ब्रिटेन के राजा ने छोटे भाई से शाही उपाधि, सम्मान और विशेषाधिकार छीने, विंडसर आवास से बाहर किया, जानिये क्या है वजह
July 17, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम विश्व

ब्रिटेन के राजा ने छोटे भाई से शाही उपाधि, सम्मान और विशेषाधिकार छीने, विंडसर आवास से बाहर किया, जानिये क्या है वजह

उन्होंने यह फैसला बाल यौन शोषण के आरोपित जेफरी एप्स्टीन से ड्यूक ऑफ यॉर्क के संबंधों पर दोबारा उठे विवादों के बाद किया

Written byएजेंसीएजेंसी — edited by Sudhir Kumar Pandey
Oct 31, 2025, 08:25 pm IST
in विश्व
राजा चार्ल्स (तृतीय) ने छोटे भाई प्रिंस एंड्रयू से सभी शाही उपाधि, सम्मान और विशेषाधिकार छीन लिए।

राजा चार्ल्स (तृतीय) ने छोटे भाई प्रिंस एंड्रयू से सभी शाही उपाधि, सम्मान और विशेषाधिकार छीन लिए।

लंदन, (हि.स.)। ब्रिटेन के राजा चार्ल्स (तृतीय) ने आखिरकार अपने छोटे भाई प्रिंस एंड्रयू (65) से उनकी बची हुई सभी शाही उपाधि, सम्मान और विशेषाधिकार छीन लिए। साथ ही उन्हें विंडसर स्थित आवास रॉयल लॉज से बाहर निकलने का आदेश भी दिया है। किंग चार्ल्स को जन दबाव के आगे झुकते हुए यह घोषणा की। उन्होंने यह फैसला बाल यौन शोषण के आरोपित जेफरी एप्स्टीन से ड्यूक ऑफ यॉर्क के संबंधों पर दोबारा उठे विवादों के बाद करना पड़ा। पीड़ित वर्जीनिया गिफ्रे के परिवार ने इस फैसले पर खुशी जताते हुए इसे अपनी जीत बताया है।

द इंडिपेंडेंट अखबार की इस घटनाक्रम पर केंद्रित रिपोर्ट के अनुसार वर्जीनिया गिफ्रे के संस्मरण के प्रकाशन के बाद राजा पर भी कई तरह के सवाल उठे। संस्मरण में आरोप लगाया कि प्रिंस एंड्रयू ने कम उम्र (नाबालिग) में उनका यौन शोषण किया। 41 वर्षीय पीड़ित गिफ्रे की ऑस्ट्रेलिया में इसी साल अप्रैल में मौत हुई। उनके आत्महत्या करने के बाद राजा पर कार्रवाई के लिए दबाव बढ़ा। हालांकि प्रिंस एंड्रयू ने इन आरोपों को कड़ाई से नकारा। बड़े भाई और राजा के फैसले के बाद अब प्रिंस एंड्रयू को आम नागरिक का दर्जा प्राप्त होगा।

निजी आवास में रहना होगा

बकिंघम पैलेस के बयान के अनुसार प्रिंस एंड्रयू अब आधिकारिक तौर पर एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर के नाम से जाने जाएंगे। उन्हें रॉयल लॉज के स्थान पर कहीं और निजी आवास में रहना होगा। बकिंघम पैलेस ने स्वीकार किया कि निर्णय लने में देर हुई है। राजा के फैसले पर गिफ्रे के परिवार ने कहा कि यह उनके लिए बड़ी जीत है। यह सच की जीत है। परिवार ने फैसले की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने असाधारण साहस से एक ब्रिटिश राजकुमार को हरा दिया। परिवार ने घोषणा की है कि हम वर्जीनिया की लड़ाई जारी रखेंगे। हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे, जब तक सभी आरोपितों को दंड नहीं मिल जाता। अब माना जा रहा है कि एंड्रयू सैंड्रिंघम एस्टेट की एक संपत्ति में रहने चले जाएंगे।

