नई दिल्ली । विदेश मंत्रालय ने बुधवार को घोषणा की कि अब से जारी होने वाले सभी पासपोर्ट ई-पासपोर्ट होंगे। इनमें रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) चिप और एंटीना लगे होंगे ताकि नागरिकों की जानकारी अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के मानकों के अनुसार सुरक्षित रहे।
पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम PSP V2.0 से जुड़े बदलाव
विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह कदम पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम (PSP V2.0) का हिस्सा है। इस पहल से देशभर में पासपोर्ट सेवाओं को आधुनिक, सुरक्षित और तेज़ बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव आया है। PSP V2.0 को 26 मई 2025 को 37 पासपोर्ट कार्यालय, 93 पासपोर्ट सेवा केन्द्र (PSK) और 450 डाकघर पासपोर्ट सेवा केन्द्र (POPSK) में सफलतापूर्वक लागू किया गया।
ई-पासपोर्ट का तकनीकी नवाचार
ई-पासपोर्ट एक हाइब्रिड पासपोर्ट है, जिसमें कागज़ और इलेक्ट्रॉनिक दोनों तत्व शामिल हैं। इसमें लगी आरएफआईडी चिप और एंटीना पासपोर्ट धारक की महत्वपूर्ण जानकारी को सुरक्षित तरीके से संग्रहित करते हैं। चिप में वही डेटा इलेक्ट्रॉनिक रूप से संग्रहीत रहता है जो पासपोर्ट डेटा पेज पर मुद्रित होता है।
नए डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र और सुविधा
PSP V2.0 अब एक डिजिटल रूप से एकीकृत पासपोर्ट पारिस्थितिकी तंत्र प्रदान करता है। इसमें एआई आधारित चैट और वॉइस बॉट्स की सुविधा है, जिससे आवेदन प्रक्रिया और शिकायतों में तत्काल सहायता मिलती है। नया पोर्टल और मोबाइल ऐप उपयोगकर्ता-अनुकूल हैं और ऑटो-फिल फॉर्म, आसान दस्तावेज अपलोड और UPI और QR कोड से ऑनलाइन भुगतान जैसी सुविधाएं प्रदान करते हैं।
ई-पासपोर्ट से यात्रा और सुरक्षा में सुधार
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भविष्य में जारी होने वाले सभी पासपोर्ट ई-पासपोर्ट होंगे। पुराने गैर-इलेक्ट्रॉनिक पासपोर्ट अपनी वैधता अवधि तक मान्य रहेंगे। इस कदम से भारत सरकार की नागरिक सेवाओं को डिजिटल और सुरक्षित बनाने की नीति को बढ़ावा मिलेगा। ई-पासपोर्ट सुरक्षा, डेटा संरक्षण और अंतरराष्ट्रीय यात्रा को तेज़ और सुविधाजनक बनाएगा।

















