Ghar Wapsi: रविवार को एक विशेष धार्मिक कार्यक्रम में चौपारण प्रखंड के मध्यगोपाली गांव निवासी अहमद अंसारी ने वैदिक विधि-विधान के बीच अपने पूर्वजों के धर्म, हिंदू धर्म में पुनः वापसी की। इस पवित्र अवसर पर स्थानीय ब्राह्मण संतोष पांडेय ने पूरे वैदिक रीति से शुद्धिकरण और दीक्षा संस्कार संपन्न कराया। कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह भक्ति, श्रद्धा और उत्साह से भरा हुआ था। संस्कार पूरा होने के बाद अहमद अंसारी को उनका पुराना नाम ‘रामचंद्र भुइयां’ वापस दिया गया। इस तरह वर्षों बाद उन्होंने अपनी जड़ों की ओर लौटते हुए फिर से वही पहचान अपना ली, जो उनके पूर्वजों की थी।
इस मौके पर रामचंद्र भुइयां के परिवार के सदस्य- उनकी बेटी, दामाद और नाती-पोते भी मौजूद रहे। उन्होंने भी स्वेच्छा से दीक्षा ली और हिंदू धर्म के सिद्धांतों को अपनाने का संकल्प लिया। परिवार के सभी सदस्यों ने मिलकर वेद-मंत्रों और आरती के बीच यज्ञ में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान हवन, आरती और वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूरा वातावरण भक्ति से गूंज उठा। गांव के सैकड़ों लोग इस धार्मिक आयोजन के साक्षी बने। सभी ने नवदीक्षित परिवार को शुभकामनाएं दीं और उनके निर्णय की सराहना की। संस्कार कराने वाले ब्राह्मण संतोष पांडेय ने बताया कि यह दीक्षा पूरी तरह वैदिक परंपरा के अनुसार की गई। इसमें पहले परिवार का शुद्धिकरण संस्कार किया गया, फिर यज्ञोपवीत (जनेऊ) संस्कार सम्पन्न हुआ। दीक्षा के बाद उन्हें धर्म के आचरण, पूजा-पाठ और दैनिक नियमों की जानकारी भी दी गई।
उन्होंने बताया कि यह संस्कार किसी दबाव में नहीं बल्कि पूर्ण स्वेच्छा और आस्था से किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसी के खिलाफ प्रचार करना नहीं, बल्कि व्यक्तिगत आस्था और धार्मिक स्वतंत्रता का सम्मान करना था। नवदीक्षित रामचंद्र भुइयाँ (पूर्व में अहमद अंसारी) ने भावुक होते हुए कहा- “यह निर्णय हमने अपनी पूरी इच्छा से लिया है। हमें किसी ने मजबूर नहीं किया। हिंदू धर्म की विशालता, प्रेम और भगवान राम-कृष्ण की भक्ति ने हमें हमेशा प्रभावित किया। अब हम उसी मार्ग पर चलना चाहते हैं, जो हमारे पूर्वजों का था।” उन्होंने आगे कहा कि धर्म के रास्ते पर चलने से मन की शांति और आत्मिक सुकून मिलता है। उन्होंने समाज से भी आग्रह किया कि हर व्यक्ति को अपने धर्म का सम्मान करना चाहिए और दूसरों की आस्था की भी कद्र करनी चाहिए। इस मौके पर कई स्थानीय सामाजिक और धार्मिक पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। उनमें प्रमुख थे- विहिप जिला गौरक्षा गौशाला संपर्क प्रमुख शेखर गुप्ता, प्रखंड अध्यक्ष संजय सिंह, प्रखंड मंत्री मुनेश्वर गुप्ता, मुखिया जानकी यादव, मोहन यादव, बैजनाथ साव, बिरजू साव, मिथुन गुप्ता, भारत सिंह, शत्रुघ्न सिंह, जुगल साव, बलराम यादव, राजेश भुइयां और कई अन्य ग्रामीण। सभी ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह घटना सामाजिक सौहार्द और धार्मिक स्वतंत्रता का सुंदर उदाहरण है। लोगों ने कहा कि हर व्यक्ति को अपने विश्वास और परंपरा के अनुसार जीवन जीने का पूरा अधिकार है, और यदि कोई व्यक्ति स्वेच्छा से अपने पूर्वजों के धर्म में लौटना चाहता है, तो यह उसकी व्यक्तिगत आस्था का विषय है। गौरतलब है कि रामचंद्र भुइयाँ पहले हिंदू धर्म से किसी दूसरे मजहब में गए थे लेकिन वर्षों बाद उन्होंने पुनः अपने मूल धर्म में वापसी की है।

















