बीती रात पंजाब के सीमावर्ती नगर फिरोजपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारी के बेटे की हत्या की जिम्मेवारी एक खालिस्तानी संगठन ने ली है। इस संगठन का नाम ‘शेर ए पंजाब ब्रिगेड’ बताया गया है जिसने सोशल मीडिया पर पोस्ट डाल कर कहा है कि ‘पंजाब में सिखों को हिन्दुत्व में मिलाने वाले गिरोह के नेता के बेटे को हमने सोध दिया (सुधार दिया/मार दिया) है।’ पोस्ट में खालिस्तान बनने तक संघर्ष जारी रखने की गीदड़ भभकी दी गई है।
हालांकि, अभी तक इस पोस्ट की अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और उक्त संगठन का नाम भी पहली बार सुनने में आया है, इस पोस्ट को जांच को भटकाने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है परंतु पुलिस व गुप्तचर विभाग इसकी जांच में जुट गया है।
संघ पदाधिकारी के बेटे का अंतिम संस्कार
दूसरी ओर संघ पदाधिकारी बलदेव राज अरोड़ा के बेटे नवीन अरोड़ा का शाम पांच बजे शहर के श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया। इस घटना के बाद आम आदमी पार्टी के विधायक रणबीर सिंह भुल्लर पीडि़त परिवार से मिलने पहुंचे थे। इस दौरान बलदेव राज अरोड़ा ने विधायक से कहा कि मेरा बेटा तो चला गया पर फिरोजपुर के अन्य लोगों को बचाओ। फिरोजपुर में कानून व्यवस्था बहुत बिगड़ चुकी है। आए दिन गोलियां चल रही हैं। इस गैंगस्टरवाद को खत्म किया जाए। जब तक नवीन की हत्या के आरोपी पकड़े नहीं जाते तब तक फिरोजपुर शहर का मेन बाजार बंद रखने की एलान किया गया है। आरोपियों की तलाश करो और उन्हें गिरफ्तार करो वहीं बेटे को श्रद्धांजलि होगी। नवीन अरोड़ा की गोली मारकर हत्या करने वाले दो आरोपियों के भागने का सीसीटीवी कैमरे का फुटेज सामने आया है। पुलिस दोनों आरोपियों को पहचान के लिए जगह-जगह पर पूछताछ कर रही है। सीसीटीवी फुटेज में नवीन को गोली मार कर दो आरोपी भागते हुए बाजार में नजर आ रहे हैं।
देश के इस सीमावर्ती राज्य पंजाब में अवैध हथियारों का सीमापार से आना रुक नहीं रहा है। आज पुलिस ने अमृतसर में बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान से संचालित हथियार और ड्रग्स तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। खुफिया सूचना पर की गई इस छापेमारी में पांच तस्कर गिरफ्तार हुए, जिनके पास से छह आधुनिक पिस्तौलें और 1 किलो 10 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। जांच में सामने आया कि यह गिरोह सोशल मीडिया और ड्रोन के जरिए पाकिस्तानी हैंडलरों से जुड़ा था। कार्रवाई खुफिया इनपुट के आधार पर की गई, जिसमें पुलिस ने आरोपियों से पांच .30 बोर और एक ग्लॉक 9 मिमी, यानी छह पिस्तौल के साथ 1 किलो 10 ग्राम हेरोइन बरामद की। तस्करी में उपयोग होने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन और ड्रोन से जुड़ी सामग्री भी जब्त की गई है।
सोशल मीडिया से करते थे संपर्क
डीजीपी पंजाब गौरव यादव ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट कर कार्रवाई की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि आरोपी सोशल मीडिया और ड्रोन के जरिए पाकिस्तानी हैंडलरों के संपर्क में थे और पंजाब में हथियारों-ड्रग्स की तस्करी करते थे। पुलिस ने शस्त्र अधिनियम और एनडीपीएस एक्ट के तहत छेहरटा और कैंटोनमेंट थानों में एफआईआर दर्ज की है। पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए गहन जांच जारी है।
ड्रोन का होता था इस्तेमाल
यह कार्रवाई अमृतसर के सीमावर्ती इलाकों में हुई, जहां पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार और ड्रग्स की खेपें आती रही हैं। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि गिरफ्तार आरोपी पंजाब के विभिन्न हिस्सों में नेटवर्क चला रहे थे। वे व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉम्र्स पर पाकिस्तानी संचालकों से कोड वर्ड्स में बात करते थे। ड्रोन से सामान सीमा पार फेंका जाता था, जिसे लोकल एजेंट उठाते थे। हेरोइन की यह खेप अफगानिस्तान से पाकिस्तान होते हुए भारत लाई गई थी। हथियार ऑस्ट्रिया और अमेरिका मूल के हैं, जो आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल हो सकते थे।
ऐसे 50 से अधिक मामले आए सामने
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमृतसर, तरनतारन और फिरोजपुर के निवासियों के रूप में हुई है। मुख्य सरगना एक पूर्व तस्कर बताया जा रहा है, जो जेल से छूटने के बाद फिर सक्रिय हो गया। पुलिस ने उनके मोबाइल फोन, सिम कार्ड और ड्रोन पार्ट्स भी जब्त किए। डीजीपी ने कहा कि पंजाब पुलिस भारत-पाक सीमा पर तस्करी रोकने और जन सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पिछले कुछ महीनों में ड्रोन आधारित तस्करी के 50 से अधिक मामले सामने आए हैं, जिनमें 100 से ज्यादा ड्रोन जब्त हुए।
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