तमिलनाडु के शिवगंगा जिले में रविवार शाम को एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ है। दो सरकारी बसें आपस में टकरा गईं, जिसमें 11 लोगों की जान चली गई। इनमें नौ महिलाएं शामिल हैं। हादसे के कारण सड़क पर ट्रैफिक करीब आधे घंटे के लिए रुक गया। ये बसें रूट पर चल रही थीं – एक कंगेयम से कराईकुड़ी जा रही थी, दूसरी कराईकुड़ी से दिन्दिगुल। स्थानीय लोग और फायर सर्विस ने घायलों को बचाने में मदद की, लेकिन तब तक कई जिंदगियां खत्म हो चुकी थीं।
क्या है पूरा मामला ?
हादसा शाम करीब 5 बजे विवेकानंद पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास तिरुपत्तुर में लगा। पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, एक बस का ड्राइवर एक महिला को बचाने के चक्कर में सड़क से भटक गया। वो महिला स्टेट हाईवे पार करने की कोशिश कर रही थी। ड्राइवर ने बस मोड़ ली, लेकिन सामने से आ रही दूसरी बस से जोरदार टक्कर हो गई। दोनों बसें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। सड़क पर अफरा-तफरी मच गई, लोग चीख रहे थे, मदद के लिए दौड़ रहे थे। ट्रैफिक जाम हो गया, लेकिन राहगीरों ने फौरन हाथ बंटाया।
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हताहतों का आंकड़ा
इस दुर्घटना में 11 लोगों की मौत हो गई। इनमें आठ लोग – जिसमें एक ड्राइवर भी शामिल था – घटनास्थल पर ही दम तोड़ चुके थे। बाकी तीन घायलों की थिरुपत्तुर गवर्नमेंट हॉस्पिटल ले जाते वक्त मौत हो गई। मरने वालों में 9 महिलाएं थीं। मृतकों की पहचान ड्राइवर पी. सेन्द्रायन, और महिलाएं एस. मुथुमारी, आर. कल्पना, वी. मल्लिका, एम. चेल्लम, डी. गुणलक्ष्मी, के. लावण्या, ए. देवनाई शामिल हैं। तीन शवों की अभी पहचान नहीं हो पाई। इसके अलावा 54 लोग घायल हुए, जिनमें से कई की हालत गंभीर थी। घायलों को कराईकुड़ी, तिरुपत्तुर, शिवगंगा, पुदुकोट्टई और मदुरै के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। 20 एम्बुलेंस लगीं, और करीब 28 लोग खुद ही प्राइवेट हॉस्पिटल पहुंचे।
सरकार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने हादसे पर शोक जताया। उन्होंने मृतकों के परिवारों को 3 लाख रुपये की सहायता, गंभीर रूप से घायलों को 1 लाख, और मामूली चोट वालों को 50 हजार रुपये देने का ऐलान किया है। इस मामले में नचियापुरम पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है।