राजा के बयान के अनुसार आज प्रिंस एंड्रयू की शैली, उपाधियों और सम्मानों को हटाने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रिंस एंड्रयू अब एंड्रयू माउंटबेटन विंडसर के नाम से जाने जाएंगे। रॉयल लॉज के की लीज ने अब तक उन्हें रहने लिए कानूनी सुरक्षा प्रदान की है। अब लीज छोड़ने के लिए औपचारिक नोटिस दिया गया है और वह वैकल्पिक निजी आवास में चले जाएंगे। उनकी निंदा आवश्यक है, भले ही वह अपने खिलाफ लगे आरोपों से इनकार करते रहे हों। मेरी संवेदनाएं संवेदनाएं सभी प्रकार के दुर्व्यवहार के पीड़ितों के साथ हैं और रहेगीं।

एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, बयान में यह भी जोड़ा गया कि विंडसर कैसल के पास स्थित उनका 30 कमरों वाला भव्य निवास रॉयल लॉज अब उनके स्वामित्व में नहीं रहेगा। वे किसी निजी आवास सैंडरिंगहम एस्टेट (नॉरफॉक) में शिफ्ट होंगे। महल ने कहा कि ये कदम आवश्यक थे। बयान के अंत में किंग चार्ल्स और क्वीन कैमिला ने यौन शोषण पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की और इस निर्णय के नैतिक आधार को रेखांकित किया।

विवाद के बाद उठे तूफान को ब्रिटिश राजघराने के आधुनिक इतिहास की सबसे नाटकीय घटनाओं में से एक बताया गया है। ग्रिफे के आरोपों के बाद एंड्रयू की प्रतिष्ठा ध्वस्त हो गई। एंड्रयू ने 2022 में इस मामले का निपटारा करने के लिए भारी भरकम धनराशि दी थी। हाल ही में वर्जीनिया की किताब नोबॉडीज गर्ल का प्रकाशन हुआ। इसमें उन्होंने अपने आरोपों का विस्तार से जिक्र किया। राजा के फैसले के बाद प्रिंस एंड्रयू ने अपना सब कुछ गंवा दिया। प्रिंस एंड्रयू के पास जन्म और सेवा दोनों के आधार पर कई प्रतिष्ठित उपाधि थीं। 1960 में जन्म के समय उन्हें हिज रॉयल हाईनेस प्रिंस एंड्रयू अल्बर्ट क्रिश्चियन एडवर्ड ऑफ यॉर्क के रूप में जाना गया। रानी एलिजाबेथ द्वितीय और प्रिंस फिलिप के दूसरे बेटे होने के नाते उन्हें प्रिंस और हिज रॉयल हाईनेस की उपाधि स्वतः प्राप्त थी।

ड्यूक ऑफ यॉर्क की उपाधि दी गई थी

उन्होंने 1986 में सारा फर्ग्यूसन से विवाह किया। तब रानी ने उन्हें पारंपरिक ड्यूकडम प्रदान किया और उन्हें ड्यूक ऑफ यॉर्क की उपाधि दी। साथ ही उन्हें अर्ल ऑफ इनवरनेस और बैरन किलीलीघ की उपाधियां भी दी गईं, जो क्रमशः इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और उत्तरी आयरलैंड का प्रतिनिधित्व करती थीं। विरासत में मिली उपाधियों के अलावा एंड्रयू के पास सैन्य और औपचारिक पद भी थे। जैसे-ऑनरेरी एडमिरल ऑफ द रॉयल नेवी, “कर्नल ऑफ द ग्रेनेडियर गार्ड्स, ऑर्डर ऑफ द गार्टर और ऑर्डर ऑफ द थिसल। एक गलती से सब कुछ छिन गया।

एंड्रयू माउंटबैटन-विंडसर कहलाएंगे

एंड्रयू अब न तो किसी शाही कार्यक्रम में क्राउन का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं, न ही सैन्य वर्दी पहन सकते हैं और न ही उपाधियां अपने नाम के साथ इस्तेमाल कर सकते हैं। अब वह केवल एंड्रयू माउंटबैटन-विंडसर कहलाएंगे। सार्वजनिक रिकॉर्ड और मीडिया में अब उनका नाम प्रिंस या ड्यूक के बिना ही दर्ज किया जाएगा। हालांकि इस फैसले से उनके उत्तराधिकार क्रम पर कोई असर नहीं पड़ेगा। वे अब भी सिंहासन के लिए आठवें स्थान पर हैं, लेकिन उन्हें शाही कर्तव्यों से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया है। अब उन्हें कर जमा करने में कोई छूट नहीं मिलेगी।

