आज के डिजिटल युग में मोबाइल और इंटरनेट हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। लेकिन इसके साथ ही साइबर ठगी का खतरा भी तेजी से बढ़ गया है। अमेरिका और यूरोप जैसे देशों में हर दिन लाखों स्पैम मैसेज भेजे जा रहे हैं, जिनका मकसद लोगों को ठगना होता है। भारत में भी ऐसे मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इन मैसेज में ऐसा झांसा दिया जाता है जिससे यूजर किसी लिंक पर क्लिक करने या अपनी निजी जानकारी साझा करने के लिए मजबूर हो जाए।
क्या होते हैं स्पैम मैसेज- स्पैम मैसेज ऐसे झूठे या भ्रामक संदेश होते हैं जो बड़े पैमाने पर लोगों को भेजे जाते हैं। इनका उद्देश्य यूजर्स को फंसाना और उनकी निजी जानकारी जैसे बैंक डिटेल, पासवर्ड या OTP हासिल करना होता है। यह मैसेज देखने में असली लगते हैं, लेकिन इनके पीछे साइबर अपराधी होते हैं। गूगल का कहना है कि उसका एंड्रॉयड सिस्टम हर महीने अरबों स्पैम कॉल्स और मैसेज को ब्लॉक करता है। जीमेल भी लगभग 99.9% स्पैम ईमेल को रोक देता है। इसके बावजूद कुछ स्पैम मैसेज फिल्टर से बच निकलते हैं और यूजर्स तक पहुंच जाते हैं। दूसरी ओर, ऐपल ने भी अपने iOS सिस्टम में कॉल स्क्रीनिंग और मैसेज फिल्टर जैसी नई सुविधाएं जोड़ी हैं, जो संदिग्ध लिंक और मैसेज को रोकने का काम करती हैं। फिर भी साइबर ठग हर बार कोई नया तरीका निकाल लेते हैं जिससे वे लोगों को धोखा दे सकें। फोर्ब्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसे फर्जी मैसेज अक्सर कुछ आम बहानों के साथ आते हैं, जैसे- आपका टोल भुगतान असफल रहा है। आपका पार्सल डिलीवर नहीं हो सका। रिफंड पाने के लिए लिंक पर क्लिक करें। जब कोई यूजर इन लिंक पर क्लिक करता है, तो उसका डेटा हैकर्स के पास पहुंच जाता है। कई बार मोबाइल में मालवेयर या वायरस भी इंस्टॉल हो जाता है, जो बैंकिंग ऐप्स से जानकारी चुराकर खातों को खाली कर देता है।
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विदेशी गिरोहों की संलिप्तता- जांच में यह भी पाया गया है कि ऐसे अधिकतर मैसेज विदेशी नेटवर्क से आते हैं। ये अपराधी गिरोह अपने मोबाइल नंबर बार-बार बदलते रहते हैं ताकि सुरक्षा प्रणाली उन्हें पकड़ न सके। वे अलग-अलग देशों से फर्जी वेबसाइट और लिंक बनाकर लोगों को फंसाने की कोशिश करते हैं। गूगल का कहना है कि एंड्रॉयड की सुरक्षा अब पहले से बेहतर है, लेकिन यूजर्स को खुद भी सतर्क रहना होगा। वहीं, अमेरिका की खुफिया एजेंसी FBI ने सलाह दी है कि किसी भी अनजान नंबर से आए संदेश पर भरोसा न करें। अगर कोई मैसेज संदिग्ध लगे तो तुरंत उसे डिलीट कर दें। इस तरह के फर्जी मैसेज को “स्मिशिंग” (Smishing) कहा जाता है, जो फिशिंग का मोबाइल संस्करण है। अगर गलती से आपने किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक कर दिया है, तो तुरंत ये कदम उठाएं-
अपने बैंक खाते की जांच करें कि कोई लेन-देन हुआ है या नहीं। सभी पासवर्ड तुरंत बदल दें। अपने मोबाइल से संदिग्ध ऐप्स को हटा दें। जरूरत पड़ने पर साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

















