भारतीय सेना के चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ऑपरेशन सिंदूर को एक ‘ट्रस्टेड ऑर्केस्ट्रा’ बताया, जहां हर जवान और यूनिट ने मिलकर काम किया। शनिवार को एक इवेंट में बोलते हुए उन्होंने कहा कि ये ऑपरेशन सिर्फ एक ट्रेलर था, पूरी फिल्म तो अभी बाकी है। पीएम नरेंद्र मोदी के अंदाज में उन्होंने इसे ‘मूवी का ट्रेलर’ करार दिया, जो 88 घंटे में खत्म हो गया। लेकिन असल में, ये ऑपरेशन भारत की ताकत का नमूना था, जहां इंटेलिजेंस, टेक्नोलॉजी और प्रिसिजन ने कमाल कर दिखाया।
ऑपरेशन सिंदूर का बैकग्राउंड
7 मई को भारत ने ये ऑपरेशन लॉन्च किया था। इसका मकसद था पाकिस्तान और PoK में छिपे टेरर कैंप्स को ध्वस्त करना। जनरल द्विवेदी ने बताया कि पाकिस्तान ने जवाबी हमले किए, लेकिन भारत ने उसी ऑपरेशन के तहत काउंटर स्ट्राइक्स दिए। नौचर-आर्म्ड दोनों देशों के बीच ये टेंशन 10 मई को खत्म हुई, जब दोनों तरफ से समझौता हो गया। कुल मिलाकर, पूरी जंग सिर्फ 80 घंटे चली। ये वो वक्त था जब भारत ने अपनी तुरंत रिस्पॉन्स कैपेबिलिटी दिखाई।
22 मिनट में नौ टारगेट्स का सफाया
जनरल द्विवेदी ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर एक ट्रस्टेड ऑर्केस्ट्रा था, जहां हर म्यूजिशियन ने सिमल्टेनियस या सिनर्जिस्टिक रोल निभाया। यही वजह रही कि 22 मिनट में हमने नौ टेररिस्ट टारगेट्स को नेस्तनाबूद कर दिया।” उन्होंने आगे बताया कि 80 घंटे में बैटल को एंड पर लाना भी इसी टीमवर्क की देन था। लेकिन असली कमाल ये था कि ऑन-द-स्पॉट कोई डिसीजन लेने का टाइम ही नहीं मिला। सब कुछ पहले से प्लान्ड था।
टीमवर्क और प्री-विजुअलाइजेशन की ताकत
जनरल ने जोर देकर कहा कि रिस्पॉन्स ‘मोमेंट में’ नहीं शेप हुआ, बल्कि सालों की प्लानिंग से। “अगर हमने विजुअलाइज न किया होता और पूरी टीम पर ट्रस्ट न किया होता, तो ये पॉसिबल न था।” इंटेलिजेंस, प्रिसिजन स्ट्राइक्स और टेक्नोलॉजी का कन्वर्जेंस – ये तीनों ने मिलकर एक्शन लिया। हर फोर्स – आर्मी, एयर फोर्स, नेवी – ने जैसे ऑर्केस्ट्रा के म्यूजिशियंस की तरह काम किया। कोई एक सोलो नहीं चला, सबने साथ मिलाया।
चुनौतियों से पाई पार
ऑपरेशन के दौरान सबसे बड़ा चैलेंज था टाइम की कमी। न्यूक्लियर थ्रेट के बीच फटाफट डिसीजन लेना पड़ता, लेकिन प्री-विजुअलाइजेशन ने इसे आसान बना दिया। जनरल ने कहा कि ये सालों से इमेजिन करने का रिजल्ट था – कैसे इंटेल और टेक एक्टिव हो। पाकिस्तान के रिस्पॉन्स को हैंडल करना भी आसान रहा, क्योंकि सब कुछ सिनर्जी पर था।

