केवल एंड्रयू तक सीमित 

ताजा फैसला केवल एंड्रयू तक सीमित है। उनकी बेटियां प्रिंसेस बीट्रिस और प्रिंसेस यूजिनी अपनी शाही उपाधियां और स्थान बनाए रखेंगी। उन्हें यह उपाधियां जन्म के समय रानी एलिजाबेथ द्वितीय ने दी थीं। हालांकि दोनों बेटियां पिछले कुछ वर्षों में सार्वजनिक शाही जीवन से धीरे-धीरे दूर होती गई हैं। शाही परिवार के सूत्रों के अनुसार, राजा (तृतीय) ने इस कदम को क्राउन की गरिमा की रक्षा और राजशाही की नैतिक साख बनाए रखने के लिए आवश्यक समझा। इस सप्ताह की शुरुआत में लिचफील्ड कैथेड्रल में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान राजा को विरोध का सामना करना पड़ा था।

Topics: ब्रिटिश राजघराना विवादप्रिंस एंड्रयू शाही उपाधियां छीनीजेफरी एप्स्टीन मामलाब्रिटेन का शाही परिवारking charlesएंड्रयू माउंटबैटन विंडसरयौन शोषण मामलाPrince Andrew royal titles revokedPrince Andrew scandalJeffrey Epstein caseBritish royal family controversyकिंग चार्ल्स और प्रिंस एंड्रयू
एजेंसी
एजेंसी
हिंदुस्थान समाचार (प्रतिष्ठत समाचार एजेंसी) [Read more]
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

बलात्कारी पास्टर बजिंदर एक और यौन शोषण के मामले में गिरफ्तार, पहले से ही काट रहा उम्रकैद की सजा

रामी रेंजर तथा अनिल भनोट

दो भारतीयों से सम्मान छीना राजा चार्ल्स ने, नहीं भाया बांग्लादेश के हिंदुओं की पीड़ा बताना और मोदी का समर्थन

Load More

ताज़ा समाचार

Shri Ram Jyoti Yatra Reaches Triprayar Sree Ramaswamy Temple Thrissur Kerala Ramayana Masam 2026

त्रिशूर पहुंची पावन ‘श्री राम ज्योति यात्रा’: त्रिप्रियार मंदिर में उमड़े भक्त, केरल में 1 माह चलेंगे विशेष अनुष्ठान

Jantar Mantar Protest NEET UG Cockroach Andolan Urban Naxal Agenda Abhijit Dipke Sonam Wangchuk

जंतर मंतर का ‘कॉकरोच आंदोलन’: शिक्षा सुधार का मुखौटा या अराजकता का कारखाना? जानिए अंदर का सच

कोर्ट का फैसला (प्रतीकात्मक चित्र)

सहारनपुर कोर्ट का बड़ा फैसला: 30 दिन में अवैध मस्जिद हटाने और 6.41 करोड़ रुपये जमा कराने का आदेश

18 जुलाई का पंचांग

18 जुलाई का पंचांग: आषाढ़ शुक्ल पंचमी पर पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र का संयोग, जानें ग्रह स्थिति, लग्न और शुभ-अशुभ समय

कार्यक्रम में बोलते हुए CM धामी

CM धामी का बड़ा ऐलान! अग्निवीरों के लिए बनेगा रोजगार सेल, सरकारी नौकरियों में मिलेगा 10% आरक्षण

Gold Rate Today

Gold Rate Today: सोना खरीदने से पहले जरूर जान लें आज का नया भाव, आपके शहर में कितनी है 24 और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत?

जिंद के बाद अब दिल्ली तक होगा देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का विस्तार, रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव का ऐलान

धार भोजशाला

मध्य प्रदेश: भोजशाला परिसर में जुमे की नमाज के लिए मुस्लिम पक्ष को नहीं मिली जगह

Suprime Court

Age of Consent: पॉक्सो कानून के तहत सहमति की उम्र 18 से घटाकर 16 वर्ष करने का कड़ा विरोध; SC में हस्तक्षेप याचिका दायर

पुरी रथ यात्रा के दौरान सेवा कार्य में जुटे रहे RSS के 1800 से अधिक स्वयंसेवक

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies