देश में बढ़ते साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी के मामलों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। हर दिन हजारों लोग विदेशी नंबर वाले ठगों के जाल में फंस रहे हैं। इस खतरे को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने अब एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने आदेश जारी कर दिया है कि भारत में इस्तेमाल होने वाले सभी मैसेजिंग ऐप्स अब हमेशा फोन में लगे एक्टिव भारतीय सिम कार्ड से जुड़े रहेंगे। मतलब यह कि सिर्फ वाई-फाई या इंटरनेट पर अब WhatsApp, Telegram या Signal नहीं चल सकेंगे, जब तक फोन में एक्टिव सिम मौजूद न हो।
सरकार का मानना है कि अब तक कई ऐसे ऐप्स हैं जिनमें यूजर मोबाइल नंबर से तो रजिस्टर होता है, लेकिन ऐप चलाने के लिए फोन में सिम का होना जरूरी नहीं होता। लोग अपने फोन से सिम हटाकर भी इन सर्विसेज को वाई-फाई पर इस्तेमाल करते रहते हैं। इस सुविधा का फायदा साइबर अपराधी उठा रहे थे। ठग विदेशी या वर्चुअल नंबरों का उपयोग कर भारतीय यूजर्स को आसानी से धोखा देते थे और उन्हें पकड़ना मुश्किल हो जाता था। नया नियम इस गैप को पूरी तरह बंद कर देगा।
120 दिन में ऐप कंपनियों को जमा करनी होगी रिपोर्ट- दूरसंचार विभाग (DoT) ने WhatsApp, Telegram, Signal, Snapchat, ShareChat, JioChat, Josh आदि सभी ऐप ऑपरेटरों को आदेश दिया है कि वे 120 दिनों के अंदर अपनी कंप्लायंस रिपोर्ट जमा करें। इस रिपोर्ट में यह बताना होगा कि क्या उन्होंने एक्टिव सिम कार्ड से ऐप्स को लगातार लिंक रखने का नियम लागू किया है या नहीं। अगर कोई कंपनी निर्धारित समय में यह रिपोर्ट नहीं देती है, तो उसके खिलाफ टेलीकॉम्युनिकेशन एक्ट 2023 और साइबर सुरक्षा नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने साफ कर दिया है कि साइबर ठगों और फर्जी नंबरों पर अब किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। नए नियमों के तहत सरकार ने दो महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं- बिना एक्टिव सिम ऐप नहीं खुलेगी WhatsApp, Telegram जैसी सभी ऐप्स उसी नंबर की एक्टिव सिम से जुड़ी रहेंगी, अगर फोन में वह सिम बंद है या हटा दी गई है, तो ऐप तुरंत काम करना बंद कर देगी। मैसेज न भेज पाएंगे और न ही प्राप्त कर सकेंगे। लैपटॉप या कंप्यूटर पर WhatsApp Web होगा ज्यादा सुरक्षित- अब वेब सेशन हर 6 घंटे में अपने आप लॉगआउट हो जाएगा। दोबारा इस्तेमाल करने के लिए QR कोड स्कैन करना होगा। इससे हैकर्स आपके लॉगइन का दुरुपयोग ज्यादा देर तक नहीं कर पाएंगे। इन उपायों का सीधा असर साइबर फ्रॉड कम करने में होगा, क्योंकि ठग अब बिना भारतीय सिम के किसी भी भारतीय को मैसेज नहीं भेज पाएंगे।
















