कानपुर, (हि. स.) फीलखाना थाना क्षेत्र अंतर्गत साइबर ठगों ने एक महिला का नाम और उसका नम्बर आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का डर पैदा किया। इसके बाद एटीएस और एनआईए अधिकारी बनकर उसे तीन दिनों तक डिजिटल अरेस्ट किया। फिर अलग-अलग बैंक खातों में छह लाख से अधिक रुपये ट्रांसफर करा लिए। ठगी का एहसास होने पर पीड़िता ने पुलिस से शिकायत की।
पुलिस उपायुक्त अपराध अंजलि विश्वकर्मा ने सोमवार को बताया कि फीलखाना थाना क्षेत्र अंतर्गत बिरहाना रोड में रहने वाली महिला को नौ नवंबर को एक अनजान नम्बर से कॉल आई थी। उन्हें बताया गया कि एंटी टेररिज्म स्क्वाड (एटीएस) डिपार्टमेंट से बात हो रही। उनका नाम और मोबाइल नंबर आतंकी गतिविधियों में संलिप्त पाया गया है।
एनआईए की टीम बनकर फोन किया
एटीएस का नाम सुनकर महिला काफी डर गई थी। इसी बीच 10 नवंबर को राजधानी दिल्ली स्थित लाल किला के पास कार में बड़ा धमाका हुआ। इस घटना से महिला काफी घबरा गई और साइबर ठग को महिला को ठगने का मौका मिल गया। इसी तरह से उसके साथियों ने अगले दिन पीड़ित महिला को एनआईए की टीम बनकर फोन कर धमकाया। डरी और सहमी महिला साइबर ठग के झांसे में आ गई और इन तीन दिनों में उसने अलग-अलग बैंक खातों में कई रकम को जोड़कर छह लाख 666000 आरटीजीएस कर दिए।











