अचलेश्वर महादेव धाम मेला 2025 : पंजाब में है भगवान कार्तिकेय की तपोभूमि, जानिए पौराणिक महत्व
July 2, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम धर्म-संस्कृति

अचलेश्वर महादेव धाम मेला 2025 : पंजाब में है भगवान कार्तिकेय की तपोभूमि, जानिए पौराणिक महत्व

अमृतसर रोड स्थित अचलेश्वर महादेव धाम में भगवान कार्तिकेय की तपोस्थली पर नवमी-दशमी का 2 दिवसीय मेला 31 अक्तूबर से आरंभ हो रहा है।

Written byराकेश सैनराकेश सैन
Oct 30, 2025, 04:26 pm IST
in धर्म-संस्कृति, पंजाब

वेद-पुराणों में सप्तसिन्धू कहे जाने वाली पंजाब की पग-पग भूमि पौराणिक आख्यानों की साक्षी रही है। भक्त प्रह्लाद की नगरी मुल्तान रही तो रघुवंशी श्रीराम के पुत्र लव की नगरी लाहौर, कुश की नगरी कसूर, तक्ष की नगरी तक्षशिला इत्याति अनेकों स्थल हैं जो इस धरा को पावन बनाते हैं। इन्हीं पुण्य भूमियों में एक स्थान है अचलेश्वर धाम, जो अमृतसर रोड पर स्थित बाबा बकाला से बटाला जाती सड़क पर स्थित है। यह वही स्थान है जहां भगवान शिव ने अपने पुत्रों गणपति व कार्तिकेय की बुद्धि की परीक्षा ली।

अचलेश्वर धाम से जुड़ी पौराणिक कथा

इस स्थान से जुड़ी पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान भोलेनाथ कैलाश पर्वत पर माता पार्वती के संग विराजमान थे। भोलेनाथ के मन में विचार आया कि क्यों न अपने पुत्रों की बुद्धि कौशल की परीक्षा ली जाए। इसके लिए भगवान भोलेनाथ ने अपने दोनों पुत्रों से कहा कि उनमें से जो पहले ब्रह्माण्ड की परिक्रमा करके पहले कैलाश पर पहुंचेगा, वही उनका उत्तराधिकारी होगा।

गणेश और कार्तिकेय की परिक्रमा कथा

कार्तिक का वाहन मोर है। यह सुनकर कार्तिक अपने वाहन मोर पर सवार होकर परिक्रमा के लिए उड़ गए। दूसरी तरफ गणेश जी भी मूषक की सवारी ले चल दिए। कार्तिकेय जी की गति तेज थी और लगने लगा था कि वे विजयी होंगे। लेकिन गणेश जी को रास्ते में नारद जी मिल गए। उन्होंने गणेश जी को ज्ञान दिया कि समस्त लोक तो माता-पिता के चरणों में है। ऐसा सुनते ही श्री गणेश जी वापस कैलाश पर आकर अपने माता-पिता की परिक्रमा करने लगे और अपना काम पूर्ण कर अंत में प्रणाम किया।

अचलेश्वर धाम का उद्गम

इस पर भगवान शिव ने अपना उत्तराधिकारी श्री गणेश को बना दिया। आकाश में भ्रमण कर रहे कार्तिक जी को जब पता चला तो वह रूठ कर नीचे उतर आए और निराश भाव से इस स्थान पर विराजमान हो गए, जिसे आज अचलेश्वर धाम के नाम से जाना जाता है। कहते हैं कि कार्तिकेय जी यहां रम गए, अचल हो गए, इसी कारण इस स्थान को अचलेश्वर धाम कहा जाने लगा। यह जानकर भगवान शंकर 33 करोड़ देवी-देवताओं सहित आए और उन्हें मनाना चाहा, लेकिन कार्तिक नहीं माने और अचल रहे। तब भगवान शंकर जी ने उन्हें अचलेश्वर महादेव की उपाधि देकर उनका यहां निवास स्वीकार कर लिया। इसलिए यह स्थान हिंदू धर्म में महापूज्य है।

