेल खेलना गलत है।”
हुमायूँ कबीर ने किया बाबरी मस्जिद निर्माण का शिलान्यास
कबीर ने शनिवार को मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद निर्माण परियोजना का शिलान्यास किया, जिस पर व्यापक आलोचना हुई। कबीर ने कहा कि पूजा-स्थल बनाने का संवैधानिक अधिकार है और वे कोई असंवैधानिक कार्य नहीं कर रहे हैं- “जैसे मंदिर या चर्च बनाए जा सकते हैं, वैसे ही मैं भी मस्जिद बना सकता हूँ”
कानूनी मामलों से नहीं रुकेगा मस्जिद निर्माण : कबीर
कबीर ने कहा कि कानूनी चुनौतियाँ उन्हें नहीं रोक सकतीं—“मेरे खिलाफ पाँच मामले दर्ज किए गए हैं, लेकिन जिसे अल्लाह का साथ हो, उसे कोई नहीं रोक सकता। अदालत ने भी साफ कहा है कि भारत के संविधान में लिखा है कि कोई भी मस्जिद बना सकता है, यह एक अधिकार है।”
300 करोड़ की परियोजना में अस्पताल और गेस्टहाउस भी शामिल
कबीर ने बताया कि मस्जिद के लिए 300 करोड़ का बजट तय किया गया है, जिसमें अस्पताल, गेस्टहाउस और मीटिंग हॉल भी शामिल होंगे। उन्होंने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा, “यह मुसलमानों का वादा है: बाबरी मस्जिद बनेगी, बनेगी, बनेगी।”

















