उत्तरकाशी । अपनी सनातन यात्रा निकालने से पूर्व बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री उत्तरकाशी जिले की बड़कोट तहसील के गंगानी में यमुना तट पर विधिवत पूजा अर्चना की। इसके बाद वह मां यमुना के शीतकालीन प्रवास खरसाली गांव पहुंचे। धीरेन्द्र शास्त्री ने वहां यमुना मंदिर में मां यमुना की पूजा कर आशीर्वाद लिया। इस मौके पर धीरेन्द्र शास्त्री ने कहा कि वह वृंदावन में भी यमुना को स्वच्छ करने को लेकर लोगों को एकजुट करेंगे।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि आज देवभूमि उत्तराखंड की धरती पर पदयात्रा के ठीक पहले यमुना मैया की पूजा अर्चना की। गंगा और यमुना की तप स्थली पावन भूमि पर यमुना मैया का स्वच्छ और निर्मल जल देखकर मन अति प्रसन्न हुआ। मैंने 7 से 16 नवंबर तक चलने वाली सनातन पदयात्रा से पहले यमुना मैया का पूजन करके एक संकल्प लिया है।
धीरेंद्र शास्त्री ने आगे कहा कि मैंने संकल्प लिया है कि जिस तरह यमुना मैया निर्मल और स्वच्छ यहां बह रही हैं। ठीक वैसे ही वृंदावन में भी यमुना स्वच्छ और निर्मल होकर बहें, इसको लेकर सभी को जागरूक करूंगा। मैं निर्मल यमुना के लिए सनातनियों को एकजुट करूंगा।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि इस देश में तनातनी नहीं सनातनी होंगे। देश गजवा-ए-हिंद नहीं वरन भगवा-ए-हिंद होगा। देश में राम के विरोध करने वालों की नहीं वरन राम के स्पोर्ट करने वालों की जय जयकार होगी। मां यमुना इसी कंचन स्वरूप में आ सकें इसके लिए हमने संकल्प लिया है। इसके साथ ही धीरेंद्र शास्त्री ने सभी भारतीयों का आह्वान कर कहा कि 7 नवंबर से 16 नवंबर तक जो पदयात्रा है उसके लिए यमुना के किनारे संकल्प ले लिया है।
धीरेंद्र शास्त्री ने आगे कहा कि 7 नवंबर से 16 नवंबर तक चलने वाली सनातन पदयात्रा के लिए यमुना के किनारे संकल्प लिया है। हम झुकेंगे नहीं। एक नया इतिहास रचा जाएगा। बता दें कि सनातन पद यात्रा का मकसद सनातन संस्कृति और अध्यात्म के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के साथ कुमार विश्वास भी मौजूद रहे। दोनों ने गंगानी में पूजा अर्चना की
















