Delhi Car bomb Blast: दिल्ली में हुए कार बम धमाके में हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी का नाम सामने आने के बाद महू की पुलिस उसके ट्रस्ट अल फलाह के फाउंडर जवाद अहमद सिद्दीकी की तलाश कर रही है। ये मामला सफेदपोश आतंकियों की पकड़ के बाद सुर्खियों में आया है। जवाद पर धोखाधड़ी के केस चले थे, जिसके बाद वो परिवार समेत गायब हो गया। बताया जाता है कि वो काफी कट्टर धार्मिक विचारों वाला इंसान था। पुलिस अब उसके पुराने कनेक्शंस को खंगाल रही है।
जवाद का महू कनेक्शन और शुरुआती दिन
जवाद ने करीब 25 साल पहले महू में ही अल फलाह ट्रस्ट की नींव रखी थी। यहां वो एक चिट फंड कंपनी भी चला रहा था। लेकिन धोखाधड़ी के आरोप लगते ही वो और उसका परिवार फरार हो गया। उसके बाद कुछ ही वक्त में फरीदाबाद शिफ्ट होकर अल फलाह यूनिवर्सिटी खड़ी कर दी। महू के कायस्थ मोहल्ले में उनका पुराना घर था, जो अब बिक चुका है। जवाद ने इंदौर के गोविंदराम सेकसरिया इंस्टीट्यूट से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी। एक पुराने स्टूडेंट ने बताया कि वो लंबे समय तक इंदौर में टीचिंग का काम भी करता रहा।
जांच की डिटेल्स और पूछताछ
महू के एडिशनल एसपी रूपेश द्विवेदी की अगुवाई में टीम काम कर रही है। उन्होंने लोकल कायस्थ मोहल्ले और आसपास के इलाकों में जाकर जवाद के परिवार वालों के बारे में हुबहू पूछा। लेकिन अभी तक कोई पक्की लीड नहीं मिली। पुलिस अब उसके महू और आसपास के पुराने दोस्तों या जान-पहचान वालों से संपर्क ढूंढ रही है। ये जांच धोखाधड़ी के पुराने केस से जुड़ी हुई लग रही है।
इसे भी पढ़ें: Delhi Car bomb Blast: डीएनए से खुलासा, ड्राइवर उमर उन नबी ही था; तुर्की से रची गई साजिश
मुख्य लोग और जगहें
जवाद अहमद सिद्दीकी ही इस ट्रस्ट के कोर में है। रूपेश द्विवेदी जांच चला रहे हैं। महू से लेकर फरीदाबाद और इंदौर तक फैला है ये नेटवर्क। जवाद ने महू के क्रिश्चियन मिशनरी स्कूल राजेश्वर विद्यालय से 11वीं तक पढ़ाई की। सिविल सर्विसेज की परीक्षा में तीन बार इंटरव्यू तक पहुंचा। ढाई दशक पहले महू में ट्रस्ट और चिट फंड की शुरुआत। धोखाधड़ी केस के बाद फरार। फिर फरीदाबाद में यूनिवर्सिटी।
















