
तेल अवीव : इज़राइल के विदेश मंत्री गिडियन सार ने मंगलवार को दिल्ली के लाल किले के पास हुए भीषण ब्लास्ट पर गहरा शोक व्यक्त किया। इस विस्फोट में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए हैं। अब इस घटना की जांच भी NIA कर रही है।
गिडियन सार ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा — “मैं अपनी और इज़राइल की ओर से भारत की जनता और दिल्ली में हुए इस धमाके में मारे गए निर्दोष लोगों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।”
उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की।
इज़राइली विदेश मंत्री ने भारत के साथ एकजुटता जताते हुए कहा — “इज़राइल भारत की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पूरी मजबूती से उसके साथ खड़ा है।”
यह विस्फोट सोमवार शाम करीब 7 बजे लाल किले के पास सुभाष मार्ग ट्रैफिक सिग्नल के नजदीक एक हुंडई i20 कार में हुआ था, जिससे आसपास खड़ी कई गाड़ियों को नुकसान पहुंचा।
गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि घटना की जांच में कई एजेंसियां शामिल हैं और सभी संभावनाओं पर काम किया जा रहा है।
रूसी राजदूत डेनिस अलीपोव ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने X पर लिखा, “लाल किले पर हुए विस्फोट से स्तब्ध हूं। विश्वास है कि चल रही जांच घटना के कारणों का पता लगा लेगी। पीड़ित परिवारों के प्रति हमारी संवेदनाएं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना।”
श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा डिसानायके ने भी कहा, “दिल्ली में हुए धमाके की खबर से दुखी हूं। श्रीलंका इस कठिन समय में भारत के साथ खड़ा है।”
अमेरिका और कनाडा सहित कई देशों के दूतावासों ने भी दिल्ली ब्लास्ट को लेकर संवेदना और सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है।
अमेरिकी दूतावास ने अपनी एडवाइजरी में कहा, “10 नवंबर 2025 को दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास एक कार विस्फोट हुआ, जिसमें कई लोगों की मौत हुई है। भारतीय सरकार ने कई राज्यों में हाई अलर्ट जारी किया है।”
भारत में इज़राइली राजदूत रूवेन अजार ने इस घटना को “दिल दहला देने वाला” बताया और आपातकालीन टीमों की त्वरित प्रतिक्रिया की सराहना की।
उन्होंने लिखा, “दिल्ली में हुए कार ब्लास्ट के बाद के दृश्य हृदय विदारक हैं। इतने निर्दोष लोगों की जान गई और कई घायल हुए। हम पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।”
इस दिल्ली ब्लास्ट के बाद कोतवाली थाने में यूएपीए, विस्फोटक अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
अब यह केस केंद्रीय और राज्य एजेंसियों की संयुक्त जांच के तहत चल रहा है, इस केस की जांच को राष्ट्रीय जांच एजेंसी लीड करेगी।
यह विस्फोट दिल्ली के सबसे व्यस्त ऐतिहासिक क्षेत्रों में से एक में हुआ है। घटना के बाद पूरे देश में सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह धमाका एक आतंकी साजिश थी या किसी अन्य उद्देश्य से किया गया था।