विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश), (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के बस्तर में सुरक्षा बलों के 131 जवानों की हत्या का आरोपी नक्सली थिप्पिरी तिरुपति उर्फ देवजी बुधवार को आंध्र प्रदेश में हुई पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। आंध्र प्रदेश इंटेलिजेंस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) महेश चंद्र लड्डा ने इसकी पुष्टि की।
एडीजी महेश चंद्र ने बताया कि बुधवार तड़के सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच भीषण गोलीबारी में छह से सात माओवादी मारे गए। मारे गए नक्सलियों में थिप्पिरी तिरुपति उर्फ देवजी भी है। देवजी ओडिशा-आंध्र प्रदेश बॉर्डर में सक्रिय रहा है। नक्सल संगठन ने देवजी को महासचिव नियुक्त किया था। देवजी के ऊपर बस्तर इलाके में सुरक्षा बलों के 131 से ज्यादा जवानों की हत्या का आरोप है। सरकार ने इस खूंखार नक्सली को गिरफ्तार करने के लिए एक करोड़ रुपये से ज्यादा का इनाम घोषित किया था।
कुख्यात हिडमा भी मारा गया
देश में नक्सलवाद अपने अंत की ओर बढ़ रहा है। मंगलवार को कुख्यात माओवादी कमांडर मादवी हिडमा मुठभेड़ में मारा गया। उसकी मौत को नक्सलवाद के लिए अब तक का सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है। हिडमा माओवादी संगठन का सबसे खतरनाक और चालाक चेहरा था। वह पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) की एक बटालियन का कमांडर था। CPI (माओवादी) की सेंट्रल कमेटी का सबसे युवा सदस्य भी था। हिडमा पर केंद्र और कई राज्यों की सरकारों ने मिलाकर करीब 1 करोड़ रुपये का इनाम रखा था। अकेले केंद्र सरकार ने ही 50 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
हिडमा को देश में हुए कई बड़े नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता था। सबसे चर्चित हमले- 2013 का दरभा घाटी नरसंहार, जिसमें कई बड़े राजनीतिक नेता और सुरक्षाकर्मी मारे गए थे। 2017 का सुकमा हमला, जिसमें CRPF के कई जवान शहीद हुए थे। इसके अलावा भी वह दर्जनों घात लगाकर किए गए हमलों, अपहरणों और गांवों में दहशत फैलाने की घटनाओं में शामिल रहा।

















