स्वदेशी जागरण मंच की एक इकाई, स्वदेशी शोध संस्थान द्वारा 46-47, दीन दयाल उपाध्याय मार्ग, नई दिल्ली स्थित नवनिर्मित भवन ‘ज्ञान कुंज’ में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन और कार्यालय का उद्घाटन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम भारत के सभ्यतागत ज्ञान और स्वदेशी विकास मॉडल को नई दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।
ज्ञान कुंज भवन और स्वदेशी शोध संस्थान की भूमिका
स्वदेशी शोध संस्थान, जो भारत के सभ्यतागत ज्ञान और स्वदेशी विकास मॉडल को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध एक प्रमुख शोध संस्थान है, आधुनिक भारत में स्वदेशी आंदोलन के दूरदर्शी विचारक और संस्थापक दत्तोपंत ठेंगड़ी जी की जयंती के उपलक्ष्य में 9 और 10 नवंबर 2025 को यह दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित कर रहा है।
इस अवसर पर नई दिल्ली के आईटीओ के पास 46-47, दीन दयाल उपाध्याय मार्ग स्थित नई पाँच मंजिला इमारत ‘ज्ञान कुंज’ का उद्घाटन होगा, जो स्वदेशी शोध संस्थान के राष्ट्रीय मुख्यालय के रूप में कार्य करेगी और देश भर में कार्यरत इसके विभिन्न अध्यायों की गतिविधियों को एकीकृत करेगी।
उद्घाटन समारोह की मुख्य अतिथि और पत्रिका विमोचन
9 नवंबर 2025 को उद्घाटन सत्र की मुख्य अतिथि लोकसभा सदस्य बांसुरी स्वराज होंगी। इस अवसर पर स्वदेशी शोध संस्थान भारतीय आर्थिक चिंतन और आत्मनिर्भरता अध्ययन को समर्पित अपनी नई शोध पत्रिका “अर्थायाम” का भी विमोचन करेगा।
राष्ट्रीय संगोष्ठी का विषय और प्रमुख अतिथि
राष्ट्रीय संगोष्ठी का विषय है — “स्वदेशी, आत्मनिर्भरता और भारत का पुनरुत्थान”। इस संगोष्ठी में देश के कुछ सबसे प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री, औद्योगिक नेता और नीति विचारक शामिल होंगे। इनमें प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष डॉ. महेंद्र देव, दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. योगेश सिंह, नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सचिन चतुर्वेदी, हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कुलपति डॉ. बीआर कंबोज, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सोमनाथ सचदेवा, केंद्रीय विश्वविद्यालय लखनऊ के कुलपति प्रोफेसर राजकुमार मित्तल, नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार, हिमाचल प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के प्रोफेसर रामसिंह और जेएनयू के प्रोफेसर प्रदीप चौहान प्रमुख हैं।
राष्ट्रीय नेतृत्व और आयोजन से जुड़े प्रमुख पदाधिकारी
इस अवसर पर राष्ट्रीय संयोजक आर. सुंदरम, राष्ट्रीय सह-संयोजक प्रोफेसर अश्विनी महाजन, राष्ट्रीय सह-संयोजक डॉ. धनपत राम अग्रवाल, राष्ट्रीय संगठक कश्मीरी लाल, राष्ट्रीय संघचालक सतीश कुमार और राष्ट्रीय संयुक्त संगठक, स्वदेशी जागरण मंच उपस्थित रहेंगे।
इसके अलावा कई अन्य प्रमुख अर्थशास्त्रियों और नीति विशेषज्ञों के शामिल होने की संभावना है।
चर्चा के प्रमुख विषय और उद्देश्य
संगोष्ठी में विशेषज्ञ ट्रम्प के बाद की टैरिफ नीति व्यवस्था में भारत की रणनीतिक प्रतिक्रिया, घरेलू उद्योगों और आपूर्ति श्रृंखलाओं को मज़बूत करने, स्वदेशी तकनीक, उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने, तथा भारतीय आर्थिक विचारों पर आधारित आत्मनिर्भर भारत के रोडमैप पर विचार-विमर्श करेंगे।
साथ ही यह भी चर्चा होगी कि कैसे स्वदेशी शोध संस्थान ज़मीनी स्तर पर अनुसंधान, नीति समर्थन और राष्ट्रीय विकास को आगे बढ़ाने में एक सेतु की भूमिका निभा सकता है।
भारत की आर्थिक संप्रभुता और स्वदेशी विकास का दृष्टिकोण
दो दिवसीय इस संगोष्ठी का उद्देश्य भारत की आर्थिक संप्रभुता को मज़बूत करना और एक समृद्ध एवं विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी भारत सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय रोडमैप तैयार करना है।
कार्यक्रम में स्वदेशी चिंतन, आत्मनिर्भरता और भारतीय मूल्यों पर आधारित विकास मॉडल के माध्यम से राष्ट्र निर्माण के विचारों को बल मिलेगा।
विद्वानों और नीति निर्माताओं के लिए आमंत्रण
स्वदेशी शोध संस्थान ने विद्वानों, नीति निर्माताओं, उद्योग विशेषज्ञों और मीडिया प्रतिनिधियों को इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय चर्चा में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है।
यह आयोजन स्वदेशी, आत्मनिर्भरता और भारत के पुनरुत्थान की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा।

















