सर्दियां आते ही बाजार में लाल-लाल, ताजी गाजर दिखने लगती हैं। इस मौसम में ज्यादातर लोग गाजर का हलवा तो बनाते ही हैं, लेकिन गाजर का खट्टा–तीखा अचार भी लाजवाब लगता है। यह खाने में स्वाद बढ़ाता है और पराठे, दाल-चावल, पूड़ी सबके साथ मजा आ जाता है। अगर आप सोचते हैं कि अचार बनाना मुश्किल है, तो बिल्कुल नहीं। गाजर का अचार तो कुछ मिनटों में तैयार हो जाता है और कई दिनों तक चलता भी है। आइए इसे बनाना सीखें-
गाजर का अचार बनाने के लिए सामग्री- गाजर– 500 ग्राम, हरी मिर्च- 4–5, अदरक- 1 छोटा टुकड़ा (इच्छानुसार), सरसों का तेल – ½ कप, राई/सरसों के दाने- 2 चम्मच, मेथी दाना- 1 चम्मच, हल्दी- 1 चम्मच, लाल मिर्च पाउडर- 1 चम्मच, नमक- स्वादानुसार, सिरका- 2–3 चम्मच (अचार को टिकाऊ बनाता है)।
विधि- सबसे पहले गाजर को अच्छी तरह पानी से धोकर कपड़े से पोंछकर पूरी तरह सुखा लें। अचार में नमी नहीं होनी चाहिए, वरना वह जल्दी खराब हो सकता है। गाजर को लंबी–पतली स्टिक की तरह काट लें। आप चाहें तो गोल स्लाइस भी काट सकते हैं। हरी मिर्च को बीच से चीरा लगा लें और अदरक को पतली काट लें। एक छोटी कड़ाही में राई और मेथी दाना डालकर 10-15 सेकंड हल्का सा भूनें। ध्यान रहे, मसाले जलने न पाएं। इन्हें ठंडा होने के बाद दरदरा कूट लें। सरसों का तेल कड़ाही में डालकर खूब गर्म करें, जब धुआं उठने लगे तो गैस बंद कर दें। तेल को थोड़ा ठंडा होने दें। सरसों का तेल अचार में खास स्वाद देता है और उसे लंबे समय तक सुरक्षित रखता है। एक बड़े बर्तन में गाजर, हरी मिर्च और अदरक डालें। अब इसमें हल्दी, लाल मिर्च, नमक, दरदरा कूटा राई-मेथी मसाला और ठंडा किया हुआ सरसों का तेल डालें। सभी चीजों को अच्छे से मिला लें। अब 2–3 चम्मच सिरका डालकर फिर से मिक्स कर लें। सिरका डालने से अचार कई दिनों तक खराब नहीं होता। तैयार अचार को साफ और सूखे कांच के जार में भरें। जार को एक दिन धूप में रखें। सिर्फ एक दिन में अचार मसालों का स्वाद अच्छे से सोख लेता है और खाने के लिए तैयार हो जाता है।











