Indian kidnapped in Sudan: सुडान में चल रहे गृहयुद्ध ने भयानक रूप ले लिया है। इस बीच एक बड़ी खबर आ रही है कि वहां पर विद्रोही गुटों ने आदर्श बेहेरा नाम के एक भारतीय का अपहरण कर लिया है। उन्हें देश की राजधानी खार्तूम से करीब 1000 किलोमीटर दूर अल फाशिर शहर से उठाया गया।
36 साल के आदर्श बेहेरा, जो ओडिशा के रहने वाले हैं। उन्हें पैरामिलिट्री ग्रुप रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (आरएसएफ) ने पकड़ा है। ये घटना उस वक्त हुई जब आरएसएफ ने अल फाशिर पर कब्जा कर लिया, जो आर्मी का आखिरी मजबूत किला था। सुडान के भारत राजदूत मोहम्मद अब्दुल्ला अली एलटॉम ने कहा है कि उनका देश आदर्श की सुरक्षित रिहाई के लिए भारत के साथ मिलकर काम कर रहा है। ये युद्ध दुनिया का सबसे बड़ा मानवीय संकट पैदा कर चुका है, जहां लाखों लोग बेघर हो चुके हैं।
आदर्श बेहेरा कौन हैं?
आदर्श बेहेरा जगतसिंहपुर जिले के एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं। तीन साल पहले उन्होंने सुडान का रुख किया था, ताकि सुकाराती प्लास्टिक फैक्ट्री में नौकरी करके परिवार का भरण-पोषण कर सकें। वहां की जिंदगी मुश्किलों भरी थी, लेकिन वो परिवार के लिए सब कुछ सहते रहे। उनकी पत्नी ने बताया कि उनके दो बेटे हैं – एक आठ साल का और दूसरा तीन साल का। अपहरण की खबर सुनकर पूरा परिवार सदमे में है। पत्नी ने मीडिया से कहा कि आदर्श हमेशा बच्चों की बातें किया करते थे, और अब वो चिंता में डूबे हुए हैं।
हिन्दुस्तान टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि आरएसएफ ने आदर्श को अल फाशिर से उठाया और शायद न्याला ले जाया गया, जो दक्षिण दारफुर में उनका मजबूत ठिकाना है। एक वीडियो में आदर्श को दो आरएसएफ सिपाहियों के बीच बैठे दिखाया गया है। एक सिपाही ने उनसे पूछा, “क्या तुम शाहरुख खान को जानते हो?” ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे परिवार को थोड़ी राहत मिली कि वो जिंदा हैं। परिवार अब हर पल अपडेट का इंतजार कर रहा है।
सुडान राजदूत की प्रतिक्रिया
सुडान के भारत राजदूत मोहम्मद अब्दुल्ला अली एलटॉम ने अपहरण की खबर पर तुरंत प्रतिक्रिया दी। पीटीआई और एएनआई को दिए बयान में उन्होंने कहा, “हमने भारतीय नागरिक के अपहरण की रिपोर्ट्स देखी हैं, लेकिन अभी पुष्टि नहीं कर सकते। हम प्रार्थना करते हैं कि वो सुरक्षित रहें।” उन्होंने आरएसएफ को अत्याचारों के लिए कुख्यात बताया, लेकिन उम्मीद जताई कि वो आदर्श को नुकसान नहीं पहुंचाएंगे। राजदूत ने जोड़ा, “हमारी सरकार भारत के साथ पूरी तरह सहयोग करेगी। जो भी जरूरी हो, हम करेंगे ताकि वो सुरक्षित वापस लौट सकें।” उन्होंने सुडान की स्थिति को “बहुत अनिश्चित” करार दिया, जहां कुछ भी हो सकता है।
सूडान में चल रहा है गृहयुद्ध
सुडान का ये गृहयुद्ध अप्रैल 2023 में शुरू हुआ, जब आर्मी और आरएसएफ के नेताओं के बीच सत्ता की लड़ाई छिड़ गई। अब तक 1.5 लाख से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं, और करीब 1.2 करोड़ लोग बेघर हो गए हैं। दारफुर इलाका, जहां अल फाशिर है, अब आरएसएफ के कब्जे में है। उन्होंने 18 महीने तक शहर को घेर रखा था, खाना और जरूरी सामान रोक दिए थे। कब्जे के बाद यहां बड़े पैमाने पर हत्याएं, महिलाओं पर अत्याचार, लूटपाट और अपहरण की खबरें आम हो गई हैं। अल फाशिर पर कब्जा युद्ध का टर्निंग पॉइंट था, क्योंकि ये आर्मी का आखिरी गढ़ था।
आरएसएफ को विद्रोही ताकत कहा जाता है, जो जनरल मोहम्मद हामिदन दागलो के नेतृत्व में है। ये ग्रुप पहले से ही विवादास्पद रहा है, खासकर दारफुर में हुए नरसंहारों के लिए। युद्ध ने पूरे देश को तबाह कर दिया है – अस्पताल बंद, स्कूल उजड़ गए, और लाखों बच्चे भूखे हैं। आदर्श जैसे विदेशी मजदूर, जो सिर्फ कमाने आए थे, अब इस हिंसा के शिकार हो रहे हैं। भारत सरकार भी इस मामले में सक्रिय है, लेकिन जमीनी हकीकत इतनी जटिल है कि हर कदम सावधानी से उठाना पड़ता है।

















