भुवनेश्वर। जगतसिंहपुर जिले के डिहासाही क्षेत्र की एक नाबालिग लड़की के अपहरण का मामला सामने आया है, जिसमें आरोप एक ऐसे युवक पर है, जिसके बांग्लादेशी होने का संदेह जताया गया है। परिजनों द्वारा जगतसिंहपुर सदर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। परिवार का आरोप है कि युवक ने उनकी बेटी का अपहरण किया और विरोध करने या पुलिस को सूचना देने पर विस्फोटक से उड़ा देने की धमकी दी।
लड़की के पिता के अनुसार, उनकी बेटी प्लस टू की छात्रा है और 2 दिसंबर की सुबह कॉलेज के लिए निकली थी। शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजन चिंतित हुए। पिता ने बताया, कि काम से लौटकर जब मैंने पत्नी से पूछा कि बेटी आई या नहीं, तो उन्होंने ‘ना’ कहा। शक होने पर मैं कॉलेज गया, जहां प्रिंसिपल ने बताया कि वह उस दिन कॉलेज पहुंची ही नहीं।
इसके बाद पिता ने सदर थाने में एफआईआर दर्ज कराई और आरोपी युवक का मोबाइल नंबर भी पुलिस को सौंपा। प्रारंभिक ट्रैकिंग में आरोपी का मोबाइल लोकेशन मुर्शिदाबाद में पाया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामला दर्ज कर लिया गया है और लड़की की तलाश तथा आरोपी की पहचान करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस युवक की राष्ट्रीयता के बारे में भी जानकारी ली जा रही है । ।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि नाबालिग की सुरक्षित बरामदगी के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं। परिवार को मिली धमकी को देखते हुए उनके घर के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा भी दी गई है ।

यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब कुछ दिन पहले ही ओडिशा के क्योंझर जिले में एक 9 वर्षीय दिव्यांग वनवासी बच्ची के साथ दुष्कर्म की दर्दनाक घटना से क्षेत्र में आक्रोश फैल गया था। घटना के विरोध में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की क्योंझर इकाई ने 12 घंटे का बंद आह्वान किया था। संगठन ने आरोप लगाया था कि जिले में बढ़ती आपराधिक घटनाओं के लिए बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठिए जिम्मेदार हैं, जिन्हें रोकने के लिए सरकार को तत्काल कदम उठाने चाहिए। बंद के दौरान क्योंझर में सामान्य जीवन काफी प्रभावित रहा। बाजार, व्यापारिक प्रतिष्ठान और सार्वजनिक परिवहन सेवाएं काफी हद तक ठप रहीं। विहिप का कहना था कि बढ़ते अपराधों के मद्देनज़र प्रशासन को कठोर कार्रवाई कर राज्य में अवैध घुसपैठ को रोकना आवश्यक है।
















