पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग के द्वारा किए जा रहे एसआईआर के बीच भाजपा सांसद सुभेंदु अधिकारी बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्थानीय सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा में चुनाव आयोग की टीम पर हमले की साजिश टीएमसी ने रची है। टीएमसी नेता जहांगीर ने इसके लिए 300 महिलाओं को इकट्ठा किया है।
भाजपा नेता ने ये दावा सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक पोस्ट के जरिए किया है। उन्होंने लिखा, “लोकल सोर्स ने मुझे बताया है कि लोकल TMC लीडर जहांगीर ने ECI की विज़िटिंग टीम को रोकने और हमला करने के लिए करीब 300 औरतों को इकट्ठा किया है, जिनमें से हर एक को कथित तौर पर ₹500 दिए गए हैं। वे अभी GP ऑफिस के ऊपर बैंक्वेट हॉल में जमा हैं, और ऐसे संकेत हैं कि जहांगीर और BDO ने उन्हें “ट्रेनिंग” दी है। अगर ECI टीम आगे बढ़ती है, तो डंडों और जूतों से हिंसक हमले का पक्का डर है।”
अधिकारी ने चुनाव आयोग को टैग करते हुए राज्य में किसी भी तरह की हिंसा को रोकने और आयोग की टीम की सुरक्षा को पक्का करने के लिए उचित कदम उठाने की गुजारिश की है। इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि अभी तो ये खबर उन्हें सूत्रों के हवाले से मिली है, लेकिन अगर ये सत्यापित हो जाती है तो उन्होंने लोकतंत्र की पवित्रता बनाए रखने के लिए अपराधियों के ख़िलाफ़ तेज़ और सख़्त कार्रवाई की मांग की है।
URGENT ALERT: Potential Threat to ECI Team in Falta; South 24 Parganas district.
Local Sources have informed me that local TMC leader Jahangir has mobilized around 300 women, allegedly paid ₹500 each, to obstruct and attack the ECI visiting team. They are currently gathered at…
— Suvendu Adhikari (@SuvenduWB) November 30, 2025
अपनी पोस्ट में भाजपा नेता ने पश्चिम बंगाल पुलिस, राज्य के गवर्नर, डीजीपी और मुख्यमंत्री कार्यालय तक को टैग किया है।
ममता बनर्जी पर लगाया था एसआईआर में गड़बड़ी का आरोप
शुभेंदु अधिकारी ने सीधे ममता बनर्जी को निशाना बनाया है। उनका आरोप है कि राज्य प्रशासन SIR प्रक्रिया के दौरान धांधली कर रहा है। ECI राज्य सरकार पर ही निर्भर करता है इस काम के लिए, लेकिन यहां तो अफसर लोग जानबूझकर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी कर रहे हैं। अधिकारी कहते हैं कि ममता सरकार मृत लोगों के नाम, फर्जी वोटरों और बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम लिस्ट में डाल रही है। ये सब वोट बैंक मजबूत करने के लिए हो रहा है। उन्होंने कहा कि सीनियर अफसर खुद डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर, इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर और असिस्टेंट ऑफिसर को फोन करके दबाव डाल रहे हैं, ताकि ये नाम हट न जाएं। ये एक सुनियोजित घोटाला है, और इसके लिए पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की है।
अधिकारी ने ममता पर ये भी आरोप लगाया कि वो सभी मुसलमानों को अल्पसंख्यक का लेबल देकर वोट बैंक साध रही हैं। चाहे वो उर्दू बोलने वाले हों या बंगाली बोलने वाले, फर्क नहीं पड़ता। उनका कहना है कि ममता सरकार ‘राष्ट्र-विरोधी’ है, और लोगों को इसे हटाने की अपील की। SIR प्रक्रिया धीमी चल रही है, जिस पर भी उन्होंने सवाल उठाए।
















