नई दिल्ली/कोलकाता। पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार किसी न किसी राजनीतिक विवाद में घिरी रहती है। एक तरफ जहां देशभर में शांतिपूर्ण एसआईआर हो रहा है वहीं पश्चिम बंगाल में इसे लेकर बवाल मचा हुआ है और ममता बनर्जी सरकार पर बीएलओ को धमकाने और सही से एसआईआर (SIR) प्रक्रिया न होने देने का आरोप लग रहा है। अब BJP ने सूबे की शिक्षा व्यवस्था को लेकर ममता बनर्जी को घेरा है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी का कहना है कि ममता बनर्जी सरकार शिक्षा पर शुल्क वसूल रही है।
सेंटर फीस के नाम पर छात्रों से शुल्क वसूल रही TMC
शुभेंदु अधिकारी का कहना है कि शिक्षा नि:शुल्क होने के बावजूद राज्य सरकार छात्रों से विभिन्न तरीकों से पैसे वसूलने की कोशिश कर रही है। उच्च माध्यमिक शिक्षा परिषद की एक हालिया अधिसूचना का हवाला देते हुए उन्होंने टीएमसी सरकार पर यह आरोप लगया है। बीजेपी नेता ने कहा कि 2026 की उच्च माध्यमिक परीक्षा के लिए नामांकन के दौरान छात्रों को अनिवार्य रूप से निर्धारित शुल्क जमा करना होगा। इसके अलावा परीक्षार्थियों से अलग से सेंटर फीस’ लेने का भी निर्देश दिया गया है। जो पूरी तरह गलत और अवैध है।
छात्रों से शुल्क वसूली का उद्देश्य क्या है?
उन्होंने दावा किया कि केंद्र की अटल बिहारी वाजपेयी सरकार द्वारा शुरू किया गया सर्व शिक्षा अभियान जो बाद में समग्र शिक्षा अभियान में विलय किया गया। इसमें प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 12 तक सभी छात्रों को नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा का प्रावधान है। ऐसे में राज्य सरकार द्वारा शुल्क वसूली का उद्देश्य क्या है? उन्होंने कहा कि शिक्षक भर्ती भ्रष्टाचार, शिक्षकों की भारी कमी, बुनियादी ढांचे के टूटने और सरकारी उदासीनता के कारण हजारों सरकारी स्कूल बंद होने की कगार पर हैं। सरकार का असल उद्देश्य अभिभावकों को मजबूर करना है कि वे अपने बच्चों को निजी स्कूलों में भेजें, जिससे सत्तारूढ़ दल के करीबी निजी शिक्षा संस्थानों को आर्थिक लाभ मिल सके।
छात्रों से ली जा रही फीस तुरंत बंद की जाए
उन्होंने तंज कसा कि सत्ताधारी दल से जुड़े कारोबारी ममता बनर्जी को खुश करने के लिए कभी विदेश के कॉलेज कैंटीनों में कार्यक्रम कर यह प्रचार करते हैं कि मुख्यमंत्री को ऑक्सफोर्ड सम्मानित कर रहा है तो कभी जापान की किसी यूनिवर्सिटी से मानद डिग्री खरीदने की व्यवस्था करते हैं। यह सब केवल राजनीतिक छवि चमकाने और बड़े पैमाने पर चंदा जुटाने के मकसद से किया जाता है। उन्होंने कहा कि छात्रों से ली जा रही यह फीस तुरंत बंद की जाए। जिन छात्रों से पहले ही पैसा वसूला जा चुका है उन्हें पूरी राशि तुरंत लौटाई जाए।