गुरु नानक देव जी का आगमन

इसी जगह पर हर साल कार्तिक माह की नवमीं-दसवीं को यह मेला लगता है। कहते हैं कि अपने जीवनकाल में सिख परंपरा के प्रथम गुरु श्री गुरु नानक देव जी भी यहां तीर्थाटन को आए और यहां पर सिद्धों के साथ गोष्ठी की। उनकी स्मृति में मंदिर के सामने गुरुद्वारा भी स्थापित है।

अचलेश्वर धाम में लगने वाला मेला

भगवान शिव के पुत्र स्वामी कार्तिकेय की तपोस्थली श्री अचलेश्वर महादेव धाम में लगने वाला नवमी-दशमी का 2 दिवसीय मेला 31 अक्तूबर शुक्रवार से शुरू हो रहा है। दो दिनों के मेले में श्रद्धालु शिवालय के सरोवर में डुबकी लगाएंगे और शिवालय व गुरुद्वारा साहिब में नतमस्तक होंगे।

श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाएं

प्रबंधकों ने मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्याप्त प्रबंध किए हैं। रात को विशेष धार्मिक आयोजन किए जाएंगे। खरीदारी के लिए दुकानें सज गई हैं। इसके अलावा पंजाब समेत दूसरे राज्यों से साधु-संत पहुंच गए हैं।

Topics: पंजाब मंदिर मेला 2025शिव मंदिर बटाला रोडकार्तिक माह मेलाअचलेश्वर महादेव कथागुरु नानक देव तीर्थ यात्राअचलेश्वर महादेव धाम मेलाकार्तिकेय मेला पंजाबअमृतसर धार्मिक स्थलबटाला शिव मंदिरगुरु नानक देव यात्राभगवान कार्तिकेय मंदिरकार्तिक माह पूजाअचलेश्वर धाम अमृतसर
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

No Content Available
Load More

ताज़ा समाचार

india pak diolauge

फारुक अब्दुल्ला, महबूबा औऱ मणिशंकर अय्यर जैसे नेताओं का पाकिस्तान प्रेम फिर जागा, आतंक भूल ये करने की अपील की

US Iran talks

खाड़ी तनाव के बीच US-ईरान दोहा वार्ता बेनतीजा ही खत्म, खामेनेई अंतिम संस्कार के बाद होगी अगली बैठक

आज का श्लोक: क्या केवल किताबी ज्ञान से जीवन सफल हो जाता है? जानिए क्या कहती है सुभाषित्

आज का राशिफल

2 जुलाई का दैनिक राशिफल, जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का भविष्यफल

आज का इतिहास

2 जुलाई का इतिहास: पहली महिला IPS से लेकर UNESCO तक, आज के दिन हुई थीं ये बड़ी घटनाएं

तमिलनाडु, मुख्यमंत्री जोसेफ विजय

गोवंश वध प्रतिबंध के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची विजय सरकार, मद्रास HC के आदेश को चुनौती, कहा- “यह रोक सही नहीं”

प्रतीकात्मक तस्वीर

लुधियाना के मिशनरी स्कूल में हिंदू बच्चे से बर्बरता: मासूम को अलग बैठाकर किया प्रताड़ित, प्रिंसिपल सैमुअल पर केस दर्ज!

भगवंत मान, मुख्यमंत्री, पंजाब

पंजाब: जिस ‘जीराम जी योजना’ को विधानसभा में दी थीं गालियां, पैसों के लिए AAP सरकार ने अब उसी को किया लागू!

Amritsar Drone Weapon Smuggling Case Punjab Police Deaddiction Centre Seizure

पंजाब में बड़ा खेल: नशा छुड़ाओ केंद्र की आड़ में चल रहा था पाकिस्तानी हथियारों का धंधा, विदेशी पिस्तौलें बरामद!

बहुआयामी वीर सावरकर (3) : निर्भीक उपन्यासकार

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies