मेरठ: सोशल मीडिया पर फेमस यूट्यूबर शादाब जकाती, जो अपने वीडियो “दस रुपये का बिस्किट कितने का है जी” के लिए जाने जाते हैं, वल्गर कंटेंट बनाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था। मामला तब सुर्खियों में आया जब उनके एक वीडियो में उन्होंने एक बच्ची को शामिल किया था। इस वीडियो को लेकर विवाद बढ़ गया और राष्ट्रीय बाल आयोग में शिकायत दर्ज कराई गई। सूचना के अनुसार, सोशल एक्टिविस्ट ने पुलिस में शिकायत की थी। इसके बाद मेरठ के इंचोली थाना पुलिस ने शादाब जकाती को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार के बाद शादाब को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने शादाब को जमानत दे दी और वह रिहा हो गए।
जमानत मिलने के बाद शादाब मीडिया के सामने आए और उन्होंने उस विवादित वीडियो के बारे में अपनी सफाई दी। शादाब ने कहा कि वीडियो उन्होंने अपनी बच्ची के साथ बनाया था और इसमें उन्होंने केवल तारीफ की थी। उनका कहना था कि उन्होंने वीडियो में कहा था कि “अगर बच्ची इतनी प्यारी और खूबसूरत है, तो उसकी मां भी इतनी ही खूबसूरत होगी।” उन्होंने जोर देकर कहा कि वीडियो में कोई बुरी या वल्गर बात नहीं थी। शादाब ने आगे कहा कि उन्होंने वीडियो सोच-समझकर बनाया था, लेकिन बाद में उन्होंने उसे डिलीट भी कर दिया। उन्होंने मीडिया से कहा कि अगर किसी को इस वीडियो से कोई तकलीफ हुई है या किसी का दिल दुखा है, तो वह उसके लिए माफी मांगते हैं।
यह मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया। कई लोगों ने शादाब के वीडियो की आलोचना की, जबकि कुछ उनके बचाव में भी आए। विवादित वीडियो में शादाब ने दुकानदार की भूमिका निभाई थी और बच्ची से चिप्स और बिस्किट के पैसे मांगे थे। बच्ची ने कहा कि उसकी मां पैसे देगी। बच्ची के जाने के बाद शादाब ने कहा कि अगर यह बच्ची इतनी खूबसूरत है तो उसकी मां कितनी खूबसूरत होगी। इसी बयान को लेकर वीडियो पर विवाद हुआ। राष्ट्रीय बाल आयोग और सोशल एक्टिविस्ट ने इस वीडियो को बाल सुरक्षा और वल्गर कंटेंट के दृष्टिकोण से गंभीर माना। पुलिस ने इसके आधार पर कार्रवाई की और शादाब को गिरफ्तार किया। शादाब जकाती सोशल मीडिया पर अपनी अलग अंदाज की वजह से फेमस हैं। उनकी वीडियो शैली और ह्यूमर काफी लोकप्रिय है, लेकिन कभी-कभी उनकी सामग्री विवादों में भी आ जाती है। इस मामले में भी उन्होंने बताया कि उनका इरादा किसी को चोट पहुंचाने का नहीं था।

















